सीईएस के उपाध्यक्ष जॉन केली ने कहा कि विश्व के सबसे बड़े टैक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म सीईएस में भारतीय कंपनियों और स्टार्टअप की उपस्थिति लगातार बढ़ रही है। निश्चित रूप से, हम आने वाले वर्षों में व्यापक भारतीय भागीदारी का स्वागत करते हैं। केली ने विशेष रूप से बेंगलुरु स्थित प्रौद्योगिकी और ‘वियरेबल’ कंपनी अल्ट्राह्यूमन का उल्लेख किया और कहा कि हम इस वर्ष कार्यक्रम में उसका स्वागत करके वास्तव में उत्साहित हैं। अल्ट्राह्यूमन के उत्पादों में दुनिया का सबसे हल्का ‘स्लीप-ट्रैकिंग वियरेबल’, एक निरंतर ‘ग्लूकोज मॉनिटरिंग’ और निवारक रक्त परीक्षण उत्पाद शामिल हैं। केली ने कहा कि उन्हें इस वर्ष के सीईएस में लगभग 150 देशों की भागीदारी की उम्मीद है और व्यापार प्रदर्शनी में भाग लेने वालों एवं प्रदर्शकों में से करीब 40 प्रतिशत अमेरिका के बाहर से होंगे। केली ने साथ ही बताया कि 2024 में सीईएस में पहला भारतीय मंडप बनाया गया थ। कंज्यूमर टेक्नोलॉजी एसोसिएशन (सीटीए) द्वारा आयोजित दुनिया का सबसे शक्तिशाली प्रौद्योगिकी कार्यक्रम ‘सीईएस 2026’ मंगलवार को शुरू हुआ और नौ जनवरी तक चलेगा। यह वैश्विक कंपनियों, स्टार्टअप, उद्योग जगत के अधिकारियों तथा सरकारों को एक साथ लाएगा ताकि वे अगली पीढ़ी की प्रौद्योगिकी का अनुभव कर सकें जो वैश्विक चुनौतियों का समाधान करेंगी। कंज्यूमर टेक्नोलॉजी एसोसिएशन के कार्यकारी प्रमुख एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) गैरी शापिरो ने कहा कि सीईएस के इस वर्ष के संस्करण में 4,000 से अधिक प्रदर्शक, 1300 से अधिक वक्ता और 400 से अधिक सत्र होंगे। सीईएस की वेबसाइट पर दी गई प्रदर्शकों की जानकारी के अनुसार, कई भारतीय कंपनियां, स्टार्टअप और व्यापार संवर्धन संगठन सीईएस 2026 में भाग ले रहे हैं। नॉइज के ‘प्रोडक्ट डिवाइसेस’ के उपाध्यक्ष हामिश पटेल ने कहा कि कंपनी सीईएस में अपने उत्पादों का प्रदर्शन करने को लेकर बेहद उत्साहित है। हमारे पास अपना खुद का अनुसंधान एवं विकास दल है। हम अधिकतर ‘डिजाइन’ खुद तैयार करते हैं और भारत में अधिकतर उत्पादन भी हम खुद ही करते हैं। यहां हमारा उद्देश्य एक जैसे उत्पाद पेश करना नहीं है। हमारे उत्पाद वाकई में सर्वश्रेष्ठ उत्पादों से मुकाबला कर सकते हैं। आर्व्या एक्स टेक्नोलॉजीज सीईएस के उस विशेष मंच यूरेका पार्क में अपने उत्पादों का प्रदर्शन कर रही है जो दुनिया भर के उभरते स्टार्टअप के लिए है। आर्व्या एक्स के फाउंडर एवं सीईओ (रोबोटिक इंजीनियर) शलभ भटनागर ने दुनिया के सबसे बड़े और सबसे प्रतिष्ठित प्रौद्योगिकी कार्यक्रम में भाग लेने पर कहा कि यह एक बहुत बड़ा अवसर है क्योंकि हम न केवल सीईएस में अपनी कंपनी का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, बल्कि हमें लगता है कि हम में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।