गत सप्ताह गेहूं की आपूर्ति घटने एवं रोलर फ्लोर मिलों की घटे भाव में मांग निकलने से इसमें 40/45 रुपए प्रति क्विंटल की तेजी आ गई। इसके साथ-साथ मक्की बाजरा उड़द तुवर भी मजबूत बोले गए। दूसरी ओर राजमां चित्रा काबुली चना ग्राहकी के अभाव में दबे रहे। आलोच्य सप्ताह सरकार के अधिकतर धर्म कांटे उखड़ गए, क्योंकि देश में खरीद लक्ष्य से 5 लाख मीट्रिक टन बढक़र 350 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो गई है, जिससे उत्पादक मंडियों में बढिय़ा माल की आपूर्ति घटते ही इसके भाव 50-60 रुपए प्रति कुंतल बढ़ गए। यहां भी उक्त अवधि के अंतराल आपूर्ति में 22-23 प्रतिशत की कमी आने एवं घटे भावों में रोलर फ्लोर मिलों की चौतरफा लिवाली चलने से 40/45 रुपए बढक़र मिल क्वालिटी गेहूं 2710/2730 रुपए प्रति क्विंटल हो गया। आटा मैदा सूजी के भाव भी 10 रुपए प्रति 50 किलो बढ़ गए। मकई में भी रैक वालों की उत्पादक मंडियों में चौतरफा लिवाली चलने से 20 रुपए की बढ़त पर हरियाणा पंजाब पहुंच में यूपी का 2100/2200 रुपए एवं बिहार का 2200/2300 रुपए प्रति क्विंटल पहुंच में व्यापार हो गया। बाजरा भी मौली बरवाला पहुंच में 2150/2200 रुपए तक बढिय़ा क्वालिटी का बिकने की खबर थी। इधर उड़द भी चेन्नई में हाजिर माल की कमी होते ही 150 रुपए बढक़र यहां 8950 रुपए एसक्यू क्वालिटी का हो गया। एफ ए क्यू के भाव भी इसी अनुपात में बढक़र 8275 हो गए। तुवर भी ग्राहकी निकलने से नीचे में 7900 रुपए बिकने के बाद 8000 रुपए लेमन क्वालिटी का हो गया। दाल में भी 100 रुपए की बढ़त लिए बाजार बंद हुए। दूसरी ओर काबुली चने में ग्राहकी की भारी कमी हो जाने से तीन-चार रुपए घटकर महाराष्ट्र का बिना चना 62/65 रुपए एवं इंडियन मैक्सिको 72/75 रुपए प्रति किलो रह गया। मोटा माल छना हुआ 100 रुपए प्रति किलो तक थोक में बिकने की खबर थी। राजमां चित्रा इंडियन ब्राज़ील ग्रहकी के अभाव में 100/200 रुपए घटकर 8800/9200 रुपए प्रति कुंतल रह गया। भूटानी माल भी नरम रहा। इधर अनाजों में बासमती चावल नई साठी धान यूपी में आने से दहशत में 200/400 रुपए घटकर 1401 स्टीम 9200/9300 रुपए एवं 1718 सेला 8100/8200 रुपए प्रति कुंतल रह गया। चावल 1509 सेला 8000/8100 रुपए के बीच बिकने की खबर थी।