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Daily Business Newspaper | A Knowledge Powerhouse in Hindi
‘‘दृष्टव्य है कि क्रोध से भ्रम पैदा होता है और भम्र से बुद्धि व्यग्र होती है जो मनुष्य के पतन का कारण है।’’
You are wise man today if you have learned from yesterday’s blundrs.
शेयर बाजारों के संदर्भ में गत कुछ अर्से से जिस Bull Market (तेजी का बाजार) का परिवर्तन Bear Market (मंदी का बाजार) में हो रहा है उसकी जिस व्यापकता को गत सप्ताह...
समय का पहिया लगातार घूमता है। संसार में रहने वाले हर जीव, राजा हो या प्रजा, गरीब हो या अमीर, समय किसी के लिये नहीं रूकता, कभी एक समान भी नहीं रहता, कभी अच्छा...
विकास के नये दौर को हम जिस तरह Labour v/s Leisure (परिश्रम के स्थान पर आराम) इकोनॉमी और उससे पैदा होने वाली बेरोजगारी बढ़ाने वाली समाज व्यवस्था के नाम से...
जब कोई देश Global Capitalist System की व्यवस्था को अपना लेता है तो वहां पूंजी प्रधान ऐसे अनेक घटनाक्रम घटित होते चले जाते हैं जो दिखने में व्यक्ति की सफलता......
जब कोई देश Creative के स्थान पर Distributive Capitalism या जो रुपैया जमा है उसे ही नहीं वरन अप्रत्याशित उधार लेकर विकास करने की प्रक्रिया को अपनाते हुए गति......