2016 में बात शुरू हुई थी लेकिन टेस्ला 2025 में भारत आई। लेकिन लॉन्च के पहले 8 महीनों में टेस्ला ने भारत में खबर बनने लायक कुछ नहीं किया। अब चर्चा है कि टेस्ला भारत में अपने ऑपरेशन्स को स्केलबैक कर रही है। स्केलबैक ना भी हो रहा हो तो भी इतना तो तय माना जा रहा है कि टेस्ला के ड्रॉइंगबोर्ड पर फिलहाल इंडिया कहीं नहीं है। चीन, अमेरिका और यूरोप में रिवर्सल झेल रही टेस्ला को नए ग्रोथ मार्केट की जरूरत है लेकिन भारत में ग्लोबल दिग्गज भारत के अपने ईवी ब्रांड्स के मुकाबले कहीं नहीं है। रिपोर्ट्स के अनुसार टेस्ला ने भारत में अपने फ्लैगशिप एसयूवी मॉडल एक्स को लाने पर फिलहाल कोई प्लान नहीं बनाया है। क्योंकि टेस्ला को हाई वॉल्यूम मार्केट की तलाश है और भारत में कंपनी केवल 342 यूनिट्स ही बेच पाई है। अभी टेस्ला भारत में केवल मॉडल वाई बेच रही है। करीब 60 लाख रुपये की एक्स-शोरूम प्राइस वाली इस ईवी की जनवरी के मध्य तक केवल 1500 यूनिट्स ही बुक हो पाई थीं। दिसंबर मेंं आपने खबर पढ़ी थी कि टेस्ला इंडिया में वेरिएंट के अनुसार 3.5 लाख रुपये तक डिस्काउंट दे रही है। एनेलिस्ट्स के अनुसार टेस्ला फिलहाल अपनी नई ग्लोबल स्ट्रेटेजी में स्केल और नए प्लेटफॉर्म को प्राथमिकता दे रही ना कि प्रीमियम, कम वॉल्यूम मॉडल्स को। टेस्ला वैसे भी अपने ग्लोबल लाइनअप में बड़ा बदलाव कर रही है। कंपनी का फोकस स्केलेबल प्लेटफॉर्म, कॉस्ट ऑप्टिमाइजेशन और नेक्स्ट-जनरेशन वेहीकल आर्किटेक्चर की ओर है जिससे ओल्ड जेनरेशन के प्रीमियम मॉडल कंपनी के रडार से उतर रहे हैं। रिपोर्ट्स में कहा गया है कि टेस्ला अपने पोर्टफोलियो से मॉडल एक्स को धीरे-धीरे हटाने के प्लान पर काम कर रही है। मॉडल एक्स अभी टेस्ला का एंट्री लेवल हाई वॉल्यूम मॉडल है। लेकिन चूंकि कंपनी इसे अपने ग्लोबल लाइनअप से फेजआउट करना चाहती है इसलिए इसे भारत लाने का प्लान नहीं है। प्रोडक्ट स्ट्रेटेजी के नजरिए से देखें तो वैसे भी नए बाजार में ऐसा मॉडल लॉन्च करना समझदारी नहीं होती जो पहले से ही अपने लाइफसाइकल के अंत के करीब हो। शुरुआत में चर्चा थी कि टेस्ला का मॉडल एक्स को जर्मनी स्थित प्लांट से भारत में सीबीयू (कंप्लीटली बिल्ट यूनिट) के रूप में लाने का प्लान था। लेकिन अप यह बात पुरानी पड़ चुकी है। हालांकि इंडिया-ईयू एफटीए के तहत इलेक्ट्रिक वेहीकल्स को कोई रियायत नहीं दी गई है ऐसे में मॉडल एक्स टेस्ला के इंडिया प्लान से पूरी तरह बाहर हो चुकी है। एसएंडपी ग्लोबल मोबिलिटी के डायरेक्टर पुनीत गुप्ता के अनुसार भारत जैसे प्राइस सेंसिटिव मार्केट में हाई-एंड, लो-वॉल्यूम मॉडल्स की वायबिलिटी सीमित होती है और इन्हें ज्यादातर ब्रांडिंग के लिए लॉन्च किया जाता है। कंपनी शुरुआत में हेलो-ड्रिवन पोजिशनिंग के बजाय वॉल्यूम बढ़ाना चाहती है। दूसरी ओर टेस्ला एक कॉम्पैक्ट इलेक्ट्रिक वेहीकल मॉडल2 पर काम कर रही है जिसे यूरोप और भारत के बाजारों के लिए तैयार किया जा रहा है। इसकी प्राइस 25 लाख से 35 लाख के बीच होने का अनुमान है।