अंतरराष्ट्रीय बाजार में खाद्य तेलों की कीमतों में नरमी का रुख होने से कांदला में सीपीओ के भाव 250 रुपये प्रति क्विंटल घट गए। भविष्य में भी इसमें अधिक गिरावट की उम्मीद कम है। क्रूड पाम ऑयल की तेजी मंदी के बारे में खबरें पढऩे को मिलती रहती हैं इसी तारतम्य में ताजा सर्वे के अनुसार विदेश में सीपीओ के भाव 25 डॉलर घटकर 1245 डॉलर प्रति टन रह गए। विदेश में आई नरमी तथा आयातको की बिकवाली से कांदला में क्रूड पाम आयल के भाव एक माह के दौरान ऊपरी स्तर से घटकर 11850 रुपये प्रति कुंतल रह गए। अमरीका व ईरान में तनाव बढऩे से होमुर्ज जलडमरूमध्य के बंद हो जाने के कारण विदेशी तेलों के आपूर्ति प्रभावित होने की संभावना बढ़ गई। जिसके कारण घरेलू बाजार में पिछले माह क्रूड पाम ऑयल की कीमत में भारी इजाफा हो गया था। सटोरिया लिवालीबिकवाली बढऩे से उक्त अविध के दौरान सटोरियों की लिवाली से केएलसी वायदा, जून, जुलाई, अगस्त डीलिवरी में उठापठक का रुख रहा। क्रूड ऑयल में आई तेजी के कारण जैव ईंधन में पाम ऑयल की खपत बढऩे की संभावना है। सरकार द्वारा क्रूड पाम ऑयल की टैरिफ दर 1205 से बढ़ाकर 1217 डालर प्रति टन कर दी गई है। विश्व बैंक का अनुमान है कि इस वर्ष ब्रेंट कच्चे तेल की कीमतें औसतन 86 डॉलर प्रति बैरल रहेंगी, जो 2025 में अनुमानित 69 डॉलर प्रति बैरल के औसत से काफी अधिक है। इंडोनेशिया द्वारा एक जुलाई से अनिवार्य रूप से बी 50 बायोडीजल मिश्रण लागू करने की योजना से वैश्विक पाम तेल आपूर्ति में कमी आने की आशंका है। इस नीति से पाम तेल की घरेलू खपत बढ़ेगी, जिससे दुनिया के सबसे बड़े उत्पादक देश से निर्यात उपलब्धता संभावित रूप से कम हो जाएगी। उक्त अवधि के दौरान विदेशी मुद्रा बाजार में डॉलर के तुलना में रुपए की कीमतें में भारी गिरावट रही। वर्तमान हालात को देखते हुए को देखते हुए आने वाले समय में क्रूड पाम ऑयल की कीमतों मे गिरावट की संभावना कम है। क्रूड पाम ऑयल की तेजी अंतरराष्ट्रीय बाजार की तेजी मंदी पर निर्भर करेगी।