बुनकरों की मांग निकलने तथा रूई में तेजी का रुख होने के कारण बिकवाली कमजोर होने से सूत बाजार में कॉटन यार्न व हौजरी यार्न की कीमतों में मजबूती का रुख रहा। सप्लाई कमजोर होने से कॉटन वेस्ट के भाव 4 रुपए प्रति किलो बढ़ गये। उत्तर भारत की मंडियों में रूई की आवक 500 गांठों के लगभग होने तथा कताई मिलों की मांग निकलने से जे-34 रूई के भाव 6000/6250 रुपए प्रति मन हो गये। अंतर्राष्टï्रीय बाजार में लिवाली बढऩे से कॉटन वायदे में तेजी का रुख रहा। रूई में तेजी का रुख होने के कारण कताई मिलों द्वारा ऊंचे भाव बोले जाने एवं उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा तथा लोकल की बुनकरों की मांग निकलने से कोर्स काउंट 4 कोन 105/110 रुपए, 6 कोन के भाव 115/1125 रुपए, 10 कोन 135/145 रुपए तथा 20 कोन के भाव 160/170 रुपए प्रति किलो बोले गये। बिकवाली कमजोर होने से 2/4 कोन के भाव 120/125 रुपए, 2/10 कोन 165/175 रुपए तथा 2/20 कोन के भाव 180/190 रुपए प्रति किलो पर मजबूत रहे। हौजरी निर्माताओं की लिवाली बढऩे तथा स्टॉकिस्टों की बिकवाली कमजोर होने से 20 कोन के भाव 245/250 रुपए, 30 नम्बर 260/270 रुपए तथा 34 नम्बर के भाव 265/275 रुपए प्रति किलो बोले गये। ओपन एंड मिलों की मांग निकलने तथा हाजिर में माल की कमी के कारण कॉटन वेस्ट कोम्बर के भाव 4 रुपए बढक़र 139/140 रुपए प्रति किलो हो गये। बिकवाली कमजोर होने से फ्लैट स्वीपिंग के भाव 104/105 रुपए, बिलो ड्रापिंग 75/80 रुपए तथा स्वीपिंग के भाव 75/76 रुपए प्रति किलो पर मजबूत रहे।