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23-05-2026

साइलेंट किलर है हाइपरटेंशन

  •  हाइपरटेंशन यानी हाई ब्लड प्रेशर को चुपके से गहरा नुकसान पहुंचाने वाला ‘साइलेंट किलर’ कहा जाता है। यह बीमारी अक्सर कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखाती, लेकिन धीरे-धीरे शरीर के अंगों को नुकसान पहुंचाती रहती है। अनियंत्रित हाइपरटेंशन हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक और किडनी फेलियर जैसी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, 70 वर्ष से कम उम्र के लोगों में समय से पहले मौत की वजह हाइपरटेंशन बनता है। चिंता की बात यह है कि आजकल युवा पीढ़ी में भी यह समस्या तेजी से बढ़ रही है। व्यस्त जीवनशैली, अनियमित खान-पान, तनाव, कम शारीरिक व्यायाम और ज्यादा नमक का सेवन इसके मुख्य कारण हैं। हाइपरटेंशन बेहद खतरनाक है, जब ब्लड प्रेशर लगातार ऊंचा रहता है, तो यह रक्त वाहिकाओं पर दबाव डालता है। इससे दिल को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, जो अंत में दिल की मांसपेशियों को कमजोर कर देता है। इससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। साथ ही किडनी खराब होने की आशंका भी बढ़ जाती है। दिक्कत यह है कि अधिकांश लोगों को पता ही नहीं चलता कि उनका ब्लड प्रेशर हाई है, क्योंकि इसके लक्षण अक्सर देर से दिखते हैं। इसलिए इसे साइलेंट किलर कहा जाता है। ऐसे में हैल्थ एक्सपर्ट बताते हैं कि नियमित रूप से ब्लड प्रेशर मॉनिटरिंग जरूरी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि हाइपरटेंशन का जल्दी पता लगाने और उसे नियंत्रित रखने के लिए नियमित ब्लड प्रेशर मॉनिटरिंग बहुत जरूरी है। घर पर ही आसानी से ब्लड प्रेशर चेक करने की आदत डालनी चाहिए। साथ ही दिन में एक या दो बार ब्लड प्रेशर चेक करें, हमेशा क्लिनिकली वैलिडेटेड ब्लड प्रेशर मॉनिटरिंग डिवाइस का ही इस्तेमाल करें। इससे सटीक रीडिंग मिलती है और सही इलाज हो पाता है। अगर ब्लड प्रेशर लगातार 140/90 एमएमएचजी या उससे ऊपर रहता है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। डॉक्टर्स का मानना है कि नियमित मॉनिटरिंग से बीमारी को शुरुआती स्टेज में ही कंट्रोल किया जा सकता है। स्वस्थ आहार, नियमित व्यायाम, वजन नियंत्रण, नमक कम करना और तनाव प्रबंधन से भी हाइपरटेंशन को रोका जा सकता है।

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साइलेंट किलर है हाइपरटेंशन

 हाइपरटेंशन यानी हाई ब्लड प्रेशर को चुपके से गहरा नुकसान पहुंचाने वाला ‘साइलेंट किलर’ कहा जाता है। यह बीमारी अक्सर कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखाती, लेकिन धीरे-धीरे शरीर के अंगों को नुकसान पहुंचाती रहती है। अनियंत्रित हाइपरटेंशन हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक और किडनी फेलियर जैसी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, 70 वर्ष से कम उम्र के लोगों में समय से पहले मौत की वजह हाइपरटेंशन बनता है। चिंता की बात यह है कि आजकल युवा पीढ़ी में भी यह समस्या तेजी से बढ़ रही है। व्यस्त जीवनशैली, अनियमित खान-पान, तनाव, कम शारीरिक व्यायाम और ज्यादा नमक का सेवन इसके मुख्य कारण हैं। हाइपरटेंशन बेहद खतरनाक है, जब ब्लड प्रेशर लगातार ऊंचा रहता है, तो यह रक्त वाहिकाओं पर दबाव डालता है। इससे दिल को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, जो अंत में दिल की मांसपेशियों को कमजोर कर देता है। इससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। साथ ही किडनी खराब होने की आशंका भी बढ़ जाती है। दिक्कत यह है कि अधिकांश लोगों को पता ही नहीं चलता कि उनका ब्लड प्रेशर हाई है, क्योंकि इसके लक्षण अक्सर देर से दिखते हैं। इसलिए इसे साइलेंट किलर कहा जाता है। ऐसे में हैल्थ एक्सपर्ट बताते हैं कि नियमित रूप से ब्लड प्रेशर मॉनिटरिंग जरूरी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि हाइपरटेंशन का जल्दी पता लगाने और उसे नियंत्रित रखने के लिए नियमित ब्लड प्रेशर मॉनिटरिंग बहुत जरूरी है। घर पर ही आसानी से ब्लड प्रेशर चेक करने की आदत डालनी चाहिए। साथ ही दिन में एक या दो बार ब्लड प्रेशर चेक करें, हमेशा क्लिनिकली वैलिडेटेड ब्लड प्रेशर मॉनिटरिंग डिवाइस का ही इस्तेमाल करें। इससे सटीक रीडिंग मिलती है और सही इलाज हो पाता है। अगर ब्लड प्रेशर लगातार 140/90 एमएमएचजी या उससे ऊपर रहता है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। डॉक्टर्स का मानना है कि नियमित मॉनिटरिंग से बीमारी को शुरुआती स्टेज में ही कंट्रोल किया जा सकता है। स्वस्थ आहार, नियमित व्यायाम, वजन नियंत्रण, नमक कम करना और तनाव प्रबंधन से भी हाइपरटेंशन को रोका जा सकता है।


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