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Daily Business Newspaper | A Knowledge Powerhouse in Hindi
‘‘दृष्टव्य है कि क्रोध से भ्रम पैदा होता है और भम्र से बुद्धि व्यग्र होती है जो मनुष्य के पतन का कारण है।’’
One should...be able to see things as hopeless and yet be determined to make them otherwise.
जैसा कि हम जानते हैं कि कोई व्यक्ति जब करवट बदलता है तो मात्र उसकी दिशा बदलती है पर जब समय बदलता है तो वह उसकी दशा को कुछ इस तरह बदल सकता है जिसको समझना...
सुख और दु:ख जीवन चक्र के दो अहम् पहलू हैं। सुख के बाद दु:ख तथा दु:ख के बाद सुख का आना प्रकृति का शाश्वत नियम है। यहां हमें यह भी समझना होगा कि ...
विकास के नये दौर को हम जिस तरह Labour v/s Leisure (परिश्रम के स्थान पर आराम) इकोनॉमी और उससे पैदा होने वाली बेरोजगारी बढ़ाने वाली समाज व्यवस्था के नाम से...
जब कोई देश Global Capitalist System की व्यवस्था को अपना लेता है तो वहां पूंजी प्रधान ऐसे अनेक घटनाक्रम घटित होते चले जाते हैं जो दिखने में व्यक्ति की सफलता......
जब कोई देश Creative के स्थान पर Distributive Capitalism या जो रुपैया जमा है उसे ही नहीं वरन अप्रत्याशित उधार लेकर विकास करने की प्रक्रिया को अपनाते हुए गति......