देशभर के ट्रांसपोर्टरों के संगठन ऑल इंडिया ट्रांसपोरटर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने मालभाड़े में फ्यूल एडजस्टेड फैक्टर लागू करने का ऐलान किया है। संगठन का कहना है कि ग्लोबल लेवल पर जारी तनाव की वजह से इंटरनेशनल एनर्जी मार्केट और सप्लाई चेन पर गहरा असर पड़ा है जिसके चलते ट्रांसपोर्ट इंडस्ट्री की लागत बहुत बढ़ गई है। एसोसिएशन के अनुसार 15 मई 2026 से डीजल के दामों में बढ़ोतरी हुई है। साथ ही पिछले दो महीनों में डीईएफ यानी एडब्लू की कीमतें करीब दोगुनी हो चुकी हैं। टायर के दाम भी लगभग पांच परसेंट बढ़ चुके हैं। 1 अप्रैल 2026 से पूरे देश में टोल चार्ज भी बढ़ गए हैं। एसोसिएशन का कहना है कि ट्रांसपोर्ट की कुल ऑपरेटिंग कॉस्ट में डीजल का हिस्सा करीब 65 परसेंट होता है इसलिए मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट्स में इन बढ़ी हुई लागतों को जोडऩा जरूरी हो गया है। एसोसिएशन ने फ्यूल एडजस्टेड फैक्टर के लिए एक सीधा फॉर्मूला तय किया है। 15 मई 2026 की डीजल रेट्स को बेस मानते हुए इसके बाद डीजल में हर एक रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी पर फ्रेट रेट में 0.65 परसेंट की बढ़ोतरी की जाएगी।