स्थानीय शेयर बाजारों में पिछले कारोबारी सत्र की तेजी के बाद बुधवार को फिर गिरावट आई और दोनों मानक सूचकांक बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी नुकसान में रहे। आईटी शेयरों में भारी बिकवाली, क्रूड ऑयल की कीमत में फिर से तेजी और संस्थागत निवेशकों की पूंजी निकासी से बाजार नुकसान में रहा। तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 303.67 अंक यानी 0.41 प्रतिशत टूटकर 74,346.17 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय इसमें 1,157.24 अंक तक की गिरावट आई थी। पचास शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 77.95 अंक यानी 0.33 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,405.60 अंक पर बंद हुआ। दोनों मानक सूचकांकों में मंगलवार को चार दिन की गिरावट के बाद लगभग आधा प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गयी थी। सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज में 8.43 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। टेक महिंद्रा (6.23 प्रतिशत), एचसीएल टेक (5.25 प्रतिशत) और इन्फोसिस (3.82 प्रतिशत) भी नुकसान में रहीं। इसके अलावा आईटीसी, इटर्नल, लार्सन एंड टुब्रो और बजाज फाइनेंस में प्रमुख रूप से गिरावट आई। दूसरी तरफ लाभ में रहने वाले शेयरों में इंटरग्लोब एविएशन, भारतीय स्टेट बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और ट्रेंट शामिल हैं। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड तीन प्रतिशत बढक़र 98.92 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। शेयर बाजार आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने मंगलवार को 8,362.92 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। लाइवलॉन्ग वेल्थ के शोध विश्लेषक और संस्थापक हरिप्रसाद के. ने कहा, ‘‘घरेलू शेयर बाजार में एक और उतार-चढ़ाव देखने को मिला। वैश्विक स्तर पर तनाव को लेकर चिंताओं, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और आईटी शेयरों में भारी बिकवाली के कारण बाजार में गिरावट आई।’’ एशिया के अन्य बाजारों में, जापान का निक्की और चीन का शंघाई एसएसई कम्पोजिट उच्च स्तर पर बंद हुए, जबकि हांगकांग का हैंग सेंग नुकसान में रहा। दक्षिण कोरियाई बाजार अवकाश के कारण बंद थे।
