TOP

ई - पेपर Subscribe Now!

ePaper
Subscribe Now!

Download
Android Mobile App

Daily Business Newspaper | A Knowledge Powerhouse in Hindi

09-06-2026

हाई फ्यूल प्राइस केकारण ग्लोबल एविएशन इंडस्ट्री का प्रॉफिट घटने के आसार

  •  पश्चिम एशिया संघर्ष और ईंधन की उच्च कीमतों के कारण ग्लोबल एविएशन इंडस्ट्री का कुल शुद्ध मुनाफा 2026 में घटकर 23 अरब अमेरिकी डॉलर रहने का अनुमान है, जो गत शुद्ध मुनाफे का लगभग आधा है। उद्योग जगत की एयरलाइन संस्था आईएटीए ने यह जानकारी दी। विमानन का शुद्ध लाभ मार्जिन घटकर दो प्रतिशत रहने के आसार हैं। अंतरराष्ट्रीय हवाई परिवहन संघ (आईएटीए) ने अपने वित्तीय दृष्टिकोण में यह भी कहा कि प्रति यात्री परिवहन पर शुद्ध लाभ 4.50 अमेरिकी डॉलर रहने की उम्मीद है, जो 2025 में हासिल किए गए 9.10 अमेरिकी डॉलर की तुलना में आधा है। आईएटीए देश भर में करीब 370 से अधिक एयरलाइन का प्रतिनिधित्व करता है, जिनमें एअर इंडिया, इंडिगो, एअर इंडिया एक्सप्रेस, स्पाइसजेट और अकासा एयर शामिल हैं। इस समूह के सदस्य वैश्विक हवाई यातायात का लगभग 85 प्रतिशत हिस्सा संभालते हैं। अनुमान है कि 2026 में एयरलाइन उद्योग की कुल आय 1165 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच जाएगी, जो 2025 में दर्ज की गई 1065 अरब अमेरिकी डॉलर की तुलना में 9.4 प्रतिशत अधिक है। आईएटीए ने कहा कि उम्मीद है कि विमानन द्वारा 2026 में कुल मिलाकर 23 अरब अमेरिकी डॉलर का शुद्ध लाभ अर्जित किया जाएगा, जो पहले के अनुमानित 41 अरब अमेरिकी डॉलर का लगभग आधा है। यह 2025 के लिए अनुमानित 45 अरब अमेरिकी डॉलर के शुद्ध लाभ का भी लगभग आधा है। इस वर्ष शुद्ध लाभ मार्जिन दो प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो पहले के 3.9 प्रतिशत अनुमान का लगभग आधा है। यह आंकड़ा 2025 के लिए अनुमानित 4.2 प्रतिशत के आधे से भी कम है।

Share
हाई फ्यूल प्राइस केकारण ग्लोबल एविएशन इंडस्ट्री का प्रॉफिट घटने के आसार

 पश्चिम एशिया संघर्ष और ईंधन की उच्च कीमतों के कारण ग्लोबल एविएशन इंडस्ट्री का कुल शुद्ध मुनाफा 2026 में घटकर 23 अरब अमेरिकी डॉलर रहने का अनुमान है, जो गत शुद्ध मुनाफे का लगभग आधा है। उद्योग जगत की एयरलाइन संस्था आईएटीए ने यह जानकारी दी। विमानन का शुद्ध लाभ मार्जिन घटकर दो प्रतिशत रहने के आसार हैं। अंतरराष्ट्रीय हवाई परिवहन संघ (आईएटीए) ने अपने वित्तीय दृष्टिकोण में यह भी कहा कि प्रति यात्री परिवहन पर शुद्ध लाभ 4.50 अमेरिकी डॉलर रहने की उम्मीद है, जो 2025 में हासिल किए गए 9.10 अमेरिकी डॉलर की तुलना में आधा है। आईएटीए देश भर में करीब 370 से अधिक एयरलाइन का प्रतिनिधित्व करता है, जिनमें एअर इंडिया, इंडिगो, एअर इंडिया एक्सप्रेस, स्पाइसजेट और अकासा एयर शामिल हैं। इस समूह के सदस्य वैश्विक हवाई यातायात का लगभग 85 प्रतिशत हिस्सा संभालते हैं। अनुमान है कि 2026 में एयरलाइन उद्योग की कुल आय 1165 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच जाएगी, जो 2025 में दर्ज की गई 1065 अरब अमेरिकी डॉलर की तुलना में 9.4 प्रतिशत अधिक है। आईएटीए ने कहा कि उम्मीद है कि विमानन द्वारा 2026 में कुल मिलाकर 23 अरब अमेरिकी डॉलर का शुद्ध लाभ अर्जित किया जाएगा, जो पहले के अनुमानित 41 अरब अमेरिकी डॉलर का लगभग आधा है। यह 2025 के लिए अनुमानित 45 अरब अमेरिकी डॉलर के शुद्ध लाभ का भी लगभग आधा है। इस वर्ष शुद्ध लाभ मार्जिन दो प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो पहले के 3.9 प्रतिशत अनुमान का लगभग आधा है। यह आंकड़ा 2025 के लिए अनुमानित 4.2 प्रतिशत के आधे से भी कम है।


Label

PREMIUM

CONNECT WITH US

X
Login
X

Login

X

Click here to make payment and subscribe
X

Please subscribe to view this section.

X

Please become paid subscriber to read complete news