इंटरनेशनल ट्रेवल पर वेस्ट एशिया की स्थितियों के कारण कमी आई है और इस बार पीक समर सीजन में लग्जरी स्टेकेशंस पर फोकस बढ़ा है। ऐसे में लग्जरी होटल चेन भी ऐसे पैकेज ला रहे हैं। प्रधानमंत्री ने भी ओवरसीज ट्रेवल से किनारा करने की अपील की तो देश के लग्जरी होटलों ने स्पा ट्रीटमेंट, डाइनिंग के्रडिट, क्लब एक्सेस आदि के साथ पैकेज पेश कर दिये। यह पैकेज शॉर्ट बे्रक वाले हैं और होमटाउन के पास ही लग्जरी एक्सपीरियंस देते हैं। आजकल शहर में ही या आसपास के लग्जरी रिसॉर्ट्स में स्टे का ट्रेंड बढ़ रहा है। आईटीसी होटल्स, द लीला, मेरियट इंटरनेशनल और रोसिएट होटल्स ऐसे पैकेज ऑफर कर रहे हैं। इंडस्ट्री से जुड़े जानकारों के अनुसार इन्डियन ट्रेवलर्स इस बार शॉर्ट, प्रीमियम डोमेस्टिक गेटवेज का चुनाव कर रहे हैं, जो शहर में ही हों या आसपास स्थित होंं। आईटीसी होटल्स के मैनेजिंग डायरेक्टर के अनुसार अरबन या इन-सिटी होटल्स में स्टे करने का लाभ यह हो जाता है कि ज्यादा लम्बा ट्रेवल नहीं करना पड़ता। एचवीएस एनारॉक के इन्डिया हॉस्पीटेलिटी इंडस्ट्री ओवरव्यू 2025 के अनुसार शॉर्ट और फ्रीक्वेंट बे्रक, वैलनेस एस्केप, फैमिली सेलीबे्रशंस और प्रीमियम लीजर स्टे के लिये इन-सिटी लग्जरी होटल्स, रिसॉर्ट्स का चयन किया जा रहा है। अपे्रल-जून समर ट्रेवल सीजन होता है। इस दौरान कॉर्पोरेट ट्रेवल कम है और लीजर गेस्ट को ज्यादा एंटरटेंन किया जा रहा है। द लीला पैलेस एंड रिसॉर्ट्स के चीफ एग्जीक्यूटिव के अनुसार इसे स्लो लग्जरी कहा जाता है। लग्जरी ट्रेवलर्स कन्वीनियंस, पर्सनल एक्सपीरियंस और सिटी स्टेकेशन को प्राथमिकता दे रहा है। हर सीजन का अपना महत्व होता है, इस बार दुनिया की परिस्थितियों ने यह ट्रेंड प्रदर्शित किया है। इसके तहत दो से तीन रात का स्टे होता है। इसमें डाइनिंग, ऑन-प्रॉपर्टी एक्सपीरियंस पर ही स्पेंड किया जाता है। फाइनेंशियल ईयर 2026 में लीला पैलेसेज में सेम स्टोर रेवेन्यू पर अवेलेबल रूम 14 प्रतिशत और फूड एंड बेवेरेजेज रेवेन्यू करीब 15 प्रतिशत बढ़ी है। रोसिएट होटल्स एंड रिसॉर्ट्स का फोकस वैलनेस स्टेकेशंस पर है। इसमें आयुर्वेद पे्ररित थेरेपी, हमाम, पर्सनेलाइज्ड ट्रीटमेंट, प्रीमियम सूईट स्टे, बं्रच एक्सपीरियंस को शामिल किया गया है। गौरतलब है कि ट्रैवलर्स इस शॉर्ट बे्रक के दौरान माइंडफुल लग्जरी, वैलनेस, पर्सनल एक्सपीरियंस को महत्व देते हैं।