भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने कहा कि उसने उन फूड बिजनेस ऑपरेटर्स (एफबीओ) को नोटिस जारी किए हैं, जो अपने प्रोडक्ट को लेकर भ्रामक दावें, ब्रांडिंग और लेबलिंग कर रहे थे। साथ ही, उनके उत्पादों को लेकर ग्राहकों से शिकायतें के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। इसके अलावा, एफएसएसएआई ने एफबीओ को सुधार के उपाय करने के लिए निर्देश भी दिए गए हैं। एफएसएसएआई ने कहा कि ये नोटिस ‘फ़ूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006’ के नियमों के तहत जारी किए गए थे। ये नोटिस भ्रामक ब्रांड नामों, ट्रेड नामों, प्रोडक्ट के दावों, लेबलिंग से जुड़े नियमों के उल्लंघन और ग्राहकों की अन्य शिकायतों से संबंधित थे। नियामक की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, कई फूड बिजनेस को नोटिस भेजे गए हैं। इन फूड ऑपरेटर्स पर ऐसा दावा करने का आरोप है जो फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (एडवरटाइजिंग एंड क्लेम्स) रेगुलेशंस, 2018 का उल्लंघन करते हैं या जिनसे ग्राहकों को गुमराह किया जा सकता है। रेगुलेटर ने जिन कंपनियों पर सवाल उठाए, उनमें प्लक्क भी शामिल थी। कंपनी के आम के ज्यूस पर नौ एडेड शुगर का दावा किया गया था, लेकिन जांच में पता चला कि सामग्री की सूची में आम का गूदा और गन्ने का रस शामिल था। रेगुलेटर के अनुसार, इस दावे से प्रोडक्ट में मौजूद चीनी की मात्रा को लेकर गलतफहमी पैदा हो सकती थी। इसके अलावा, रेगुलेटर ने पनीर के एक प्रोडक्ट पर ‘नेचुरल पनीर’ शब्द के इस्तेमाल पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि यह जानकारी मिश्रित खाद्य पदार्थों के लिए नेचुरल शब्द के इस्तेमाल से जुड़े नियमों का उल्लंघन करती है। इसके अतिरिक्त, रेगुलेटर ने सोशल मीडिया के जरिए मिली ग्राहकों की शिकायतों के बाद बीकानेरवाला और परम डेयरी लिमिटेड को भी नोटिस जारी किए। बीकानेरवाला को नोटिस हाइजीन (साफ-सफाई) से जुड़ी चिंताओं के कारण भेजा गया। एक शिकायत में कहा गया था कि काम के घंटों के दौरान एक स्टाफ मेंबर सर्विस या किचन एरिया के अंदर खाना खा रहा था। कंपनी से कहा गया है कि वह अपनी जांच, स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर और शिकायत के जवाब में उठाए गए सुधारात्मक कदमों की जानकारी दे। वहीं, परम डेयरी लिमिटेड को आईआरसीटीसी कैटरिंग सर्विस के जरिए सप्लाई किए गए डेयरी-बेस्ड प्रोडक्ट्स (दही और रबड़ी) में फंगस के संक्रमण के आरोपों पर नोटिस जारी किया गया। कंपनी को निर्देश दिया गया है कि वह सप्लाई किए गए प्रोडक्ट्स, इन्वेंट्री मैनेजमेंट के तरीकों, उठाए गए सुधारात्मक कदमों और ऐसी घटनाओं को दोबारा होने से रोकने के लिए अपनाए गए उपायों की जानकारी दे। एफएसएसएआई ने कहा कि सभी संबंधित फूड बिजनेस ऑपरेटर्स को निर्देश दिया गया है कि वे उचित सुधारात्मक कदम उठाएं और लागू फूड सेफ्टी, विज्ञापन और लेबलिंग नियमों का पालन सुनिश्चित करें।