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Daily Business Newspaper | A Knowledge Powerhouse in Hindi

19-05-2026

जर्मन कार निर्माता ट्रंप के नए टैरिफ हमले के निशाने पर

  •  जर्मन कार कंपनियां बड़े प्रेशर में है। डोनाल्ड ट्रंप ने यूरोप से इंपोर्ट होने वाली कारों पर अमेरिकी टैरिफ को 15% से बढ़ाकर 25% कर दिया है। ट्रंप का यह कदम जर्मन कार कंपनियों मर्सिडीज, बीएमडल्ब्यू, ऑडी, फोक्सवैगन आदि के लिए एक बड़ा झटका है।  ट्रंप ने हाल ही कहा था कि यूरोपियन यूनियन ने पिछले साल वॉशिंगटन और ब्रसेल्स के बीच हुए समझौते का पालन नहीं किया, जिसके तहत ऑटोमोबाइल इंपोर्ट पर अमेरिकी टैरिफ घटाकर 15' किया गया था। इस समझौते का क्रियान्वयन धीमा रहा है और जून से पहले पूरा होने की उम्मीद नहीं है। इससे यूरोपीय कंपनियों को तेजी से अमेरिका में उत्पादन शिफ्ट करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। इटली के ऑटो पार्ट्स निर्माताओं के लॉबी समूह एएनएफआईए के प्रमुख रोबर्टो वावासोरी ने कहा कि इंडस्ट्री अब पिछले साल लगे शुरुआती अमेरिकी टैरिफ के बाद बढ़ाए गए टैरिफ को संभालने के लिए बेहतर तैयार है। ट्रंप का यह कदम लेकिन यह पहले से झेल रहे झटकों के बाद एक और करारा थप्पड़ है। यह टैरिफ बढ़ाना ट्रंप प्रशासन की मजबूरी लगती है क्योंकि रेसिप्रोकल टैरिफ फेडरल कोर्ट द्वारा रिजेक्ट कर दिये जाने के बाद ट्रंप सरकार को रिफंड के रूप में बड़ा अमाउंट लौटाना होगा। यूरोपीय ऑटो बाजार एनेलिस्ट मैथियास श्मिट ने कहा कि ये बढ़े हुए टैरिफ जर्मनी के प्रीमियम कार मेकर की स्थिति को और कमजोर करेंगे। उन्होंने अनुमान जताया कि 2026 मुनाफा चेतावनियों का एक और साल हो सकता है, और कहा कि ऑडी व पोर्शे उन कंपनियों में शामिल हैं जो ज्यादा प्रभावित होंगी। जिन कंपनियों के पास अमेरिका में लिमिटेड प्रोडक्शन फैसिलिटी उन पर इस बढ़े हुए टैरिफ की मार ज्यादा पड़ेगी। बर्नस्टीन रिसर्च के अनुसार, टैरिफ 10' बढ़ जाने से इस साल जर्मन कार कंपनियों का ऑपरेटिंग प्रॉफिट लगभग 2.6 बिलियन यूरो (करीब 3.05 बिलियन डॉलर) तक घटने की आशंका है। कंपनियां इस बोझ को कम करने के लिए कीमतें बढ़ाएंगी। जर्मनी की ऑटो इंडस्ट्री एक्सपोर्ट पर बहुत ज्यादा निर्भर है। और यह पहले ही चीन में कमजोर डिमांड, स्लो ग्लोबल ग्रोथ और बढ़ती इनपुट व लेबर कॉस्ट के  कारण दबाव में है। फोक्सवैगन ग्रुप, जिसमें ऑडी और पोर्शे शामिल हैं, को 2025 में अमेरिकी टैरिफ के कारण अकेले 4 बिलियन यूरो का नुकसान हुआ। आईएनजी रिसर्च में सीनियर इकोनॉमिस्ट रिको लुमन ने कहा कि ट्रंप अक्सर टैरिफ की धमकी को बातचीत के एक हथियार के रूप में इस्तेमाल करते हैं, लेकिन हमेशा उन्हें लागू नहीं करते। यूरोपियन यूनियन में कानून बनाने की प्रक्रिया में समय लगता है। लेकिन इस ट्रंप टैरिफ के कारण यूरोपियन पार्लियामेंट और काउंसिल को मंजूरी की प्रोसेस को फास्ट्रेक करना होगा।

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जर्मन कार निर्माता ट्रंप के नए टैरिफ हमले के निशाने पर

 जर्मन कार कंपनियां बड़े प्रेशर में है। डोनाल्ड ट्रंप ने यूरोप से इंपोर्ट होने वाली कारों पर अमेरिकी टैरिफ को 15% से बढ़ाकर 25% कर दिया है। ट्रंप का यह कदम जर्मन कार कंपनियों मर्सिडीज, बीएमडल्ब्यू, ऑडी, फोक्सवैगन आदि के लिए एक बड़ा झटका है।  ट्रंप ने हाल ही कहा था कि यूरोपियन यूनियन ने पिछले साल वॉशिंगटन और ब्रसेल्स के बीच हुए समझौते का पालन नहीं किया, जिसके तहत ऑटोमोबाइल इंपोर्ट पर अमेरिकी टैरिफ घटाकर 15' किया गया था। इस समझौते का क्रियान्वयन धीमा रहा है और जून से पहले पूरा होने की उम्मीद नहीं है। इससे यूरोपीय कंपनियों को तेजी से अमेरिका में उत्पादन शिफ्ट करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। इटली के ऑटो पार्ट्स निर्माताओं के लॉबी समूह एएनएफआईए के प्रमुख रोबर्टो वावासोरी ने कहा कि इंडस्ट्री अब पिछले साल लगे शुरुआती अमेरिकी टैरिफ के बाद बढ़ाए गए टैरिफ को संभालने के लिए बेहतर तैयार है। ट्रंप का यह कदम लेकिन यह पहले से झेल रहे झटकों के बाद एक और करारा थप्पड़ है। यह टैरिफ बढ़ाना ट्रंप प्रशासन की मजबूरी लगती है क्योंकि रेसिप्रोकल टैरिफ फेडरल कोर्ट द्वारा रिजेक्ट कर दिये जाने के बाद ट्रंप सरकार को रिफंड के रूप में बड़ा अमाउंट लौटाना होगा। यूरोपीय ऑटो बाजार एनेलिस्ट मैथियास श्मिट ने कहा कि ये बढ़े हुए टैरिफ जर्मनी के प्रीमियम कार मेकर की स्थिति को और कमजोर करेंगे। उन्होंने अनुमान जताया कि 2026 मुनाफा चेतावनियों का एक और साल हो सकता है, और कहा कि ऑडी व पोर्शे उन कंपनियों में शामिल हैं जो ज्यादा प्रभावित होंगी। जिन कंपनियों के पास अमेरिका में लिमिटेड प्रोडक्शन फैसिलिटी उन पर इस बढ़े हुए टैरिफ की मार ज्यादा पड़ेगी। बर्नस्टीन रिसर्च के अनुसार, टैरिफ 10' बढ़ जाने से इस साल जर्मन कार कंपनियों का ऑपरेटिंग प्रॉफिट लगभग 2.6 बिलियन यूरो (करीब 3.05 बिलियन डॉलर) तक घटने की आशंका है। कंपनियां इस बोझ को कम करने के लिए कीमतें बढ़ाएंगी। जर्मनी की ऑटो इंडस्ट्री एक्सपोर्ट पर बहुत ज्यादा निर्भर है। और यह पहले ही चीन में कमजोर डिमांड, स्लो ग्लोबल ग्रोथ और बढ़ती इनपुट व लेबर कॉस्ट के  कारण दबाव में है। फोक्सवैगन ग्रुप, जिसमें ऑडी और पोर्शे शामिल हैं, को 2025 में अमेरिकी टैरिफ के कारण अकेले 4 बिलियन यूरो का नुकसान हुआ। आईएनजी रिसर्च में सीनियर इकोनॉमिस्ट रिको लुमन ने कहा कि ट्रंप अक्सर टैरिफ की धमकी को बातचीत के एक हथियार के रूप में इस्तेमाल करते हैं, लेकिन हमेशा उन्हें लागू नहीं करते। यूरोपियन यूनियन में कानून बनाने की प्रक्रिया में समय लगता है। लेकिन इस ट्रंप टैरिफ के कारण यूरोपियन पार्लियामेंट और काउंसिल को मंजूरी की प्रोसेस को फास्ट्रेक करना होगा।


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