जापान में गोल्ड का सालाना प्रोडक्शन केवल 4 टन है लेकिन पिछले वित्त वर्ष में देश से गोल्ड एक्सपोर्ट का रिकॉर्ड बन गया। वित्त वर्ष 26 में जापान से गोल्ड का एक्सपोर्ट 35.6 परसेंट उछलकर 25.5 बिलियन डॉलर पहुंच गया जो अब तक का रिकॉर्ड है। गोल्ड प्राइस में आई भयंकर तेजी का जापान ने जमकर फायदा उठाया है। जापान से एक्सपोर्ट होने वाले गोल्ड की की औसत कीमत रिकॉर्ड 117,400 डॉलर प्रति किलो रही जो पिछले साल की तुलना में 48.7 परसेंट अधिक है। पिछले वित्त वर्ष में जापान का इंपोर्ट 120 परसेंट बढक़र रिकॉर्ड 1.1 बिलियन डॉलर रहा। इसका सीधा अर्थ है कि जापान का गोल्ड प्रोडक्शन और इंपोर्ट मिलाकर जितना होता है जापान ने उससे कहीं ज्यादा एक्सपोर्ट कर दिया। जापान की फाइनेंस मिनिस्ट्री का कहना है कि देश में पहले स्मगलिंग के जरिए लाए गए गोल्ड को एक्सपोर्ट कर दिया गया। जापान में गोल्ड पर 10 परसेंट इंपोर्ट ड्यूटी लगती है। स्मगलर इससे बचने के लिए सोने की तस्करी करते हैं। देश में इसे टैक्स लगाकर बेचा जाता है और इस तरह प्रॉफिट कमाया जाता है। हाल में गोल्ड प्राइस में आई तेजी का फायदा उठाने के लिए भारी मात्रा में इसे एक्सपोर्ट किया गया है।जापान में गोल्ड प्रोडकक्शन मुख्य रूप से हिशिकारी माइन में होता है। इसका सालाना प्रोडक्शन 4 टन है जबकि देश में गोल्ड की सालाना डिमांड 15 से 35 टन है। जापान के सेंट्रल बैंक के पास करीब 845.97 टन गोल्ड है। हाल के दिनों में सेंट्रल बैंकों ने गोल्ड रिजर्व बढ़ाया है। 2025 में उनके कुल रिजर्व में गोल्ड का शेयर 26.6 परसेंट हो गया जो 1993 के बाद सबसे अधिक है।