चालू वित्त वर्ष में घरेलू एयरलाइन कंपनियों का परिचालन मुनाफा 10-15' घटने का अनुमान है। इसकी वजह हवाई ईंधन (एटीएफ) की ज्यादा कीमतें, हवाई क्षेत्र पर पाबंदियां और पश्चिम एशिया में चल रहे टकराव के बीच रुपये की कीमत में गिरावट है। रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने कहा है कि ज्यादा लागत, कीमतें तय करने की सीमित क्षमता और क्षमता के युक्तिकरण के मिले-जुले असर से एयरलाइंस का कुल परिचालन मुनाफा इस वित्त वर्ष में घटकर 16,000-17,000 करोड़ रु .रह सकता है, जो गत वित्त वर्ष में लगभग 19,000 करोड़ रु. था। एजेंसी ने कहा कि जेट ईंधन की कीमतें कम होती हैं, तो एयरलाइंस के लिए ईंधन की लागत में और बढ़ोतरी को रोका जा सकेगा। सामान्य हालात में किसी एयरलाइन की परिचालन लागत में जेट ईंधन का हिस्सा लगभग 40 प्रतिशत का होता है, लेकिन ईंधन की कीमतों में बहुत ज्यादा उतार-चढ़ाव के समय यह कुल परिचालन खर्च का 60 प्रतिशत तक भी जा सकता है। इस तरह के उतार-चढ़ाव एयरलाइन के कामकाज, मार्ग योजना और किराये में स्थिरता पर काफ़ी असर डाल सकते हैं।