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28-05-2026

कोरिया ने कैसे कर दिया डबल धमाका?

  •  दस साल में केवल एक बार ऐसा हुआ जब साउथ कोरिया की जीडीपी ग्रोथ 3 परसेंट के लेवल को फांद पाई। एनेलिस्ट इसे प्रोलॉन्ग्ड लो ग्रोथ फे•ा (यानी धीमी ग्रोथ का लंबा दौर)  कहा जाएगा। वैसे लो बर्थ के कारण घटती आबादी साउथ कोरिया के लिए सबसे बड़ा क्राइसिस है। लेकिन कहानी साउथ कोरिया के क्राइसिस की नहीं बल्कि उसके हाथ लगे खजाने की हैं। आप जानते हैं भारत से इंवेस्टर पैसा निकाल रहे हैं क्योंकि यहां एआई ईकोसिस्टम में प्रोफिट कमाने के मौके नहीं हैं। वहीं साउथ कोरिया ने एआई के दम पर अपने दो आर्च राइवल (चिर प्रतिद्वंद्वी) चीन और जापान को पीछे छोड़ दिया है।

    पहले सैमसंग : कुछ दिनों पहले सैमसंग साउथ कोरिया की पहली कंपनी बनी थी जिसका मार्केट कैप 1 ट्रिलियन डॉलर को पार कर गया था। इस लेवल को पार करते ही सैमसंग इलेक्ट्रोनिक्स गूगल, मेटा और टेस्ला वाले अमेरिकी इलीट क्लब में शामिल हो गई। दरअसल इन दिनों एआई डेटा सेंटर के लिए स्टोरेज (चिप) की डिमांड बहुत ज्यादा है और सैमसंग दुनिया की सबसे बड़ी चिप मैन्युफैक्चरर में शामिल होती है। एआई चिप की हाई डिमांड के कारण सैमसंग को विंडफॉल का फायदा मिल रहा है। नतीजा शेयर जनवरी 25 से करीब 149 परसेंट बढ़ चुके हैं  और कंपनी का मार्केट कैप 1.28 ट्रिलियन डॉलर हो गया है।

    फिर एसके हाईनिक्स : एआई बूम का फायदा एसके हाईनिक्स को भी मिला है और यह भी सैमसंग की ही तरह 1 ट्रिलियन डॉलर के मार्केट कैप लेवल को पार करने में कामयाब रही। रिपोर्ट्स के अनुसार एसके हाईनिक्स का मार्केट कैप 1.01 ट्रिलियन डॉलर हो गया। ट्रिलियन डॉलर क्लब की टॉप 10 कंपनियों में से आठ अमेरिकी हैं। ताईवान की चिप मेकर टीएसएमसी और सऊदी की तेल कंपनी अरामको भी इनमें शामिल हैं। इस लिस्ट में 11वें और 12वें पायदान पर सैमसंग और एसके हाईनिक्स ने जगह बना ली है। एआई डाटा सेंटर और एडवांस्ड चिपसेट्स की मांग के कारण ग्लोबल सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री में भारी उछाल आया है। एनवीडिया जैसी कंपनियों की एआई चिप में इस्तेमाल होने वाली हाई-बैंडविड्थ मेमोरी चिप की डिमांड तेजी से बढ़ी है। रिपोर्ट के अनुसार केवल पहली तिमाही में मेमोरी चिप की कीमतें दोगुनी हो गईं और इसका फायदा मेमोरी चिप कंपनियों को मिल रहा है। एनेलिस्ट्स कहते हैं मेमोरी चिप की डिमांड और सप्लाई में बड़ा गैप है ऐसे में 2028 से पहले प्राइस घटने की उम्मीद कम है। एआई चिप बूम के कारण साउथ कोरिया का बेचमार्क इंडेक्स कोस्पी रिकॉर्ड हाई लेवल पर पहुंच गया और कोस्पी के मार्केटकैप में 50 परसेंट शेयर सैमसंग और एसके हाईनिक्स का है। इस विंडफॉल फायदे के कारण अमेरिका के इतर साउथ कोरिया ऐसा पहला देश बन गया है जिसकी एक से अधिक कंपनियां 1 ट्रिलियन डॉलर क्लब में शामिल हैं। सैमसंग और एसके हाईनिक्स में हो रही इस भयंकर ग्रोथ का बड़ा कारण दुनियाभर के इंवेस्टर का एआई में कमाई के सीमित मौकों पर टूट पडऩा है। इसीलिए भारत से इंवेस्टर पैसा निकाल रहे हैं और साउथ कोरिया में लगा रहे हैं क्योंकि एआई कंपनियों को ग्लोबल स्ट्रेटेजिक असैट माना जा रहा है।

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कोरिया ने कैसे कर दिया डबल धमाका?

 दस साल में केवल एक बार ऐसा हुआ जब साउथ कोरिया की जीडीपी ग्रोथ 3 परसेंट के लेवल को फांद पाई। एनेलिस्ट इसे प्रोलॉन्ग्ड लो ग्रोथ फे•ा (यानी धीमी ग्रोथ का लंबा दौर)  कहा जाएगा। वैसे लो बर्थ के कारण घटती आबादी साउथ कोरिया के लिए सबसे बड़ा क्राइसिस है। लेकिन कहानी साउथ कोरिया के क्राइसिस की नहीं बल्कि उसके हाथ लगे खजाने की हैं। आप जानते हैं भारत से इंवेस्टर पैसा निकाल रहे हैं क्योंकि यहां एआई ईकोसिस्टम में प्रोफिट कमाने के मौके नहीं हैं। वहीं साउथ कोरिया ने एआई के दम पर अपने दो आर्च राइवल (चिर प्रतिद्वंद्वी) चीन और जापान को पीछे छोड़ दिया है।

पहले सैमसंग : कुछ दिनों पहले सैमसंग साउथ कोरिया की पहली कंपनी बनी थी जिसका मार्केट कैप 1 ट्रिलियन डॉलर को पार कर गया था। इस लेवल को पार करते ही सैमसंग इलेक्ट्रोनिक्स गूगल, मेटा और टेस्ला वाले अमेरिकी इलीट क्लब में शामिल हो गई। दरअसल इन दिनों एआई डेटा सेंटर के लिए स्टोरेज (चिप) की डिमांड बहुत ज्यादा है और सैमसंग दुनिया की सबसे बड़ी चिप मैन्युफैक्चरर में शामिल होती है। एआई चिप की हाई डिमांड के कारण सैमसंग को विंडफॉल का फायदा मिल रहा है। नतीजा शेयर जनवरी 25 से करीब 149 परसेंट बढ़ चुके हैं  और कंपनी का मार्केट कैप 1.28 ट्रिलियन डॉलर हो गया है।

फिर एसके हाईनिक्स : एआई बूम का फायदा एसके हाईनिक्स को भी मिला है और यह भी सैमसंग की ही तरह 1 ट्रिलियन डॉलर के मार्केट कैप लेवल को पार करने में कामयाब रही। रिपोर्ट्स के अनुसार एसके हाईनिक्स का मार्केट कैप 1.01 ट्रिलियन डॉलर हो गया। ट्रिलियन डॉलर क्लब की टॉप 10 कंपनियों में से आठ अमेरिकी हैं। ताईवान की चिप मेकर टीएसएमसी और सऊदी की तेल कंपनी अरामको भी इनमें शामिल हैं। इस लिस्ट में 11वें और 12वें पायदान पर सैमसंग और एसके हाईनिक्स ने जगह बना ली है। एआई डाटा सेंटर और एडवांस्ड चिपसेट्स की मांग के कारण ग्लोबल सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री में भारी उछाल आया है। एनवीडिया जैसी कंपनियों की एआई चिप में इस्तेमाल होने वाली हाई-बैंडविड्थ मेमोरी चिप की डिमांड तेजी से बढ़ी है। रिपोर्ट के अनुसार केवल पहली तिमाही में मेमोरी चिप की कीमतें दोगुनी हो गईं और इसका फायदा मेमोरी चिप कंपनियों को मिल रहा है। एनेलिस्ट्स कहते हैं मेमोरी चिप की डिमांड और सप्लाई में बड़ा गैप है ऐसे में 2028 से पहले प्राइस घटने की उम्मीद कम है। एआई चिप बूम के कारण साउथ कोरिया का बेचमार्क इंडेक्स कोस्पी रिकॉर्ड हाई लेवल पर पहुंच गया और कोस्पी के मार्केटकैप में 50 परसेंट शेयर सैमसंग और एसके हाईनिक्स का है। इस विंडफॉल फायदे के कारण अमेरिका के इतर साउथ कोरिया ऐसा पहला देश बन गया है जिसकी एक से अधिक कंपनियां 1 ट्रिलियन डॉलर क्लब में शामिल हैं। सैमसंग और एसके हाईनिक्स में हो रही इस भयंकर ग्रोथ का बड़ा कारण दुनियाभर के इंवेस्टर का एआई में कमाई के सीमित मौकों पर टूट पडऩा है। इसीलिए भारत से इंवेस्टर पैसा निकाल रहे हैं और साउथ कोरिया में लगा रहे हैं क्योंकि एआई कंपनियों को ग्लोबल स्ट्रेटेजिक असैट माना जा रहा है।


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