वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद देश का वस्तुओं और सेवाओं का एक्सपोर्ट बीते वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 4.6 प्रतिशत बढक़र 863.11 बिलियन डॉलर के अबतक के उच्चस्तर पर पहुंच गया है। वाणिज्य मंत्रालय के बुधवार को जारी संशोधित आंकड़ों से यह जानकारी मिली। इससे पिछले वित्त वर्ष 2024-25 में वस्तुओं और सेवाओं का एक्सपोर्ट 825.26 बिलियन डॉलर रहा था। आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले वित्त वर्ष में वस्तुओं का एक्सपोर्ट 0.93 प्रतिशत बढक़र 441.78 बिलियन डॉलर रहा, जो 2024-25 में 437.70 बिलियन डॉलर था। एक अधिकारी ने कहा, ‘‘वैश्विक अनिश्चितताओं और वस्तुओं के व्यापार में चुनौतियों के बावजूद भारत के वस्तु एक्सपोर्ट में बढ़ोतरी हुई और इसने कुल एक्सपोर्ट में महत्वपूर्ण योगदान दिया।’’ हालांकि, सेवाओं के एक्सपोर्ट क्षेत्र का प्रदर्शन काफी बेहतर रहा। यह 2024-25 के 387.55 बिलियन डॉलर की तुलना में 2025-26 में बढक़र सर्वकालिक उच्चस्तर 421.32 बिलियन डॉलर पर पहुंच गया। यानी सेवाओं का एक्सपोर्ट 8.71 प्रतिशत बढ़ा। अधिकारी ने बताया कि सेवाओं के एक्सपोर्ट में यह तेज बढ़ोतरी सूचना प्रौद्योगिकी, कारोबारी समाधान और पेशेवर विशेषज्ञता जैसी सेवाओं की बढ़ती वैश्विक मांग को दर्शाती है।