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Daily Business Newspaper | A Knowledge Powerhouse in Hindi
‘‘दृष्टव्य है कि क्रोध से भ्रम पैदा होता है और भम्र से बुद्धि व्यग्र होती है जो मनुष्य के पतन का कारण है।’’
Hope is brightest when it dawns from fears.
अमरीका-ईरान के बीच चल रहे दूसरे दौर के युद्ध के परिणामों के स्थान पर अमरीकी लक्ष्यों का विश्लेषण करें तो पायेंगे कि दुनिया इतनी स्वतंत्र हो गयी है कि कोई भी......
आज संसार में बहुत कुछ बदला-बदला सा नजर आता है। जो मनुष्य व समाज अपने संस्कारों व धर्म के लिये बलिदान तक के लिये तत्पर रहते थे, आज इससे विमुख होते जा रहे हैं।...
विकास के नये दौर को हम जिस तरह Labour v/s Leisure (परिश्रम के स्थान पर आराम) इकोनॉमी और उससे पैदा होने वाली बेरोजगारी बढ़ाने वाली समाज व्यवस्था के नाम से...
जब कोई देश Global Capitalist System की व्यवस्था को अपना लेता है तो वहां पूंजी प्रधान ऐसे अनेक घटनाक्रम घटित होते चले जाते हैं जो दिखने में व्यक्ति की सफलता......
जब कोई देश Creative के स्थान पर Distributive Capitalism या जो रुपैया जमा है उसे ही नहीं वरन अप्रत्याशित उधार लेकर विकास करने की प्रक्रिया को अपनाते हुए गति......