प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों में धनिए की आवक सामान्य से काफी कमजोर हो रही है। इसकी वजह से इसकी थोक कीमत को सहारा मिल सकता है। अत: आगामी समय में धनिया मजबूत बना रहने के आसार हैं। धनिए की तेजी-मंदी के सम्बन्ध में नवीनतम जानकारियां मिलती रहती हैं और आपको इससे लाभ भी होता है। देश में मानसून सीजन श्ुारू हो चुका है। हालांकि इस बार यह एक जून की सामान्य तारीख की अपेक्षा 4 जून को पहुंचा है। मानसून के आगे बढऩे के लिए मौसमी परिस्थितियां अनुकूल बताई जा रही हैं। इसलिए उम्मीद है कि यह जल्दी ही देश के अन्य राज्यों में पहुंच जाएगा। इधर, प्रमुख उत्पादक राज्यों में धनिए की आवक सामान्य की अपेक्षा काफी नीची हो रही है। आवक में आई कमी से उत्पादक क्षेत्रों में इस प्रमुख किराना जिंस की कीमत ऊंचे स्तर पर ही बनी हुई है। पिछले सीजन के दौरान आकर्षक कीमत नहीं मिलने तथा मौसम भी अनुकूल नहीं होने के कारण इस बार देश में धनिए की बिजाई में थोड़ी कमी आई है। बिजाई कम होने से इस बार देश में इसके उत्पादन में भी थोड़ी कमी आने का अनुमान भी जताया जा रहा है। राजस्थान की बारां मंड़ी में हाल ही में इसकी केवल 300-400 बोरियों तथा रामगंज में लगभग तीन हजार बोरियों की आवक होने की सूचना मिली। राज्य की रामगंज मंड़ी में धनिया बादामी तथा ईगल हाल ही में यह 200-300 रुपए बढक़र फिलहाल यह क्रमश: 11,800/12,000 रुपए और ईगल 12,000/12,300 रुपए प्रति क्विंटल पर बना हुआ है। बारां मंड़ी में भी यह क्रमश: 11,800/12,000 रुपए और 12,100/12,300 रुपए प्रति क्विंटल पर बना होने की सूचना मिली। इससे पूर्व इसमेें 200-300 रुपए की तेजी आई थी। इधर, राजधानी स्थित थोक किराना बाजार में धनिया बादामी हाल ही में 100 रुपए सुधरकर फिलहाल 14,200/14,300 रुपए प्रति क्विंटल के स्तर पर बना हुआ है। इससे पूर्व हाल ही में इसमें 200 रुपए की तेजी आई थी। मसाला बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार वर्तमान वित्त वर्ष 2025-26 में देश से 679.70 करोड़ रुपए कीमत के 60,211 टन धनिए का निर्यात हुआ है। एक वर्ष पूर्व की आलोच्य अवधि में इसकी केवल 60,323 टन मात्रा का निर्यात हुआ था और इससे 633.20 करोड़ रुपए की आय हुई थी। इससे पता चलता है कि इस बार धनिए के मात्रात्मक निर्यात में कोई उल्लेखनीय बदलाव नहीं हुआ है लेकिन आय जरूर 7 प्रतिशत बढ़ गई है। आगामी दिनों में धनिया मजबूत बना रहने के आसार हैं।