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Daily Business Newspaper | A Knowledge Powerhouse in Hindi

11-05-2026

तन-मन की सेहत के लिए खामोश

  •  कहते हैं कि बेहतर और गहरी नींद कई समस्याओं की छुट्टी करने में कारगर है। वहीं, नींद की अनियमितता तन और मन की सेहत के लिए एक खामोश खतरा कही जाती है। व्यस्त जीवनशैली, काम का दबाव और गैजेट्स के ज्यादा उपयोग के कारण लोग नियमित नींद नहीं ले पा रहे हैं, जिसका गहरा असर उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के अनुसार, अच्छी और नियमित नींद स्वस्थ जीवन की आधारशिला है। यदि समय रहते इसकी अनियमितता पर ध्यान न दिया गया तो यह कई गंभीर समस्याओं को जन्म दे सकती है। नींद की अनियमितता को अक्सर छोटी समस्या समझ लिया जाता है, लेकिन यह धीरे-धीरे याददाश्त कमजोर करने, चिंता बढ़ाने और अवसाद जैसी स्थितियों को निमंत्रण दे सकती है। हेल्थ एक्सपर्ट का कहना है कि बेहतर जीवनशैली के लिए रोजाना एक तय समय पर सोना और उठना बहुत जरूरी है। छोटी-छोटी आदतें बदलकर हम इस खामोश खतरे से बच सकते हैं। नींद की अनियमितता के प्रमुख लक्षणों पर नजर डालें तो कमजोर याददाश्त और भूलने की आदत बढऩा, नींद के दौरान असामान्य हरकतें जैसे चलना या हाथ-पैर ज्यादा मारना। लगातार मानसिक तनाव, चिंता और अवसाद की शिकायत, चिड़चिड़ापन और एकाग्रता में कमी, दिनभर अत्यधिक थकान और सुस्ती महसूस होना शामिल है। ये लक्षण अगर लगातार नजर आएं तो समझना चाहिए कि नींद की अनियमितता शरीर और दिमाग दोनों को नुकसान पहुंचा रही है। एनएचएम बचाव के आसान उपाय भी सुझाता है। एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि नींद की अनियमितता से बचने के लिए कुछ सरल आदतें अपनाई जा सकती हैं। सबसे महत्वपूर्ण है कि रोज एक ही समय पर सोएं और जागें। इससे शरीर की आंतरिक घड़ी यानी बॉडी क्लॉक सही रहता है। नियमित योग या हल्का व्यायाम करना भी नींद को बेहतर बनाने में मदद करता है। शाम को कैफीन युक्त पेय, शराब और धूम्रपान से पूरी तरह दूरी रखें क्योंकि ये नींद को बिगाडऩे वाले प्रमुख कारक हैं। वहीं, सोने से कम से कम एक घंटा पहले मोबाइल, लैपटॉप या टीवी का उपयोग बंद कर दें। नींद से पहले स्क्रीन की नीली रोशनी दिमाग को सक्रिय रखती है और नींद आने में देरी करती है। डॉक्टर्स का मानना है कि अगर हम इन छोटी-छोटी आदतों को अपनी दिनचर्या में शामिल कर लें तो तन-मन दोनों स्वस्थ रह सकते हैं। अच्छी नींद न सिर्फ ऊर्जा बढ़ाती है बल्कि मूड अच्छा रखती है और कई बीमारियों से बचाव करती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि व्यस्त जीवन में भी नींद को प्राथमिकता दें। अगर नींद की समस्या लगातार बनी रहती है तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

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तन-मन की सेहत के लिए खामोश

 कहते हैं कि बेहतर और गहरी नींद कई समस्याओं की छुट्टी करने में कारगर है। वहीं, नींद की अनियमितता तन और मन की सेहत के लिए एक खामोश खतरा कही जाती है। व्यस्त जीवनशैली, काम का दबाव और गैजेट्स के ज्यादा उपयोग के कारण लोग नियमित नींद नहीं ले पा रहे हैं, जिसका गहरा असर उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के अनुसार, अच्छी और नियमित नींद स्वस्थ जीवन की आधारशिला है। यदि समय रहते इसकी अनियमितता पर ध्यान न दिया गया तो यह कई गंभीर समस्याओं को जन्म दे सकती है। नींद की अनियमितता को अक्सर छोटी समस्या समझ लिया जाता है, लेकिन यह धीरे-धीरे याददाश्त कमजोर करने, चिंता बढ़ाने और अवसाद जैसी स्थितियों को निमंत्रण दे सकती है। हेल्थ एक्सपर्ट का कहना है कि बेहतर जीवनशैली के लिए रोजाना एक तय समय पर सोना और उठना बहुत जरूरी है। छोटी-छोटी आदतें बदलकर हम इस खामोश खतरे से बच सकते हैं। नींद की अनियमितता के प्रमुख लक्षणों पर नजर डालें तो कमजोर याददाश्त और भूलने की आदत बढऩा, नींद के दौरान असामान्य हरकतें जैसे चलना या हाथ-पैर ज्यादा मारना। लगातार मानसिक तनाव, चिंता और अवसाद की शिकायत, चिड़चिड़ापन और एकाग्रता में कमी, दिनभर अत्यधिक थकान और सुस्ती महसूस होना शामिल है। ये लक्षण अगर लगातार नजर आएं तो समझना चाहिए कि नींद की अनियमितता शरीर और दिमाग दोनों को नुकसान पहुंचा रही है। एनएचएम बचाव के आसान उपाय भी सुझाता है। एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि नींद की अनियमितता से बचने के लिए कुछ सरल आदतें अपनाई जा सकती हैं। सबसे महत्वपूर्ण है कि रोज एक ही समय पर सोएं और जागें। इससे शरीर की आंतरिक घड़ी यानी बॉडी क्लॉक सही रहता है। नियमित योग या हल्का व्यायाम करना भी नींद को बेहतर बनाने में मदद करता है। शाम को कैफीन युक्त पेय, शराब और धूम्रपान से पूरी तरह दूरी रखें क्योंकि ये नींद को बिगाडऩे वाले प्रमुख कारक हैं। वहीं, सोने से कम से कम एक घंटा पहले मोबाइल, लैपटॉप या टीवी का उपयोग बंद कर दें। नींद से पहले स्क्रीन की नीली रोशनी दिमाग को सक्रिय रखती है और नींद आने में देरी करती है। डॉक्टर्स का मानना है कि अगर हम इन छोटी-छोटी आदतों को अपनी दिनचर्या में शामिल कर लें तो तन-मन दोनों स्वस्थ रह सकते हैं। अच्छी नींद न सिर्फ ऊर्जा बढ़ाती है बल्कि मूड अच्छा रखती है और कई बीमारियों से बचाव करती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि व्यस्त जीवन में भी नींद को प्राथमिकता दें। अगर नींद की समस्या लगातार बनी रहती है तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें।


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