गोल्ड और सिल्वर पर इंपोर्ट ड्यूटी 6 से बढ़ाकर 15 परसेंट कर देने के बाद भारत में एक बड़ा रोचक ट्रेंड नजर आ रहा है। आमतौर पर इंपोर्ट ड्यूटी बढऩे पर प्राइस भी बढ़ती हैं लेकिन इस बार इंडियन मार्केट में गोल्ड और सिल्वर भारी डिस्काउंट पर बिक रहे हैं। बाजार में सोना बुधवार को लगभग 200 डॉलर प्रति औंस यानी करीब 6,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के डिस्काउंट पर बिक रहा था। गुरुवार तक यह डिस्काउंट थोड़ा घटकर 145 डॉलर प्रति औंस यानी लगभग 4,470 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया। शुक्रवार की खबर है गोल्ड पर डिस्काउंट बढक़र 207 डॉलर/औंस हो गया है। गोल्ड और सिल्वर को लेकर सेंटिमेंट कमजोर पड़ जाने के कारण शुक्रवार को सायं 5:30 बजे गोल्ड 2,850 रुपये यानी 1.75 परसेंट की गिरावट के साथ 1,59,800 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था, जबकि चांदी 17,140 रुपये यानी 5.87 परसेंट टूटकर 2,74,620 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। इसी सप्ताह की शुरुआत में गोल्ड दो महीने के पीक लेवल 1,64,497 रुपये तक पहुंच गया था। शुक्रवार को डिस्काउंट जहां 207 डॉलर तक पहुंच गया वहीं पिछले सप्ताह 15 डॉलर प्रति औंस तक का ही डिस्काउंट मिल रहा था। मुंबई के एक बुलियन डीलर के अनुसार गोल्ड पर डिस्काउंट असामान्य रूप से हाई है क्योंकि डिमांड लगभग गायब हो चुकी है और पुराने गोल्ड की आवक तेज हो रही है। एएनजेड बैंक ने कहा कि चीन से मजबूत डिमंाड भारत की कमजोरी डिमांड की भरपाई कर देगी। एनेलिस्ट्स के अनुसार गोल्ड पर इतने हाई डिस्काउंट का कारण कुछ बैंक और इंपोरटर्स द्वारा पुराने 6 परसेंट शुल्क वाले स्टॉक को तेजी से बेचना है। कम इंपोर्ट ड्यूटी वाले इस स्टॉक को मार्केट में डिस्काउंट पर झौैंका जा रहा है और आने वाले कई दिनों तक ऐसे ही हालात बने रह सकते हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का गोल्ड इंपोर्ट सोना आयात रिकॉर्ड 71.98 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया था। एनेलिस्ट्स के अनुसार अप्रैल में गोल्ड का इंपोट भी घटकर केवल 10-15 टन रह गया। साथ ही इंपोर्ट टैरिफ बढऩे से गोल्ड स्मगलिंग बढऩे का खतरा है।