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02-05-2026

उद्योग सेक्टर को बैंक लोन मार्च में 15 प्रतिशत बढ़ा : आरबीआई

  •  उद्योग को दिए जाने वाले बैंक ऋण की सालाना वृद्धि दर मार्च में बढक़र 15 प्रतिशत हो गई। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के जारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई। इस वृद्धि का मुख्य कारण बड़ी कंपनियों को दिए जाने वाले ऋण में लगातार बढ़ोतरी है। आरबीआई ने ‘बैंक ऋण के क्षेत्रवार उपयोग’ से संबंधित यह आंकड़े 41 चुनिंदा बैंकों से जुटाए हैं, जिनका कुल गैर-खाद्य ऋण में लगभग 95 प्रतिशत हिस्सा है।आंकड़ों के अनुसार, 31 मार्च 2026 को समाप्त पखवाड़े में गैर-खाद्य बैंक ऋण सालाना आधार पर 15.9 प्रतिशत बढ़ा, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह वृद्धि 10.9 प्रतिशत थी। आरबीआई ने कहा कि उद्योग क्षेत्र को दिया गया ऋण 15 प्रतिशत बढ़ा, जो पिछले वर्ष इसी अवधि में 8.2 प्रतिशत था। सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र को ऋण में मजबूत वृद्धि बनी रही, वहीं बड़ी कंपनियों को कर्ज भी और मजबूत हुआ। प्रमुख उद्योगों में बुनियादी ढांचा, इंजीनियरिंग, धातु एवं धातु उत्पाद, रसायन तथा पेट्रोलियम और कोयला उत्पाद जैसे क्षेत्रों में ऋण वृद्धि मजबूत रही। भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा कि प्रमुख उद्योगों में बुनियादी ढांचा, इंजीनियरिंग, धातु एवं धातु उत्पाद, रसायन तथा पेट्रोलियम, कोयला उत्पाद और परमाणु ईंधन जैसे क्षेत्रों में बकाया ऋण में मजबूत वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई। आंकड़ों के अनुसार, कृषि और संबद्ध गतिविधियों को दिया गया कर्ज सालाना आधार पर 15.7 प्रतिशत बढ़ा, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह वृद्धि 10.4 प्रतिशत थी। आरबीआई के मुताबिक, सेवा क्षेत्र को दिया गया ऋण 19 प्रतिशत की दर से बढ़ा, जो एक साल पहले इसी अवधि में 12 प्रतिशत था। गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी), व्यापार और वाणिज्यिक रियल एस्टेट जैसे क्षेत्रों में तेजी से यह वृद्धि हुई। केंद्रीय बैंक के अनुसार, व्यक्तिगत ऋण खंड में 16.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो एक वर्ष पहले 11.7 प्रतिशत थी। वाहन ऋण और सोने के आभूषण के बदले दिए जाने वाले कर्ज में मजबूत बढ़ोतरी बनी रही, जबकि आवास ऋण की वृद्धि स्थिर रही।

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उद्योग सेक्टर को बैंक लोन मार्च में 15 प्रतिशत बढ़ा : आरबीआई

 उद्योग को दिए जाने वाले बैंक ऋण की सालाना वृद्धि दर मार्च में बढक़र 15 प्रतिशत हो गई। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के जारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई। इस वृद्धि का मुख्य कारण बड़ी कंपनियों को दिए जाने वाले ऋण में लगातार बढ़ोतरी है। आरबीआई ने ‘बैंक ऋण के क्षेत्रवार उपयोग’ से संबंधित यह आंकड़े 41 चुनिंदा बैंकों से जुटाए हैं, जिनका कुल गैर-खाद्य ऋण में लगभग 95 प्रतिशत हिस्सा है।आंकड़ों के अनुसार, 31 मार्च 2026 को समाप्त पखवाड़े में गैर-खाद्य बैंक ऋण सालाना आधार पर 15.9 प्रतिशत बढ़ा, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह वृद्धि 10.9 प्रतिशत थी। आरबीआई ने कहा कि उद्योग क्षेत्र को दिया गया ऋण 15 प्रतिशत बढ़ा, जो पिछले वर्ष इसी अवधि में 8.2 प्रतिशत था। सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र को ऋण में मजबूत वृद्धि बनी रही, वहीं बड़ी कंपनियों को कर्ज भी और मजबूत हुआ। प्रमुख उद्योगों में बुनियादी ढांचा, इंजीनियरिंग, धातु एवं धातु उत्पाद, रसायन तथा पेट्रोलियम और कोयला उत्पाद जैसे क्षेत्रों में ऋण वृद्धि मजबूत रही। भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा कि प्रमुख उद्योगों में बुनियादी ढांचा, इंजीनियरिंग, धातु एवं धातु उत्पाद, रसायन तथा पेट्रोलियम, कोयला उत्पाद और परमाणु ईंधन जैसे क्षेत्रों में बकाया ऋण में मजबूत वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई। आंकड़ों के अनुसार, कृषि और संबद्ध गतिविधियों को दिया गया कर्ज सालाना आधार पर 15.7 प्रतिशत बढ़ा, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह वृद्धि 10.4 प्रतिशत थी। आरबीआई के मुताबिक, सेवा क्षेत्र को दिया गया ऋण 19 प्रतिशत की दर से बढ़ा, जो एक साल पहले इसी अवधि में 12 प्रतिशत था। गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी), व्यापार और वाणिज्यिक रियल एस्टेट जैसे क्षेत्रों में तेजी से यह वृद्धि हुई। केंद्रीय बैंक के अनुसार, व्यक्तिगत ऋण खंड में 16.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो एक वर्ष पहले 11.7 प्रतिशत थी। वाहन ऋण और सोने के आभूषण के बदले दिए जाने वाले कर्ज में मजबूत बढ़ोतरी बनी रही, जबकि आवास ऋण की वृद्धि स्थिर रही।


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