भारत में सीनियर लीडरशिप का परिदृश्य तेजी से बदल रहा है और 94 प्रतिशत अधिकारी नए अवसर तलाशने के लिए तैयार हैं। इसका प्रमुख कारण कॅरियर में तेजी से आगे बढऩे की आकांक्षा है। माइकल पेज इंडिया का हिस्सा पेज एग्जीक्यूटिव इंडिया की ‘एग्जीक्यूटिव कंपनसेशन एंड टैलेंट ट्रेंड्स’ रिपोर्ट के अनुसार, भारत में सीनियर लीडरशिप का परिदृश्य लगातार अधिक गतिशील हो रहा है। रिपोर्ट में कहा गया कि देश में 1,200 से अधिक वरिष्ठ पदों पर कार्यरत अधिकारियों के सर्वेक्षण पर आधारित अध्ययन के अनुसार, अधिकारी कॅरियर में तेजी से आगे बढऩे, व्यापक जिम्मेदारियां संभालने और अधिक प्रभाव डालने के अवसर तलाश रहे हैं। वहीं, संगठनों पर इन आकांक्षाओं के साथ कदम मिलाने का दबाव बढ़ रहा है। पेज एग्जीक्यूटिव इंडिया के अध्ययन के अनुसार, सर्वेक्षण में शामिल लोगों में से 94 प्रतिशत सीनियर्स नए अवसरों के लिए तैयार हैं जबकि 63 प्रतिशत सक्रिय रूप से नई भूमिका की तलाश कर रहे हैं। वहीं, 41 प्रतिशत को उम्मीद नहीं है कि वे एक साल से अधिक समय तक अपनी मौजूदा भूमिका में बने रहेंगे। पेज एग्जीक्यूटिव इंडिया के प्रबंध साझेदार जॉन गोल्डस्टीन ने कहा कि भारत का कार्यकारी टेलेंट मार्केट स्किल की कमी से नहीं, बल्कि संगठनों द्वारा उसे विकसित करने और बनाए रखने की गति से प्रभावित है। आज वरिष्ठ अधिकारी तेजी से आगे बढऩे, अधिक प्रभाव डालने तथा प्रदर्शन के बीच स्पष्ट तालमेल की तलाश कर रहे हैं। रिपोर्ट में कहा गया कि संगठन अब केवल आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) को अपनाने से आगे बढक़र इस बात पर ध्यान दे रहे हैं कि वरिष्ठ नेतृत्व एआई को कामकाज के मॉडल, निर्णय लेने की प्रक्रिया और दल के प्रदर्शन में किस तरह शामिल करता है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत में वरिष्ठ नेतृत्व की भूमिकाओं में एआई तेजी से महत्वपूर्ण होता जा रहा है। 75 प्रतिशत अधिकारी अपने काम में इसका सक्रिय रूप से इस्तेमाल कर रहे हैं। इतनी ही संख्या में अधिकारियों ने उत्पादकता बढऩे की बात कही जबकि 72 प्रतिशत ने काम की गुणवत्ता में सुधार देखा। माइकल पेज के भारत और सिंगापुर के सीनियर मैनेजिंग डायरेक्टर ने कहा कि कार्यकारी स्तर पर एआई को लेकर चर्चा अब इसे अपनाने से आगे बढक़र जवाबदेही पर आ गई है। जैसे-जैसे भूमिकाएं बदल रही हैं और नए कौशल महत्वपूर्ण होते जा रहे हैं। वेतन के संबंध में 65 प्रतिशत अधिकारियों ने कहा कि वे अपने पारिश्रमिक से संतुष्ट हैं जबकि 87 प्रतिशत ने वेतन को नौकरी से संतुष्ट होने का प्रमुख कारण बताया। सर्वेक्षण में पाया गया कि नौकरी बदलने की प्रवृत्ति अब भी बहुत अधिक है और केवल वेतन के जरिये वरिष्ठ नेतृत्व को बनाए रखना पर्याप्त नहीं रह गया है। वरिष्ठ अधिकारी अब करियर में प्रगति और पदोन्नति के अवसरों को अधिक प्राथमिकता दे रहे हैं। रिपोर्ट में कहा गया कि भारत में कौशल-आधारित नियुक्तियां जोर पकड़ रही हैं।