गत सप्ताह निर्यातकों की लिवाली से बासमती चावल 400/600 रुपए प्रति कुंतल और उछल गया, जबकि उड़द, काबुली चना राजमां चित्रा में मंदा रहा। चना मसूर उड़द बाद में बढ़ गए। आलोच्य सप्ताह यूपी हरियाणा पंजाब राजस्थान उत्तराखंड एवं मध्य प्रदेश के सभी राज्यों की राइस मिलों में धान की आपूर्ति में भारी कमी आ गई, जिससे राइस मिलों में मिलिंग पड़ता महंगा हो जाने से तैयार चावल की भारी कमी बन गई। दूसरी ओर निर्यातकों की लगातार लिवाली चलने से इसके भाव 400/600 रुपए उछलकर 1718 सेला चावल 8300/8400 रुपए एवं 1509 सेला चावल 7700/7800 रुपए प्रति क्विंटल की ऊंचाई पर जा पहुंचे। चावल 1401 स्टीम के भाव भी 8700/8800 रुपए हो गए। इसके साथ-साथ शरबती चावल में भी इसी अनुपात में तेजी दर्ज की गई। दूसरी गेहूं में स्टॉकिस्टों की घबराहट पूर्ण बिकवाली चलने एवं सरकार का टेंडर सुचारू रूप से साप्ताहिक मंदे भाव में बिकने से यहां 20 रुपए प्रति क्विंटल की और गिरावट पर 2700/2720 रुपए प्रति कुंतल मिल क्वालिटी रह गए। गौरतलब है कि 2 सप्ताह के अंतराल 110-120 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट आ गई है। मक्की बाजरे में भी बाजार नरमी लिए बंद हुए। दलहनों में उड़द, सटोरियों की बिकवाली से 9050/9075 रुपए प्रति क्विंटल से लुढक़कर 8800/8810 रुपए एस क्यू क्वालिटी के नीचे के निचलेस्तर पर आ गयी। उड़द एफ ए क्यू के भाव भी इसी अनुपात में मंदे रहे। इधर तुवर भी ग्राहकी कमजोर होने एवं चेन्नई से बिकवाली आने से 8150 से गिरकर नीचे में 7900 रुपए बनने के बाद सप्ताह के उत्तरार्ध में चेन्नई में भाव बढ़ जाने से 8350 रुपए प्रति क्विंटल पर जा पहुंची। दाल में भी भारी गिरावट के बाद थोड़ा मजबूती दर्ज की गई। इधर काबुली चना, नये माल की बिकवाली से बिल्टी में काफी सस्ता होने से यहां 200/300 रुपए घटकर नया माल मीडियम क्वालिटी का 5800/6000 रुपए प्रति क्विंटल रह गया। मोटे मालों में भी 400/500 रुपए की गिरावट दर्ज की गई। राजमां चित्रा में मंदडिय़ों द्वारा लगातार बिकवाली किए जाने से जो इंडियन ब्राज़ील 9200 रुपए बिका था, उसके भाव 8500 रुपए तक नीचे में बोल गए, लेकिन इन भाव में ज्यादा माल बिकवाल नहीं थे। ऐसा आभास हो रहा था कि बाजार को जानबूझकर तोडक़र माल झटकने का जुगाड़ हो रहा है। दूसरी ओर देसी चना मंदे भाव में मिलों की पकड़ मजबूत होने से 100 रुपए बढक़र लॉरेंस रोड पर 5750 रुपए बिक गया, दाल में भी कुछ मजबूती दर्ज की गई, लेकिन दाल मिलों को मिलिंग काफी महंगा चना गया मसूर बिल्टी में यहां 6300 रुपए प्रति क्विंटल बिकने के बाद 6375 रुपए मुंगावली गंज बासौदा लाइन की हो गई, जबकि दाल छांटी एवं मलका में व्यापार कमजोर रहा। अन्य अनाज दाल में मिला-जुला रूख रहा।