देश के प्रमुख ब्राण्ड्स, रिटेलर्स प्रीमियमाइजेशन स्ट्रेटजी को फोकस कर रहे हैं। फुटवियर, एपरेल्स, एसेसरीज और ब्यूटी सेगमेंट में यही फोकस है। इसका कारण यह है कि मास सेगमेंट के बजाय प्रीमियम सेगमेंट का ग्रोथ रेट ज्यादा है। वैल्यू एडेड प्रोडक्ट्स पर कन्ज्यूमर्स ज्यादा देने को तैयार है। बाटा इन्डिया के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ के अनुसार कम्पनी के लिये प्रीमियमाइजेशन महत्वपूर्ण ग्रोथ पिलर बन रहा है। प्रीमियम ब्राण्ड हश पपीज कम्पनी की ओवरऑल ग्रोथ को आउटपेस कर रही है। यह देखा गया है कि वैल्यू एडेड प्रोडक्ट्स के लिये कस्टमर्स दो गुना ज्यादा भुगतान को तैयार हैं। इसलिये ओवरऑल सेल्स में प्रीमियम प्रोडक्ट्स का शेयर बढ़ रहा है। ऐसी सम्भावना है कि मास सेगमेंट के बजाय प्रीमियम सेगमेंट ज्यादा तेजी से आगे बढ़ेगा। इसलिये वे प्रीमियमाइजेशन स्ट्रेटजी पर फोकस को बनाये रखने वाले हैं। इसके लिये मजबूत मार्केटिंग इन्वेस्टमेंट भी किये जायेंगे। उनके अनुसार वे कैज्युअल और स्नीकर्स के लिये मजबूत शिफ्ट देख रहे हैं। फुटवियर सेगमेंट ही नहीं शॉपर्स स्टॉप ने भी प्रीमियमाइजेशन के लिये पांच श्रेणियों को चुना है। शॉपर्स स्टॉप के कस्टमर केयर एसोसिएट मैनेजिंग डायरेक्टर एंड सीईओ के अनुसार कम्पनी प्रीमियम स्ट्रेटजी पर आगे बढ़ रही है। एवरेज ग्रोथ रेट से प्रीमियम प्लस कैटेगरीज की ग्रोथ रेट आगे है। वॉचेज, ब्यूटी प्रोडक्ट्स, हैंडबैग, फुटवियर ऐसे सेगमेंट हैं, जिनमें प्रीमियमाइजेशन बढ़ रहा है। एफएसएन ई-कॉमर्स वेंचर्स लिमिटेड के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के अनुसार कम्पनी ब्यूटी श्रेणी में प्रीमियमाइजेशन को विटनैस कर रही है। कन्ज्यूमर्स प्रीमियम ब्यूटी ब्राण्ड्स को चुन रहे हैं। इसलिये कलैक्शंस को इसी अनुसार विस्तार दिया जा रहा है। देश में ऑनलाइन और ऑफलाइन लेवल पर ऐसे कलैक्शन पेश किये जा रहे हैं। कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि इस समय रिटेलर्स प्रीमियमाइजेशन स्ट्रेटजी पर बड़े दांव लगा रहे हैं।