देश के 12 पीएसयू क्षेत्र के बैंकों में से आठ ने वित्त वर्ष 2025-26 में 13,223 कर्मचारियों की नियुक्ति की है, जिससे उनकी कुल कार्यबल संख्या 6.28 लाख से अधिक हो गई है। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने सबसे अधिक भर्तियां की हैं। बैंकों की वार्षिक रिपोर्ट से संकलित आंकड़ों के विश्लेषण के अनुसार, इन आठ पीएसयू क्षेत्र के बैंकों का कुल कर्मचारी बल 31 मार्च, 2026 को 6,28,203 रहा, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 में यह 6,14,980 था। इन आठ बैंकों में एसबीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा, केनरा बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन बैंक, यूको बैंक और बैंक ऑफ महाराष्ट्र शामिल हैं। चार अन्य पीएसयू क्षेत्र के बैंक पंजाब एंड सिंध बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और इंडियन ओवरसीज बैंक ने अभी तक अपनी वार्षिक रिपोर्ट जारी नहीं की है। एसबीआई ने कार्यबल विस्तार में सबसे आगे रहते हुए गत वित्त वर्ष में 8,905 कर्मचारियों की नियुक्ति की। देश के सबसे बड़े बैंक का कर्मचारी बल वित्त वर्ष 2025-26 में बढक़र 2,45,131 हो गया, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 में यह 2,36,226 था। डिजिटलीकरण और बैंकिंग कार्यों के स्वचालन के बावजूद, कर्मचारियों की संख्या में यह वृद्धि दर्शाती है कि पीएसयू क्षेत्र के बैंक विस्तार, ग्राहक सेवा और प्रौद्योगिकी-आधारित बदलावों के लिए अब भी बड़े कार्यबल पर निर्भर हैं। यह वृद्धि ऐसे समय में हुई है जब पीएसयू क्षेत्र के बैंक बेहतर वित्तीय प्रदर्शन, मजबूत बही-खाते और अधिक कारोबार वृद्धि दर्ज कर रहे हैं। इससे वे प्रौद्योगिकी, जोखिम प्रबंधन, संचालन और शाखा बैंकिंग जैसे क्षेत्रों में मानव संसाधन बढ़ा रहे हैं। एसबीआई का योगदान इस वृद्धि में सबसे अधिक रहा जिसकी कुल नियुक्ति में 67 प्रतिशत हिस्सेदारी रही। बैंक ऑफ बड़ौदा ने 1,685 कर्मचारियों की नियुक्ति की, जिससे इसका कार्यबल 75,008 से बढक़र 76,693 हो गया। बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने 1,005 कर्मचारियों की नियुक्ति की, जिससे इसका कार्यबल 14,591 से बढक़र 15,596 हो गया। केनरा बैंक ने 567 कर्मचारियों को जोड़ा, जिससे इसका कार्यबल 81,827 हो गया। वहीं पंजाब नेशनल बैंक ने 527 कर्मचारियों की वृद्धि के साथ कर्मचारियों की संख्या 96,738 हो गई। बैंक ऑफ इंडिया का कार्यबल 446 कर्मचारियों की वृद्धि के साथ 51,010 हो गया और इंडियन बैंक के 153 कर्मचारियों की नियुक्ति के साथ कुल कर्मचारी 40,224 हो गए।