अफगानिस्तान से हेरा फेरी का छुहारा कम आने से इसमें 50-60 रुपए प्रति किलो की तेजी आ चुकी है तथा नई फसल आने से पहले 60/70 रुपए की और तेजी की संभावना प्रबल हो गई है। छुहारे का स्टॉक देश की सभी मंडियों में गत वर्ष के समान अवधि की तुलना में 38-39 प्रतिशत कम रह गया है। गौरतलब है कि हेरा फेरी का छुहारा अफगानिस्तान की बिल्डिंग से जो 20 प्रतिशत आयात शुल्क में आ रहा था,वह अब कम आ रहा है। इसके अलावा वाया नेपाल भी सीमावर्ती बसों में लोडिंग के द्वारा माल आता था, वह भी कम आने की चर्चा है। इस वजह से छुहारे में 40-50 रुपए प्रति किलो की तेजी आ चुकी है तथा हाजिर माल की कमी एवं आयात महंगा को देखकर इसमें 60-70 रुपए और बढ़ जाने की संभावना है। चर्चा है कि पिछले कई वर्षों से हेरा फेरी का छुहारा पाकिस्तानी वाया अफगानिस्तान की बिल्डिंग पर 20 प्रतिशत आयात शुल्क देकर आ रहा था, क्योंकि पाकिस्तान से 200 प्रतिशत आयात शुल्क है तथा ट्रेड भी प्रतिबंधित है। इस वजह से माल कम आने एवं स्टॉक भी दिल्ली जयपुर अमृतसर इंदौर कानपुर आदि सभी मंडियों में कम होने से ज्यादा नहीं है, इस वजह से जो रंग काट छुहारा नीचे में 100/105 रुपए प्रति किलो चालू महीने के प्रथम सप्ताह में बिका था, उसके भाव 150/160 रुपए प्रति किलो हो गए हैं, बढिय़ा रंग काट 240/250 रुपए हो गया है। लाल माल भी 15/20 बढक़र 120/270 रुपए प्रति किलो तक बोलने लगे हैं। हम मानते हैं कि छुहारे की फसल जुलाई अगस्त में आती है, लेकिन इस बार फसल लेट है तथा पाइप लाइन में कहीं भी माल ज्यादा नहीं है। उधर देश की सीमाओं पर सख्ती होने से ज्यादा हेरा फेरी का माल नहीं आ पा रहा है। बाजारों में चर्चा थी कि नेपाल के रास्ते जो सीमाओं पर बसों द्वारा दिल्ली कानपुर के लिए हेरा फेरी में ड्यूटी फ्री आता था, वह लगभग काफी कम हो चुका है, इन सारी परिस्थितियों को देखते हुए नये फसल आने तक अभी छुहारा शॉर्टेज में रहेगा तथा इस स्थिति में इसमें 60/70 रुपए प्रति किलो की और तेजी के आसार बन गए हैं।