देश का ट्रैवल एंड ट्यूरिज्म सेक्टर वेट एंड वॉच वाली स्थिति से गुजर रहा है। वैकेशन सीजन चल रहा है। प्रधानमंत्री ने इंटरनेशनल ट्रिप, डेस्टीनेशन वेडिंग टालने की बात समझा दी है। विदेशी मुद्रा बचाने की कोशिश करनी है। इससे डोमेस्टिक ट्यूरिज्म को बढ़ावा देने की बात आती है। गत वर्ष डोमेस्टिक ट्यूरिज्म में 54 प्रतिशत की वृद्धि रही। एचवीएस एनारॉक रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2030 तक 9500 मिलियन का आंकड़ा पार हो सकता है। आईटीटीसी होटल्स के मैनेजिंग डायरेक्टर के अनुसार डोमेस्टिक ट्यूरिज्म हमेशा से एक मजबूत पिलर रहा है। इससे स्थानीय स्तर पर अर्थव्यस्था सुदृढ़ होती है और लोगों को रोजगार मिलता है। हमारे देश में वाइल्डलाइफ, वैलनेस रिट्रीट, स्प्रिच्युअल ट्यूरिज्म, हैरिटेज आदि की अनंत सम्भावनाएं हैं। समर सीजन में हिमालियन सर्किट, कश्मीर, राजस्थान, गोवा, केरल आदि को एक्सप्लोर किया जा सकता है। होटल एसोसिएशन ऑफ इन्डिया के पे्रसीडेंट के अनुसार डोमेस्टिक ट्यूरिज्म को प्राथमिकता दी जाये तो इससे डोमेस्टिक कन्जम्पशन आगे बढ़ेगा और यह सेक्टर को बड़ी सम्भावना दे सकता है। इसके अलावा सरकार को इनबाउंड ट्रेवल को प्रोत्साहित करना चाहिये क्योंकि इससे फॉरिन एक्सचेंज रिजर्व को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है। फेडरेशन ऑफ एसोसिएशन इन इन्डियन ट्यूरिज्म एंड हॉस्पीटेलिटी के जनरल सेके्रटरी वीजा नियमों में सरलीकरण, कनेक्टिविटी बढ़ाने से इन्डिया ट्यूरिज्म को प्रमोट करने में मदद मिलेगी। ज्यादा संख्या में विदेशी पर्यटक भारत भ्रमण पर आयें, इसके लिये प्रयास करने होंगे। वर्ष 2025 में विदेशी पर्यटकों की संख्या 9.02 मिलियन रही थी और यह इससे पूर्व वर्ष से 9.4 प्रतिशत कम थी। जहां तक देश के हॉस्पीटेलिटी प्लेयर्स का सवाल है तो प्रधानमंत्री की अपील का ज्यादा प्रभाव नहीं देखा जा रहा है। अभी स्लोडाउन जैसी स्थिति नहीं है और बुकिंग्स हो रही है। रैडीसन होटल गु्रप के एक अधिकारी के अनुसार उनके पोर्टफोलियो के पचास प्रतिशत के करीब होटल टीयर टू या टीयर थ्री सिटीज में है। ऐसे में डोमेस्टिक ट्रेवल बढऩे पर इमर्जिंग डेस्टीनेशंस के लिये बेहतर सम्भावना बन सकती है। जयपी होटल्स एंड रिसॉर्ट्स की मार्केटिंग हैड के अनुसार कन्ज्यूमर के स्पेंडिंग पैटर्न में शिफ्ट नजर आ सकता है, न कि ट्रैवलिंग इंटेंट में। लोग शॉर्ट अफोर्डेबल एक्सपीरियंस पर जा सकते हैं। 2026 में डोमेस्टिक ट्यूरिज्म वेडिंग्स, एमआईसीई, एक्सपेरीमेंटल ट्रैवल के लिहाज से बेहतर रहा लेकिन जियो पॉलिटिकल कारणों ने ग्रहण लगाने का काम किया है। डोमेस्टिक लेवल पर उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और नॉर्थ ईस्ट में सबसे ज्यादा डिमांड देखी जा रही है। ट्रैवल पोर्टल इजीमायट्रिप के सीईओ के अनुसार प्रधानमंत्री की अपील वैल्यू कॉन्शियल ट्रैवल को बढ़ावा देगी। आरपीजी गु्रप के चेयरमैन ने कहा है कि हमें जिम्मेदार नागरिक के तौर पर अपनी जिम्मादारी को निभाना है। मर्सीडीज बेंज, डियागो इन्डिया आदि कॉर्पोरेट्स ने ट्रैवल को सीमित करने हुए वच्र्युअल मीटिंग्स को प्राथमिकता देना शुरू किया है।