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13-06-2026

ईसीएलजीसी स्कीम में 48 हजार करोड़ के लोन अप्रूव्ड

  •  इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम (ईसीएलजीसी) 5.0 के तहत जारी गारंटियों की संख्या 1 लाख का आंकड़ा पार कर गई है। सरकार द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, योजना के तहत अब तक कुल 1,06,549 गारंटी जारी की जा चुकी हैं। इस योजना के अंतर्गत कुल 48,484 करोड़ की गारंटी प्रदान की गई है। इसका सबसे बड़ा लाभ एमएसएमई क्षेत्र को मिला है। कुल जारी गारंटियों में से 96 परसेंट एमएसएमई यूनिट्स को मिली हैं और कुल गारंटी राशि में उनका हिस्सा लगभग 86 परसेंट है। ईसीएलजीसी 5.0 को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसयू) के जरिए लागू किया जा रहा है। इस योजना में एमएसएमई को दिए गए लोन पर सरकार 100 परसेंट  देती है जबकि गैर-एमएसएमई के लिए स्वीकृत लोन पर 90 परसेंट गारंटी दी जाती है। सरकार के अनुसार, इस स्कीम के जरिए पात्र कंपनियों को लगभग 2.55 लाख करोड़ तक का फंड उपलब्ध कराना है। यह योजना विशेष रूप से उन कारोबारों की मदद के लिए बनाई गई है, जिन्हें कोविड के बाद की आर्थिक चुनौतियों और ईरान वॉर के के कारण नकदी संकट का सामना करना पड़ा। सरकार ने यह भी कहा कि ईरान वॉर के माहौल में यह योजना छोटे व्यवसायों को लोन उपलब्धता बनाए रखने में मदद कर रही है। योजना की पहुंच बढ़ाने के लिए सरकार ने नौ स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए हैं। अब इसके दूसरे चरण के आउटरीच कार्यक्रम पर भी विचार किया जा रहा है, जिससे अधिक पात्र व्यवसायों तक इसका लाभ पहुंचाया जा सके।

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ईसीएलजीसी स्कीम में 48 हजार करोड़ के लोन अप्रूव्ड

 इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम (ईसीएलजीसी) 5.0 के तहत जारी गारंटियों की संख्या 1 लाख का आंकड़ा पार कर गई है। सरकार द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, योजना के तहत अब तक कुल 1,06,549 गारंटी जारी की जा चुकी हैं। इस योजना के अंतर्गत कुल 48,484 करोड़ की गारंटी प्रदान की गई है। इसका सबसे बड़ा लाभ एमएसएमई क्षेत्र को मिला है। कुल जारी गारंटियों में से 96 परसेंट एमएसएमई यूनिट्स को मिली हैं और कुल गारंटी राशि में उनका हिस्सा लगभग 86 परसेंट है। ईसीएलजीसी 5.0 को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसयू) के जरिए लागू किया जा रहा है। इस योजना में एमएसएमई को दिए गए लोन पर सरकार 100 परसेंट  देती है जबकि गैर-एमएसएमई के लिए स्वीकृत लोन पर 90 परसेंट गारंटी दी जाती है। सरकार के अनुसार, इस स्कीम के जरिए पात्र कंपनियों को लगभग 2.55 लाख करोड़ तक का फंड उपलब्ध कराना है। यह योजना विशेष रूप से उन कारोबारों की मदद के लिए बनाई गई है, जिन्हें कोविड के बाद की आर्थिक चुनौतियों और ईरान वॉर के के कारण नकदी संकट का सामना करना पड़ा। सरकार ने यह भी कहा कि ईरान वॉर के माहौल में यह योजना छोटे व्यवसायों को लोन उपलब्धता बनाए रखने में मदद कर रही है। योजना की पहुंच बढ़ाने के लिए सरकार ने नौ स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए हैं। अब इसके दूसरे चरण के आउटरीच कार्यक्रम पर भी विचार किया जा रहा है, जिससे अधिक पात्र व्यवसायों तक इसका लाभ पहुंचाया जा सके।


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