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13-06-2026

भारतीय इंजीनियर एआई के साथ प्रतिस्पर्धा नहीं, सहयोग पर ध्यान दें

  •  आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) के कारण नौकरियों पर मंडराते खतरे की आशंकाओं के बीच माइक्रोसॉफ्ट इंडिया के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि यह प्रौद्योगिकी व्यवधान पैदा करने के बजाय कहीं अधिक नए अवसर सृजित करने की क्षमता रखती है। उन्होंने भारतीय इंजीनियरों को सलाह दी कि वे नौकरी जाने के डर को पीछे छोडक़र इसे एक सहयोगी प्रौद्योगिकी के रूप में देखें। माइक्रोसॉफ्ट इंडिया डवलपमेंट सेंटर (आईडीसी) के प्रबंध निदेशक और अध्यक्ष ने कहा कि प्रौद्योगिकी का तेजी से हो रहा विकास अब तकनीकी कौशल के जीवनकाल को छोटा कर रहा है। ऐसे में कार्यबल के लिए निरंतर सीखते रहना और खुद को परिस्थितियों के अनुकूल ढालना बेहद जरूरी हो गया है। विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की ‘फ्यूचर ऑफ जॉब्स रिपोर्ट 2025’ का हवाला देते हुए रेखांकित किया कि साल 2030 तक भारत में लगभग 63 प्रतिशत कार्यबल को बड़े पैमाने पर कौशल बढ़ाने और नया कौशल सीखने की आवश्यकता होगी। उन्होंने युवाओं और युवा इंजीनियरों से अपील की कि वे एआई युग में नौकरी की सुरक्षा की चिंता से आगे बढ़ें और खुद के भीतर लगातार नया सीखने की कला की क्षमता विकसित करें। यही क्षमता उन्हें भविष्य की बदली हुई भूमिकाओं को अपनाने में मदद करेगी।

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भारतीय इंजीनियर एआई के साथ प्रतिस्पर्धा नहीं, सहयोग पर ध्यान दें

 आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) के कारण नौकरियों पर मंडराते खतरे की आशंकाओं के बीच माइक्रोसॉफ्ट इंडिया के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि यह प्रौद्योगिकी व्यवधान पैदा करने के बजाय कहीं अधिक नए अवसर सृजित करने की क्षमता रखती है। उन्होंने भारतीय इंजीनियरों को सलाह दी कि वे नौकरी जाने के डर को पीछे छोडक़र इसे एक सहयोगी प्रौद्योगिकी के रूप में देखें। माइक्रोसॉफ्ट इंडिया डवलपमेंट सेंटर (आईडीसी) के प्रबंध निदेशक और अध्यक्ष ने कहा कि प्रौद्योगिकी का तेजी से हो रहा विकास अब तकनीकी कौशल के जीवनकाल को छोटा कर रहा है। ऐसे में कार्यबल के लिए निरंतर सीखते रहना और खुद को परिस्थितियों के अनुकूल ढालना बेहद जरूरी हो गया है। विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की ‘फ्यूचर ऑफ जॉब्स रिपोर्ट 2025’ का हवाला देते हुए रेखांकित किया कि साल 2030 तक भारत में लगभग 63 प्रतिशत कार्यबल को बड़े पैमाने पर कौशल बढ़ाने और नया कौशल सीखने की आवश्यकता होगी। उन्होंने युवाओं और युवा इंजीनियरों से अपील की कि वे एआई युग में नौकरी की सुरक्षा की चिंता से आगे बढ़ें और खुद के भीतर लगातार नया सीखने की कला की क्षमता विकसित करें। यही क्षमता उन्हें भविष्य की बदली हुई भूमिकाओं को अपनाने में मदद करेगी।


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