केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि वैश्विक अस्थिरता का भारत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मजबूती से सामना किया है और एआई, सेमीकंडक्टर और रेलवे अगले चरण के बदलाव का नेतृत्व करेंगे। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि रेलवे सेक्टर में बदलाव की गति असाधारण है। पूंजीगत खर्च गत वित्त वर्ष में 2,72,000 करोड़ रुपए रहा है, जो कि कुछ वर्षों पहले 66,000 करोड़ रुपए पर था। वैष्णव ने कहा कि पूरे रेलवे सिस्टम की निष्पादन क्षमता में एक साथ विस्तार हुआ है, जो परियोजना कार्यान्वयन और वितरण में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन को दर्शाता है। उन्होंने आगे कहा लगभग 49,000 किलोमीटर रेलवे ट्रैक का विद्युतीकरण किया जा चुका है, जो जर्मनी के पूरे रेलवे नेटवर्क के बराबर है। डिब्बों और इंजनों के उत्पादन में भी मजबूत वृद्धि हुई है। इसके अतिरिक्त, केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश भर में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण सुविधाओं की एक नई लहर गुणवत्ता-केंद्रित और किफायती विनिर्माण प्रथाओं को बढ़ावा दे रही है, जो तकनीकी रूप से उन्नत और आत्मनिर्भर भारत की नींव रख रही है। वैष्णव ने एआई को इतिहास की सबसे क्रांतिकारी तकनीकी क्रांतियों में से एक बताते हुए कहा कि एआई अभूतपूर्व गति से दुनिया को नया आकार दे रही है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि भारत को एआई के प्रति एक स्पष्ट और रणनीतिक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए, यह सुनिश्चित करते हुए कि देश इस तकनीक का लाभ उठाकर सभी क्षेत्रों में उत्पादकता, गुणवत्ता और उत्पादन दक्षता में सुधार करे। भारत की ऊर्जा आयात पर भारी निर्भरता और आर्थिक स्थिरता के लिए विदेशी मुद्रा भंडार के महत्व पर प्रकाश डालते हुए, उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे विदेशी मुद्रा बहिर्वाह को बढ़ावा देने वाले खर्चों को कम करके और साथ ही विदेशी मुद्रा अर्जित करने और भंडार को मजबूत करने के प्रयासों को बढ़ाकर योगदान दें।