रीको ने इंडस्ट्रीयल एरिया के विकास को नई दिशा देते हुए महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब रीको के इंडस्ट्रीयल एरिया में होटल, वेयरहाउस व ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी सुविधाएं स्थापित की जा सकेंगी। रीको ने नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए इंडस्ट्रीयल एरिया में होटल और वेयरहाउस स्थापित करने की अनुमति दे दी है। रीको ने इस संबंध में नई नीति को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत इंडस्ट्रीयल एरिया में आधुनिक सुविधाओं और लॉजिस्टिक्स सेवाओं को बढ़ावा मिलेगा। इससे इंडस्ट्री को बेहतर सपोर्ट सिस्टम उपलब्ध होगा और कारोबारियों को भी नई संभावनाएं मिलेगी। रीको द्वारा जारी एक नोटिफिकेशन के अनुसार रीको द्वारा टूरिज्म सेक्टर से जुड़ी युनिट्स को इंडस्ट्री का स्टेटस देते हुए रीको के इंडस्ट्रीयल एरिया में स्थापित करने की प्रक्रिया को मंजूरी प्रदान की गई है। साथ ही वेयरहाउस को भी इंडस्ट्री स्टेटस देते हुए इसको इंडस्ट्रीयल एरिया में स्थापित होने पर सभी सुविधाएं प्रदान करने की मंजूरी दी गई है, जो सभी इंडस्ट्रीज को दी जाती है। टूरिज्म सेक्टर से जुड़ी इकाइयों की स्थापना के लिए रीको द्वारा संबंधित इंडस्ट्रीयल एरिया की रिजर्व प्राइस का डेढ़ गुना शुल्क एवं वेयरहाउस के लिए रिजर्व प्राइस का 0.50 गुना शुल्क लगाया गया है जबकि ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन के लिए 2 गुना शुल्क लगाया गया है। होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान कोटा डिवीजन के अध्यक्ष एवं कोटा व्यापार महासंघ के महासचिव अशोक माहेश्वरी ने बताया कि जब टूरिज्म इकाइयों एवं वेयरहाउस को इंडस्ट्री का दर्जा मिल चुका है तो अतिरिक्त शुल्क नहीं वसूला जाना चाहिए एवं उद्योगों के आवंटन की सरल प्रक्रिया में इन इकाइयों को भी शामिल किया जाना चाहिए, जिससे टूरिज्म एवं वेयरहाउस क्षेत्र में भी विकास हो सके और टूरिज्म डवलपमेंट का मार्ग प्रशस्त करके एवं स्टोरेज की समस्या से भी छुटकारा मिल सके। नई व्यवस्था के तहत इंडस्ट्रीयल एरिया में वेयरहाउस स्थापित होने से सप्लाई चेन और स्टोरेज सुविधाएं मजबूत होंगी। वहीं होटल व रिसोर्ट बनने से इंडस्ट्री से जुड़े कारोबारी, निवेशक और बाहर से आने वाले बॉयर को बेहतर स्टे फेसेलिटी मिल सकेंगी। इसके अलावा इलेक्ट्रिक व्हीकल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इंडस्ट्रीयल एरिया में ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थापना को भी मंजूरी दी गई है। इससे राजस्थान में ग्रीन मोबिलिटी और सतत विकास को मजबूती मिलेगी। इंडस्ट्री के जानकारों का कहना है कि रीको का यह निर्णय इंडस्ट्रीयल एरिया को अधिक आधुनिक, सुविधायुक्त और इन्वेस्टमेंट फ्रेंडली बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। साथ ही रीको की यह पहल राजस्थान में निवेश आकर्षित करने में अहम भूमिका निभाएगी। रीको का यह निर्णय फ्यूचर की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए लिया गया एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो प्रदेश के इंडस्ट्रीयल डवलपमेंट को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने में सहायक साबित हो सकता है। रीको एमडी सुरेश कुमार ओला के अनुसार नई नीति लागू होने के बाद इंडस्ट्रीयल एरिया अधिक व्यवस्थित और आधुनिक बिजनेस जोन के रूप में विकसित हो सकेंगे। रीको की इस पहल से इंडस्ट्री को काफी सपोर्ट मिलेगा। रीको का प्रयास है कि प्रदेश में निवेश को अधिक से अधिक बढ़ावा मिले।
