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05-06-2026

भारतीय कंपनियां अमेरिका में बड़े ब्रांड की मालिक बनने की ओर अग्रसर : रितेश अग्रवाल

  •  आतिथ्य क्षेत्र से जुड़े ऑनलाइन मंच ओयो की मूल कंपनी प्रिज़्म के संस्थापक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) रितेश अग्रवाल ने कहा कि भारतीय कंपनियां अब अमेरिका में बड़े ब्रांडों की मालिक बनने की ओर अग्रसर हैं जिससे भारतीय ‘सॉफ्ट पावर’ बॉलीवुड और आईटी से आगे बढ़ेगी। अग्रवाल ने कहा कि भारत एफएएएनजी यानी मेटा, अमेजन, एप्पल, नेटफ्लिक्स और गूगल जैसी प्रमुख अमेरिकी प्रौद्योगिकी कंपनियों के लिए दूसरा सबसे बड़ा कार्यालय केंद्र है। उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेजी से विस्तार किया है और अब अमेरिका में उसकी सबसे अधिक बिक्री होती है। उन्होंने कहा, ‘‘ हम यहां मोटेल सिक्स के अधिग्रहण के साथ अमेरिका में सबसे बड़े ‘इकोनॉमी होटल ब्रांड’ मालिक भी हैं।’’साल 2024 में ओयो ने 52.5 करोड़ अमेरिकी डॉलर में जी6 हॉस्पिटैलिटी का अधिग्रहण पूरा किया था, जो अमेरिका के होटल ब्रांड मोटेल 6 की मूल कंपनी है और उत्तरी अमेरिका की सबसे बड़ी स्वामित्व एवं संचालित होटल श्रृंखला है। अग्रवाल ने कहा, ‘‘ मुझे लगता है कि बहुत जल्द भारतीय कंपनियां अमेरिका में बड़ी ब्रांड मालिक बनेंगी। इसका मतलब है कि पहली बार अमेरिकी उपभोक्ता भारतीय ब्रांड का उपयोग करेंगे और हमारे देश की ‘सॉफ्ट पावर’ को बॉलीवुड और सॉफ्टवेयर सेवाओं से आगे समझेंगे। यह सब प्रौद्योगिकी के कारण संभव होगा।’’ उन्होंने कहा कि भविष्य में अमेरिका में उपभोक्ता-आधारित व्यवसायों में बड़े निवेश देखने को मिलेंगे, जैसा यूरोप और दक्षिण-पूर्व एशिया के ब्रांड करते हैं...‘‘मुझे लगता है कि भारत का समय आ गया है।’’न्यूयॉर्क में भारतीय वाणिज्य दूतावास द्वारा ‘भारत का स्टार्टअप परिवेश, आतिथ्य और पर्यटन अवसर’ विषय पर आयोजित चर्चा में उन्होंने ये विचार रखे। इस चर्चा का संचालन प्रिज़्म के समूह अध्यक्ष (रणनीतिक पहल) नितिन ठाकुर ने किया। इस बातचीत के दौरान यह भी खबरें आईं कि प्रिज़्म को भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड से 6,650 करोड़ रुपये का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लाने की मंजूरी मिल गई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बारे में उन्होंने कहा कि वे उन्हें अक्सर ‘‘स्टार्टअप प्रधानमंत्री’’ कहते हैं। साथ ही उन्होंने देश में स्टार्टअप परिवेश को बढ़ावा देने के लिए सरकार के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत ने नए स्टार्टअप के लिए करीब दो अरब डॉलर की पूंजी उपलब्ध कराई है। ऐसा दुनिया में बहुत कम देशों ने किया है। अग्रवाल ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से अपनी पहली मुलाकात पर कहा कि उनकी ‘‘व्यवसाय के प्रति अनुकूलता’’ भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत करने का एक बड़ा कारण रही है।

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भारतीय कंपनियां अमेरिका में बड़े ब्रांड की मालिक बनने की ओर अग्रसर : रितेश अग्रवाल

 आतिथ्य क्षेत्र से जुड़े ऑनलाइन मंच ओयो की मूल कंपनी प्रिज़्म के संस्थापक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) रितेश अग्रवाल ने कहा कि भारतीय कंपनियां अब अमेरिका में बड़े ब्रांडों की मालिक बनने की ओर अग्रसर हैं जिससे भारतीय ‘सॉफ्ट पावर’ बॉलीवुड और आईटी से आगे बढ़ेगी। अग्रवाल ने कहा कि भारत एफएएएनजी यानी मेटा, अमेजन, एप्पल, नेटफ्लिक्स और गूगल जैसी प्रमुख अमेरिकी प्रौद्योगिकी कंपनियों के लिए दूसरा सबसे बड़ा कार्यालय केंद्र है। उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेजी से विस्तार किया है और अब अमेरिका में उसकी सबसे अधिक बिक्री होती है। उन्होंने कहा, ‘‘ हम यहां मोटेल सिक्स के अधिग्रहण के साथ अमेरिका में सबसे बड़े ‘इकोनॉमी होटल ब्रांड’ मालिक भी हैं।’’साल 2024 में ओयो ने 52.5 करोड़ अमेरिकी डॉलर में जी6 हॉस्पिटैलिटी का अधिग्रहण पूरा किया था, जो अमेरिका के होटल ब्रांड मोटेल 6 की मूल कंपनी है और उत्तरी अमेरिका की सबसे बड़ी स्वामित्व एवं संचालित होटल श्रृंखला है। अग्रवाल ने कहा, ‘‘ मुझे लगता है कि बहुत जल्द भारतीय कंपनियां अमेरिका में बड़ी ब्रांड मालिक बनेंगी। इसका मतलब है कि पहली बार अमेरिकी उपभोक्ता भारतीय ब्रांड का उपयोग करेंगे और हमारे देश की ‘सॉफ्ट पावर’ को बॉलीवुड और सॉफ्टवेयर सेवाओं से आगे समझेंगे। यह सब प्रौद्योगिकी के कारण संभव होगा।’’ उन्होंने कहा कि भविष्य में अमेरिका में उपभोक्ता-आधारित व्यवसायों में बड़े निवेश देखने को मिलेंगे, जैसा यूरोप और दक्षिण-पूर्व एशिया के ब्रांड करते हैं...‘‘मुझे लगता है कि भारत का समय आ गया है।’’न्यूयॉर्क में भारतीय वाणिज्य दूतावास द्वारा ‘भारत का स्टार्टअप परिवेश, आतिथ्य और पर्यटन अवसर’ विषय पर आयोजित चर्चा में उन्होंने ये विचार रखे। इस चर्चा का संचालन प्रिज़्म के समूह अध्यक्ष (रणनीतिक पहल) नितिन ठाकुर ने किया। इस बातचीत के दौरान यह भी खबरें आईं कि प्रिज़्म को भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड से 6,650 करोड़ रुपये का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लाने की मंजूरी मिल गई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बारे में उन्होंने कहा कि वे उन्हें अक्सर ‘‘स्टार्टअप प्रधानमंत्री’’ कहते हैं। साथ ही उन्होंने देश में स्टार्टअप परिवेश को बढ़ावा देने के लिए सरकार के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत ने नए स्टार्टअप के लिए करीब दो अरब डॉलर की पूंजी उपलब्ध कराई है। ऐसा दुनिया में बहुत कम देशों ने किया है। अग्रवाल ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से अपनी पहली मुलाकात पर कहा कि उनकी ‘‘व्यवसाय के प्रति अनुकूलता’’ भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत करने का एक बड़ा कारण रही है।


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