वल्र्ड स्टील एसोसिएशन (वल्र्डस्टील) ने सोमवार को कहा कि भारत दुनिया का सबसे तेजी से बढ़ता प्रमुख स्टील बाजार बना है और 2026 में देश में स्टील की मांग 7.9 प्रतिशत बढक़र 17.24 करोड़ टन होने का अनुमान है। उद्योग निकाय ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि 2027 में देश की स्टील मांग आठ प्रतिशत बढक़र 18.62 करोड़ टन तक पहुंचने की उम्मीद है। वल्र्डस्टील ने अनुमान जताया कि 2026 में वैश्विक स्तर पर स्टील की मांग 172.2 करोड़ टन पर लगभग स्थिर रहेगी, जिसके बाद 2027 में यह 1.7 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 175.2 करोड़ तक पहुंच जाएगी। बेल्जियम स्थित इस उद्योग निकाय ने कहा कि दुनिया के सबसे बड़े स्टील उत्पादक देश चीन में 2026 के दौरान मांग में दो प्रतिशत की गिरावट आने की आशंका है। वर्ष 2027 में चीन में गिरावट कम होकर एक प्रतिशत रह सकती है। एसोसिएशन के अनुसार भारत में यह वृद्धि व्यापक आधार पर दर्ज की जा रही है, जिसकी प्रमुख वजह बुनियादी ढांचा निर्माण क्षेत्र बना हुआ है। निजी रियल एस्टेट क्षेत्र से मांग मजबूत बनी हुई है। स्वस्थ विनिर्माण वृद्धि, नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं की बड़ी शृंखला और विनिर्माण क्षमता का निरंतर विस्तार इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल मशीनरी की मांग को बढ़ा रहा है। घरेलू मांग, एक्सपोर्ट की गति और नीतिगत समर्थन से वाहन उत्पादन को बल मिल रहा है। इसमें कहा गया कि खाड़ी देशों में अनिश्चितता समाप्त होने, होर्मुज जलडमरूमध्य के दोबारा खुलने और आपूर्ति शृंखला के सामान्य होने के बाद स्टील की मांग में जोरदार सुधार आने की उम्मीद है।