देश के ई-कॉमर्स बाजार के 2030 तक लगभग तीन गुना बढक़र 250 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है, जो वर्तमान में लगभग 90 अरब डॉलर है। गूगल और डेलॉयट की संयुक्त रिपोर्ट में यह संभावना जताई गई। रिपोर्ट के अनुसार, जेन-जेड खरीदारों की बढ़ती संख्या, त्वरित वाणिज्य के तेज विस्तार और एआई के बढ़ते उपयोग से यह वृद्धि होगी। ‘250 अरब डॉलर वाणिज्य सीमा’ शीर्षक वाली इस रिपोर्ट में कहा गया कि इस दशक के अंत तक भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था में 15 करोड़ नए खरीदार जुड़ेंगे। इसमें कहा गया कि लगभग 22 करोड़ की जेन-जेड उपभोक्ता आबादी कुल ऑनलाइन खर्च का 45 प्रतिशत हिस्सा अपने नियंत्रण में रखेगी, जिससे बाजार का रुझान डिजिटल माध्यम से खोज और अत्यधिक व्यक्तिगत खरीदारी की ओर बढ़ेगा। रिपोर्ट में कहा गया कि त्वरित वाणिज्य, जो अभी मुख्य रूप से शहरी क्षेत्रों तक सीमित है, आगे चलकर 50 अरब डॉलर का मजबूत क्षेत्र बन सकता है। इसके ग्राहकों की संख्या दोगुनी होकर सात करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। गूगल इंडिया की प्रबंध निदेशक (कनेक्टेड कंज्यूमर कॉमर्स) ने कहा कि भारतीय वाणिज्य के लिए यह एक महत्वपूर्ण समय है, क्योंकि खरीदारी के तरीकों में मूलभूत बदलाव हो रहा है। आज उपभोक्ता ऐसी सेवाएं चाहते हैं जो एआई और उन्नत प्रौद्योगिकियों से संचालित हों तथा त्वरित आपूर्ति पर आधारित हों।