जयपुर। बूम और उसके बाद मंदी से उबर॓ नये परिदृश्य में अफोर्डेबल हाउसिंग के प्रति डवलपर्स की रुचि बढ़ती जा रही है। देश में लगभग 2.5 करोड़ मकानों की कमी चल रही है। आर्थिक मंदी के दौर में कम लागत की आवास सुविधा तैयार करना अधिकांश डवलपर्स की पसंद बन गया था। बाजार में सुधार होने के साथ ही कई डवलपर्स का मूड भी बदला है। रियल्टी विशेषज्ञ अनुज शर्मा के अनुसार ...