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18-06-2026

एनसीआर में बनेंगी 4 ग्रीनफील्ड नमो सिटी

  •  नेशनल कैपिटल रीजन (एनसीआर) में रीजनल प्लान 2041 के तहत चार नए ग्रीनफील्ड शहर विकसित किए जाएंगे। नमो सिटी नाम के इन शहरों का उद्देश्य एनसीआर में संतुलित क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देना और दिल्ली सहित मौजूदा शहरी केंद्रों पर बढ़ते दबाव को कम करना है। यह फैसला नेशनल कैपिटल रीजन प्लानिंग बोर्ड (एनसीआरपीबी) की बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल ने की। बैठक के बाद उन्होंने कहा कि चार ग्रीनफील्ड शहर विकसित किए जाएंगे और इन्हें नमो शहर के नाम से जाना जाएगा। क्षेत्रीय योजना 2041 के अनुसार, आने वाले वर्षों में एनसीआर तेजी से शहरी क्षेत्र में बदलने वाला है। अनुमान है कि एनसीआर की शहरी आबादी वर्ष 2031 तक लगभग 57 परसेंट और वर्ष 2041 तक लगभग 67 परसेंट तक पहुंच सकती है। ऐसे में नए शहरों की जरूरत बढ़ेगी। बैठक में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और उत्तर प्रदेश तथा राजस्थान के शहरी विकास मंत्री भी शामिल हुए। योजना में हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में नए आर्थिक और आवासीय केंद्र विकसित करने की रणनीति तैयार की गई है। ग्रीनफील्ड शहर का मतलब ऐसा नया शहर होता है जिसे किसी पुराने शहर के विस्तार या पुनर्विकास के बजाय बिल्कुल नई जमीन पर शुरू से विकसित किया जाता है। ऐसे शहरों की पूरी योजना पहले ही तैयार की जाती है, जिसमें सडक़ें, आवास, सार्वजनिक परिवहन, बिजली-पानी की व्यवस्था, स्कूल, अस्पताल और व्यावसायिक क्षेत्र शामिल होते हैं। इन शहरों का लक्ष्य आधुनिक और सुव्यवस्थित शहरी केंद्र तैयार करना है, जो भविष्य की आबादी को संभाल सकें और दिल्ली जैसे पुराने शहरों पर बढ़ते दबाव को कम कर सकें। सरकार ने अभी तक चारों प्रस्तावित नमो शहरों के स्थानों की घोषणा नहीं की है। मनोहर लाल ने बताया कि राज्य सरकारें संभावित स्थानों के प्रस्ताव भेजेंगी और इसके बाद प्रतिस्पर्धी चयन प्रक्रिया के माध्यम से चार शहर चुने जाएंगे। इन नए शहरी केंद्रों के विकास के लिए 5 हजार करोड़ का प्रावधान किया गया है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्यों में आरआरटीएस कॉरिडोर के आसपास चार नए ग्रीनफील्ड शहर विकसित किए जाएंगे। इससे संकेत मिलता है कि नए शहर दिल्ली को हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान से जोडऩे वाले तेज रफ्तार रेल मार्गों के आसपास विकसित हो सकते हैं। फिलहाल दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ आरआरटीएस कॉरिडोर पर नमो भारत ट्रेन चल रही है, जिसकी गति 160 किलोमीटर प्रति घंटा तक है। आरआरटीएस नेटवर्क के तहत आठ कॉरिडोर और बनाए जाने हैं जिनमें राजस्थान में दिल्ली-गुरुग्राम-रेवाड़ी-अलवर भी शामिल है।

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एनसीआर में बनेंगी 4 ग्रीनफील्ड नमो सिटी

 नेशनल कैपिटल रीजन (एनसीआर) में रीजनल प्लान 2041 के तहत चार नए ग्रीनफील्ड शहर विकसित किए जाएंगे। नमो सिटी नाम के इन शहरों का उद्देश्य एनसीआर में संतुलित क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देना और दिल्ली सहित मौजूदा शहरी केंद्रों पर बढ़ते दबाव को कम करना है। यह फैसला नेशनल कैपिटल रीजन प्लानिंग बोर्ड (एनसीआरपीबी) की बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल ने की। बैठक के बाद उन्होंने कहा कि चार ग्रीनफील्ड शहर विकसित किए जाएंगे और इन्हें नमो शहर के नाम से जाना जाएगा। क्षेत्रीय योजना 2041 के अनुसार, आने वाले वर्षों में एनसीआर तेजी से शहरी क्षेत्र में बदलने वाला है। अनुमान है कि एनसीआर की शहरी आबादी वर्ष 2031 तक लगभग 57 परसेंट और वर्ष 2041 तक लगभग 67 परसेंट तक पहुंच सकती है। ऐसे में नए शहरों की जरूरत बढ़ेगी। बैठक में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और उत्तर प्रदेश तथा राजस्थान के शहरी विकास मंत्री भी शामिल हुए। योजना में हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में नए आर्थिक और आवासीय केंद्र विकसित करने की रणनीति तैयार की गई है। ग्रीनफील्ड शहर का मतलब ऐसा नया शहर होता है जिसे किसी पुराने शहर के विस्तार या पुनर्विकास के बजाय बिल्कुल नई जमीन पर शुरू से विकसित किया जाता है। ऐसे शहरों की पूरी योजना पहले ही तैयार की जाती है, जिसमें सडक़ें, आवास, सार्वजनिक परिवहन, बिजली-पानी की व्यवस्था, स्कूल, अस्पताल और व्यावसायिक क्षेत्र शामिल होते हैं। इन शहरों का लक्ष्य आधुनिक और सुव्यवस्थित शहरी केंद्र तैयार करना है, जो भविष्य की आबादी को संभाल सकें और दिल्ली जैसे पुराने शहरों पर बढ़ते दबाव को कम कर सकें। सरकार ने अभी तक चारों प्रस्तावित नमो शहरों के स्थानों की घोषणा नहीं की है। मनोहर लाल ने बताया कि राज्य सरकारें संभावित स्थानों के प्रस्ताव भेजेंगी और इसके बाद प्रतिस्पर्धी चयन प्रक्रिया के माध्यम से चार शहर चुने जाएंगे। इन नए शहरी केंद्रों के विकास के लिए 5 हजार करोड़ का प्रावधान किया गया है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्यों में आरआरटीएस कॉरिडोर के आसपास चार नए ग्रीनफील्ड शहर विकसित किए जाएंगे। इससे संकेत मिलता है कि नए शहर दिल्ली को हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान से जोडऩे वाले तेज रफ्तार रेल मार्गों के आसपास विकसित हो सकते हैं। फिलहाल दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ आरआरटीएस कॉरिडोर पर नमो भारत ट्रेन चल रही है, जिसकी गति 160 किलोमीटर प्रति घंटा तक है। आरआरटीएस नेटवर्क के तहत आठ कॉरिडोर और बनाए जाने हैं जिनमें राजस्थान में दिल्ली-गुरुग्राम-रेवाड़ी-अलवर भी शामिल है।


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