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11-06-2026

Gems & Jewellery सेक्टर मंदी की चपेट में...

  •  राजस्थान की राजधानी जयपुर कलर्स स्टोन और तैयार ज्वैलरी के लिए दुनियाभर में पहचानी जाती है। यहां से हर साल करीब 18,000 करोड़ रुपए की जैम्स एंड ज्वैलरी का एक्सपोर्ट होता है। टूरिज्म के बाद यह राज्य का सबसे बड़ा फॉरेन एक्सचेंज अर्निंग सेक्टर माना जाता है और इस उद्योग से लगभग चार लाख कारीगर और श्रमिक जुड़े हुए हैं जिनकी रोजी रोटी इसी पर निर्भर है, लेकिन ट्रम्प टैरिफ के साथ-साथ अमरीका-इजरायल-ईरान वॉर से जयपुर के विश्व विख्यात जेम्स एंड ज्वैलरी कारोबार में 50 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। ज्वैलरी सेगमेंट की प्रमुख संस्था ज्वैलर्स एसोसिएशन जयपुर के अध्यक्ष राजू मंगोड़ीवाला के अनुसार ट्रम्प टैरिफ के कारण जयपुर की शान कहे जाने वाले जेम्स एंड ज्वैलरी कारोबार पर विपरीत प्रभाव पड़ा है। इंडस्ट्री में सैंकड़ों श्रमिक बेरोजगार हो गए हैं। केंद्र सरकार जेम्स एंड ज्वैलरी समेत विभिन्न कारोबारी क्षेत्रों को वापस पटरी पर लाने के लिए अथक प्रयास कर रही है। फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का इंडस्ट्री को निश्चित तौर पर बेनेफिट मिलेगा और नए मार्केट एक्सप्लोर होंगे। आम्रपाली ज्वैल्स गु्रप के सीईओ तरंग अरोड़ा के अनुसार ट्रम्प टैरिफ के साथ जियो पॉलिटिकल सिचुएशन के चलते इंडस्ट्री के हालात चिंताजनक बने हुए हैं। सिल्वर, गोल्ड, फाइन ज्वैलरी के साथ फैशन ज्वैलरी का भी मार्केट स्लो बना हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आमजन से गोल्ड न खरीदने की अपील के बाद डोमेस्टिक मार्केट की स्थिति भी अनुकूल नहीं है। कुल मिलाकर इंडस्ट्री के सेंटीमेंट ठीक नहीं है। इंडस्ट्री के जानकारों के अनुसार अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे वॉर का सीधा और नेगेटिव असर जयपुर के मशहूर जेम्स एंड ज्वेलरी कारोबार पर पड़ा है। 28 फरवरी से शुरू हुए इस वॉर के कारण दुनियाभर में जवाहरात तराशने का केंद्र माने जाने वाले जयपुर समेत पूरे प्रदेश का एक्सपोर्ट अप्रैल 2026 में 50 फीसदी घट गया है। जेम एंड ज्वैलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल द्वारा जारी डेटा के अनुसार फाइनेंशियल ईयर 2025 में इंडिया से जेम एंड ज्वैलरी का एक्सपोर्ट 28671 मिलियन डॉलर रहा था, जो फाइनेंशियल ईयर 2026 में 3.68 फीसदी घटकर 27617.3 मिलियन डॉलर रह गया। वहीं राजस्थान की बात की जाए तो फाइनेंंशियल ईयर 2025 में 2104.53 मिलियन डॉलर का जेम एंड ज्वैलरी एक्सपोर्ट हुआ था, जो फाइनेंशियल ईयर 2026 में 9.34 फीसदी घटकर  1908.07 मिलियन डॉलर रह गया। अप्रैल 2025 में राजस्थान से 330.4 मिलियन डॉलर का जेम एंड ज्वैलरी का एक्सपोर्ट किया गया था, जो अप्रैल 2026 में 48 फीसदी घटकर मात्र 173 मिलियन डॉलर रह गया। कुल मिलाकर अप्रैल 2026 में राजस्थान की जेम एंड ज्वैलरी सेक्टर में 48 फीसदी की डी-ग्रोथ देखने को मिली है। अमरीकी मार्केट पर निर्भरता बनी कमजोरी : उद्योग से जुड़े आंकड़ों के अनुसार कुल 18,000 करोड़ रुपये के एक्सपोर्ट में से करीब 3,200 करोड़ रुपए का शेयर अकेले अमरीकी मार्केट का है।   जयपुर बेस्ड जेम पैलेस के प्रमुख सुधीर कासलीवाल के अनुसार एक्सपोर्ट मार्केट में भी दिक्कतें कम होने का नाम नहीं ले रही है। जयपुर में जेम एंड ज्वैलरी की बड़ी एक्सपोर्टर आरएमसी जेम्स इंडिया लि. के चेयरमैन निर्मल बरडिय़ा के अनुसार हाल ही में अमरीका में आयोजित जेसीके ज्वैलरी शो इंडस्ट्री के लिहाज से पॉजीटिव रहा है। एक्सपोर्ट मार्केट में चैलेंजेज जरूर है, लेकिन इस शो के ऑडर्स ओपन होने से इंडस्ट्री का सिनेरियो पॉजिटिव होने की संभावना है।

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Gems & Jewellery सेक्टर मंदी की चपेट में...

 राजस्थान की राजधानी जयपुर कलर्स स्टोन और तैयार ज्वैलरी के लिए दुनियाभर में पहचानी जाती है। यहां से हर साल करीब 18,000 करोड़ रुपए की जैम्स एंड ज्वैलरी का एक्सपोर्ट होता है। टूरिज्म के बाद यह राज्य का सबसे बड़ा फॉरेन एक्सचेंज अर्निंग सेक्टर माना जाता है और इस उद्योग से लगभग चार लाख कारीगर और श्रमिक जुड़े हुए हैं जिनकी रोजी रोटी इसी पर निर्भर है, लेकिन ट्रम्प टैरिफ के साथ-साथ अमरीका-इजरायल-ईरान वॉर से जयपुर के विश्व विख्यात जेम्स एंड ज्वैलरी कारोबार में 50 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। ज्वैलरी सेगमेंट की प्रमुख संस्था ज्वैलर्स एसोसिएशन जयपुर के अध्यक्ष राजू मंगोड़ीवाला के अनुसार ट्रम्प टैरिफ के कारण जयपुर की शान कहे जाने वाले जेम्स एंड ज्वैलरी कारोबार पर विपरीत प्रभाव पड़ा है। इंडस्ट्री में सैंकड़ों श्रमिक बेरोजगार हो गए हैं। केंद्र सरकार जेम्स एंड ज्वैलरी समेत विभिन्न कारोबारी क्षेत्रों को वापस पटरी पर लाने के लिए अथक प्रयास कर रही है। फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का इंडस्ट्री को निश्चित तौर पर बेनेफिट मिलेगा और नए मार्केट एक्सप्लोर होंगे। आम्रपाली ज्वैल्स गु्रप के सीईओ तरंग अरोड़ा के अनुसार ट्रम्प टैरिफ के साथ जियो पॉलिटिकल सिचुएशन के चलते इंडस्ट्री के हालात चिंताजनक बने हुए हैं। सिल्वर, गोल्ड, फाइन ज्वैलरी के साथ फैशन ज्वैलरी का भी मार्केट स्लो बना हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आमजन से गोल्ड न खरीदने की अपील के बाद डोमेस्टिक मार्केट की स्थिति भी अनुकूल नहीं है। कुल मिलाकर इंडस्ट्री के सेंटीमेंट ठीक नहीं है। इंडस्ट्री के जानकारों के अनुसार अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे वॉर का सीधा और नेगेटिव असर जयपुर के मशहूर जेम्स एंड ज्वेलरी कारोबार पर पड़ा है। 28 फरवरी से शुरू हुए इस वॉर के कारण दुनियाभर में जवाहरात तराशने का केंद्र माने जाने वाले जयपुर समेत पूरे प्रदेश का एक्सपोर्ट अप्रैल 2026 में 50 फीसदी घट गया है। जेम एंड ज्वैलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल द्वारा जारी डेटा के अनुसार फाइनेंशियल ईयर 2025 में इंडिया से जेम एंड ज्वैलरी का एक्सपोर्ट 28671 मिलियन डॉलर रहा था, जो फाइनेंशियल ईयर 2026 में 3.68 फीसदी घटकर 27617.3 मिलियन डॉलर रह गया। वहीं राजस्थान की बात की जाए तो फाइनेंंशियल ईयर 2025 में 2104.53 मिलियन डॉलर का जेम एंड ज्वैलरी एक्सपोर्ट हुआ था, जो फाइनेंशियल ईयर 2026 में 9.34 फीसदी घटकर  1908.07 मिलियन डॉलर रह गया। अप्रैल 2025 में राजस्थान से 330.4 मिलियन डॉलर का जेम एंड ज्वैलरी का एक्सपोर्ट किया गया था, जो अप्रैल 2026 में 48 फीसदी घटकर मात्र 173 मिलियन डॉलर रह गया। कुल मिलाकर अप्रैल 2026 में राजस्थान की जेम एंड ज्वैलरी सेक्टर में 48 फीसदी की डी-ग्रोथ देखने को मिली है। अमरीकी मार्केट पर निर्भरता बनी कमजोरी : उद्योग से जुड़े आंकड़ों के अनुसार कुल 18,000 करोड़ रुपये के एक्सपोर्ट में से करीब 3,200 करोड़ रुपए का शेयर अकेले अमरीकी मार्केट का है।   जयपुर बेस्ड जेम पैलेस के प्रमुख सुधीर कासलीवाल के अनुसार एक्सपोर्ट मार्केट में भी दिक्कतें कम होने का नाम नहीं ले रही है। जयपुर में जेम एंड ज्वैलरी की बड़ी एक्सपोर्टर आरएमसी जेम्स इंडिया लि. के चेयरमैन निर्मल बरडिय़ा के अनुसार हाल ही में अमरीका में आयोजित जेसीके ज्वैलरी शो इंडस्ट्री के लिहाज से पॉजीटिव रहा है। एक्सपोर्ट मार्केट में चैलेंजेज जरूर है, लेकिन इस शो के ऑडर्स ओपन होने से इंडस्ट्री का सिनेरियो पॉजिटिव होने की संभावना है।


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