ऑनलाइन फस्र्ट ब्राण्ड्स जो कि पूजा की सामग्री का विक्रय कर रहे हैं, का मार्केट तेजी से बढ़ रहा है। फास्ट डिलीवरी, स्टेंडर्ड क्वालिटी इसमें अहम बन रहे हैं। यह सेगमेंट एक समय नेबरहुड सप्लायर्स से ज्यादा डॉमीनेटेड था लेकिन इस समय करीब 422 इन्वेस्टर बैक्ड स्टार्टअप्स इस स्पेस में हैं। ट्रेकएक्सएन के अनुसार ओम भक्ति, फूल, स्वास्तिक, हूव, माय पूजा बॉक्स आदि स्टार्टअप्स डायरेक्ट टू कन्ज्यूमर मॉडल, क्विक कॉम्र्स और मार्केटप्लेस पर काम कर रहे हैं। इंडस्ट्री के अनुमानों के अनुसार पूजा की जरूरत की सामग्री का बाजार करीब 40,000 करोड़ रुपये का है और इसमें से पचास प्रतिशत से कम ही ऑर्गेनाइज्ड है। पूजा सामग्री में अगरबत्ती, कपूर, तेल का बाजार करीब 17,000 करोड़ रुपये का है। शेष फूल, प्रसाद आदि शामिल है। ऑनलाइन बिक्री बढऩे का कारण यह है कि इस तरह से क्लीन पैकेजिंग, क्वालिटी वाले रेडी टू यूज किट मिल जाते हैं। क्विक कॉमर्स ने डिलीवरी टाइम को इतना कम कर दिया है। पूजा करने का काम कई बार इन्स्टेंट होता है तो कई बार प्लांड, ऐसे में जल्दी से सामग्री की आवश्यकता पड़ती है। एक्सपर्ट्स के अनुसार क्विक कॉमर्स के माध्यम से 800-900 करोड़ रुपये के स्प्रिच्युअल प्रोडक्ट्स की वार्षिक बिक्री हो रही है। करीब बीस मिलियन हाउसहोल्ड्स इन प्लेटफॉम्र्स से बाइंग कर रहे हैं। ईयर-ऑन-ईयर लेवल पर ग्रोथ करीब 30 प्रतिशत की है। ओम भक्ति के सीईओ और को-फाउंडर के अनुसार क्विक कॉमर्स के कारण पूजा से जुड़ी चीजों की आपूर्ति केवल 10-15 मिनट में हो जाती है। कम्पनी ने फाइनेंशियल ईयर 2025 में 11.5 करोड़ रुपये का रेवेन्यू रिपोर्ट किया। फाइनेंशियल ईयर 2026 में 20.1 करोड़ रुपये का रेवेन्यू लेने की उम्मीद है। फाइनेंशियल ईयर 2027 में 70 करोड़ का रेवेन्यू हो सकता है। स्वास्तिक के को-फाउंडर के अनुसार कन्ज्यूमर्स की उम्मीद के अनुसार ब्राण्डेड प्रोडक्ट्स की डिमांड बढ़ रही है। 2021 में 45 लाख रुपये की आय से शुरूआत की गई और एन्यूअल रेवेन्यू करीब 35 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। एक्सपर्ट्स के अनुसार डिमांड अब और मजबूती के साथ बढऩे की सम्भावना है।