बहुत चुनौती का काम है3जी सेवा का संचालन करना  <<  रिजर्व बैंक द्वारा मौदि्रक दरों में बढ़ोतरी के आसार  <<  सैलानियों को आकर्षित करती हैअन्नपूर्णा की चोटी  <<  बिजली खपत में बचत के लिए ग्रीन बिल्डिंग्स की आवश्यकता  <<  बदलाव की आवश्यकता : अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष  <<  ऊंझा में जीरा एवं कोचीन में कालीमिर्च में और तेजी की उम्मीद  <<  कार उत्पादन क्षमता तीस लाख के पार  <<  सफलता में वेशभूषा का योगदान  <<  ऊर्जा उपभोग में चीन से पिछड़ा अमेरिका  <<  ग्वारपाठा से पनप सकता है भीलवाड़ा में एक और उद्योग  <<  
डाबर के तेजी से बढ़ते कदम
डाबर आज देश भर में सबसे तेजी से आगे बढ़ रही फास्ट मूविंग कन्ज्यूमर गुड्स यानि एफएमसीजी कम्पनियों में शामिल है। पिछले कई वर्षों से डाबर सुपरब्रांड की श्रेणी में भी शामिल है। आज एफएमसीजी उत्पादों का शायद
स्पाइस का स्पाइसी सक्सेस
1990 के दशक की शुरुआत में भारत में नरसिम्हाराव के नेतृत्व वाली सरकार ने लाइसेन्सराज की चूलें हिला दी थी। इसके अलावा सार्वजनिक क्षेत्र की सफेद हाथी जैसी
मंदी और कारोबारी प्रबन्धन
यदि किसी कम्पनी की आर्थिक सेहत अच्छी है तो मंदी के इस माहौल में वर्ष 2009 काफी महत्वपूर्ण होगा। इस वर्ष कम्पनियां यदि सही अवसर तलाश कर सही निर्णय करती हैं तो आने वाले वर्षों में कम्पनी के भविष्य के निर्धारण में महत्वपूर्ण कदम साबित हो
बहुत चुनौती का काम है3जी सेवा का संचालन करना
जयपुर। देश की प्रमुख दूरसंचार कंपनियों ने 3 जी सेवा संचालित करने के लिए नीलामी के जरिये हक तो हासिल कर लिया लेकिन इन सेवाआें का ...

कीमतें घटने लगी हैं आलू और सेब की
नई दिल्ली। फल-सब्जियों के बाजार में इन दिनों आलू और सेब की कीमतों में गिरावट का सिलसिला शुरू हो गया है। दोनों में ही उत्पादन ...
शिक्षण को प्रमोट करने के लिए मीडिया अभियान
नई दिल्ली। भारत सरकार के काम-काज की कहानी भी दिलचस्प है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से देश में शिक्षण को प्रमोट करने ...
चीज पी रहा है उरमूल का ‘मुनाफा’
बीकानेर। 25 करोड़ के घाटे का दंश झेल रही बीकानेर की उरमूल डेयरी घाटे से उबरने के प्रयासों की बजाय घाटा और बढ़ाने की मुहिम में ही संलगन‌् है। लाभ कमाना छोड़ उन उत्पादों को तैयार कर रही है जो घाटे बढ़ा रहे हैं। इन उत्पादों में दूध की खपत ज्यादा और मुनाफा है ही नहीं। उरमूल द्वारा चीज का उत्पादन जबर्दस्त घाटे का सौदा साबित हो रहा है लेकिन डेयरी इसके उत्पादन से मोह नहीं छोड़ रही है। क्यों? इसका स्प‌ष्टीकरण तो अधिकारी भी नहीं दे रहे हैं। दूध की घटती आवक जहां डेयरी को सकते में डाले हुए है, वहीं चीज का उत्पादन घाटे को ही बढ़ा रहा है। ...
बताईये कल बाजार में कितना विचलन होगा
मुंबई। देश के शेयर बाजारों का स्वरूप सटोरिया प्रवृत्ति की तरफ और अधिक गहराता जा रहा है। वैसे तो फ्यूचर्स एवं ऑप्शंस का कारोबार ...

‘‘यह सही है कि हर नयी पीढ़ी को पुरानी पीढ़ी की अपेक्षा कुछ अधिक ही मेहनत करनी पड़ती है।’’

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