भारत के ऑटो उद्योग के लिए एक बड़ी उपलब्धि के रूप में मारुति सुजुकी ने वित्त वर्ष 2025-26 में अपने इतिहास का अब तक का सबसे अधिक एक्सपोर्ट दर्ज किया है। कंपनी ने इस दौरान 4.47 लाख से अधिक वाहनों का एक्सपोर्ट किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 34 परसेंट से ज्यादा की मजबूत ग्रोथ को दर्शाता है। पहले से ही भारत की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी होने के बावजूद, अब मारुति सुजुकी तेजी से एक वैश्विक खिलाड़ी के रूप में उभर रही है। इस प्रदर्शन के साथ, कंपनी लगातार पांचवें वर्ष भारत की नंबर एक कार एक्सपोर्टरबनी रहने में कामयाब रही है। कंपनी स्मॉल कार, सेडान, एसयूवी और कमर्शियल वाहनों सहित कई कैटेगरी की गाडिय़ों का एक्सपोर्ट करती है, जिससे वह अलग-अलग देशों के ग्राहकों की जरूरतों को पूरा कर पाती है। इस वर्ष की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक ई-विटारा इलेक्ट्रिक कार के एक्सपोर्ट की शुरुआत है, जो कंपनी के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इलेक्ट्रिक वेहीकल कंपनी की भविष्य की मोबिलिटी स्ट्रेटेजी का अहम हिस्सा हैं, और इस दिशा में मारुति का यह कदम रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है। ई-विटारा का निर्माण गुजरात के हंसलपुर स्थित प्लांट में किया जा रहा है, जो अब एक वैश्विक उत्पादन केंद्र के रूप में उभर रहा है। इस कार का एक्सपोर्ट यूरोप और अन्य बाजारों में शुरू हो चुका है। घरेलू बाजार में भी मारुति सुजुकी का प्रदर्शन बेहद मजबूत रहा। मार्च 2026 में कंपनी ने कुल 2,25,251 वाहन बेचे जिसमें से 1,69,428 यूनिट्स की सेल्स भारत में हुई जबकि जबकि 47,040 यूनिट्स का एक्सपोर्ट किया गया। पूरे वित्त वर्ष के दौरान कंपनी की कुल सेल्स 24.2 लाख यूनिट्स तक पहुंच गई, जिसमें घरेलू सेल्स 18.6 लाख यूनिट्स रही, जो कंपनी के इतिहास का सबसे ऊंचा स्तर है। यह लगातार तीसरा वर्ष है जब कंपनी ने कुल सेल्स में 20 लाख यूनिट्स का आंकड़ा पार किया है। मारुति सुजुकी का यह एक्सपोर्ट प्रदर्शन इस बात का स्पष्ट संकेत है कि भारत वैश्विक स्तर पर ऑटोमोबाइल निर्माण का एक प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। भारत में बनी गाडिय़ां अब बड़ी संख्या में इंटरनेशनल मार्केट्स तक पहुंच रही हैं। कंपनी का यह रिकॉर्ड प्रदर्शन केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दर्शाता है कि वह घरेलू और वैश्विक दोनों स्तरों पर तेजी से विस्तार कर रही है और ई-विटारा के यूरोप को शुरू हुए एक्सपोर्ट से न्यूएनर्जी वेहीकल मेकर के रूप में भी भारत की साख मजबूत हो रही है।
