ई - पेपर Subscribe Now!
ePaper Subscribe Now!
Download Android Mobile App
Daily Business Newspaper | A Knowledge Powerhouse in Hindi
‘‘दृष्टव्य है कि क्रोध से भ्रम पैदा होता है और भम्र से बुद्धि व्यग्र होती है जो मनुष्य के पतन का कारण है।’’
In this earthly world... to do harm is often laudable, to do good sometime accounted dangerous folly.
जिस प्रकार मानव जीवन में Blood Of The Body यानि शरीर में खून के पैदा होने, बने रहने व समाप्त होने का महत्त्व होता है ठीक उसी तरह जब कोई देश पूंजी प्रधान विकास......
क्रोध लोकव्यापी रोग है। आत्म सुख में बाधा डालने वाला साधन है, ज्ञान प्राप्ति में बाधक है। कुछ लोग बिना कारण क्रोध करते हैं। इससे शरीर की ऊर्जा नष्ट होती है।...
विकास के नये दौर को हम जिस तरह Labour v/s Leisure (परिश्रम के स्थान पर आराम) इकोनॉमी और उससे पैदा होने वाली बेरोजगारी बढ़ाने वाली समाज व्यवस्था के नाम से...
जब कोई देश Global Capitalist System की व्यवस्था को अपना लेता है तो वहां पूंजी प्रधान ऐसे अनेक घटनाक्रम घटित होते चले जाते हैं जो दिखने में व्यक्ति की सफलता......
जब कोई देश Creative के स्थान पर Distributive Capitalism या जो रुपैया जमा है उसे ही नहीं वरन अप्रत्याशित उधार लेकर विकास करने की प्रक्रिया को अपनाते हुए गति......