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Daily Business Newspaper | A Knowledge Powerhouse in Hindi
‘‘दृष्टव्य है कि क्रोध से भ्रम पैदा होता है और भम्र से बुद्धि व्यग्र होती है जो मनुष्य के पतन का कारण है।’’
Hope is the best posscssion. None are completely wretched but those who are without hope and few are reduced so low as that.
जैसा कि हम जानते हैं कि कोई व्यक्ति जब करवट बदलता है तो मात्र उसकी दिशा बदलती है पर जब समय बदलता है तो वह उसकी दशा को कुछ इस तरह बदल सकता है जिसको समझना...
जो कर्मठ नहीं है, जिसे आत्मबोध नहीं है, जो अपने धर्म से विमुख है, धन का सदुपयोग नहीं करता व उसे धर्म के कार्य में भी नहीं लगाता, धन का अनावश्यक संचय करता है,...
विकास के नये दौर को हम जिस तरह Labour v/s Leisure (परिश्रम के स्थान पर आराम) इकोनॉमी और उससे पैदा होने वाली बेरोजगारी बढ़ाने वाली समाज व्यवस्था के नाम से...
जब कोई देश Global Capitalist System की व्यवस्था को अपना लेता है तो वहां पूंजी प्रधान ऐसे अनेक घटनाक्रम घटित होते चले जाते हैं जो दिखने में व्यक्ति की सफलता......
जब कोई देश Creative के स्थान पर Distributive Capitalism या जो रुपैया जमा है उसे ही नहीं वरन अप्रत्याशित उधार लेकर विकास करने की प्रक्रिया को अपनाते हुए गति......