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Daily Business Newspaper | A Knowledge Powerhouse in Hindi
‘‘दृष्टव्य है कि क्रोध से भ्रम पैदा होता है और भम्र से बुद्धि व्यग्र होती है जो मनुष्य के पतन का कारण है।’’
The good thing about telling the truth is that you don’t have to remember what you said.
हम जिस Free and Market Economy से पैदा होने वाले Human Freedom and Freedom of Capital के दौर में प्रवेश कर आगे बढ़ रहे हैं उसे हम कंज्यूमर के पास...
भारतीय धर्म शास्त्रों में धन-संपत्ति, एेश्वर्य-सुखादि सांसारिक पदार्थों को व्यक्ति के पतन का मूल कारण बताया गया है। व्यक्ति के अन्दर वासना, क्रोध और लालच के ...
विकास के नये दौर को हम जिस तरह Labour v/s Leisure (परिश्रम के स्थान पर आराम) इकोनॉमी और उससे पैदा होने वाली बेरोजगारी बढ़ाने वाली समाज व्यवस्था के नाम से...
जब कोई देश Global Capitalist System की व्यवस्था को अपना लेता है तो वहां पूंजी प्रधान ऐसे अनेक घटनाक्रम घटित होते चले जाते हैं जो दिखने में व्यक्ति की सफलता......
जब कोई देश Creative के स्थान पर Distributive Capitalism या जो रुपैया जमा है उसे ही नहीं वरन अप्रत्याशित उधार लेकर विकास करने की प्रक्रिया को अपनाते हुए गति......