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26-03-2026

रॉयल एनफील्ड ने मजबूत की किलेबंदी

  •  रॉयल एनफील्ड ग्लोबल 2-व्हीलर स्पेस में रॉयल बेंगाल टाइगर की तरह दहाडऩे लगी है। मिलियन क्लब में शामिल होकर और अब ग्रोथ का हाई गियर लगा रही है। यह कहने में कोई दोराय नहीं है कि रॉयल एनफील्ड अलग लीग में है और इसके मुकाबले में जिन भी मेनस्ट्रीम कंपनियों ने क्रूजर मॉडल लॉन्च किए वे ज्यादातर स्ट्रगल कर रहे हैं। आइशर मोटर्स ग्रुप की रॉयल एनफील्ड मिड से हाई रेंज मोटरसाइकल सैगमेंट में बहुत तेज बढ़ रही है और मार्केट रिपोर्ट्स कहती हैं कि अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के दिल के करीब वाली हार्ले डेविडसन को निगलने लगी है। साथ में लगी टेबल से पता चलता है कि वर्ष 2010 के बाद एक और जहां रॉयल एनफील्ड की सेल्स 20 गुना हो चुकी है वहीं हार्ले डेविडसन की अमूमन आधी रह गई है। सीएलएसए, जेफरीज और मैक्वॉयरी आदि दिग्गज ब्रोकरेज फम्र्स ने अपनी रिसर्च रिपोर्ट में कहा है कि रॉयल एनफील्ड  को जबरदस्त ब्रांड पुल मिल रहा है। यूथ फोकस्ड स्ट्रेटेजी और भारत में प्रीमियम प्रोडक्ट्स की ओर डिमांड शिफ्ट होने के मिले जुले असर से रॉयल एनफील्ड के लिए जबरदस्त कस्टमर कैचमेंट तैयार हो रहा है और कैपिटलाइज करने में मिल रही कामयाबी के चलते रॉयल एनफील्ड ....इन अ क्लास ऑफ इट्स ओन...में किलेबंदी कर रही है।  रॉयल एनफील्ड ने कंपीटिशन को पीछे छोड़ दिया है और अपने सभी वैरिएंट्स में डोमिनेंट पोजिशन हासिल कर ली है। जेफरीज के डेटा के अनुसार रॉयल एनफील्ड का दबदबा हंटर 350 से शुरू होता है। यह बहुत तेजी से युवाओं में ट्रेंड करने लगी है और इस मॉडल के दम पर रॉयल एनफील्ड की सेल्स में 25 वर्ष से कम आयु के बायर्स का का शेयर 30-35 से बढक़र 40 परसेंट हो गया है। बड़ी बात यह है कि एंट्री लेवल पर पोजिशन होने के बावजूद हंटर फ्लैगशिप रेंज क्लासिक की सेल्स को कैनिबलाइज नहीं कर रही है। कैनिबलाइज करना यानी एक ही कंपनी के दो प्रोडक्ट्स में कंपीटिशन शुरू हो जाना। हंटर सीरीज ने अपने लिए टीवीएस अपाचे, यामहा एमटी-15 और रिट्रो प्रतिद्वंद्वियों जैसे जावा 42 और होंडा सीबी350 जैसे कंपीटिटर तलाश लिए हैं। हंटर की वॉल्यूम ग्रोथ के बावजूद कंपनी का फ्लेगशिप मॉडल क्लासिक 350 सबसे अधिक वॉल्यूम वाला मॉडल बना हुआ है, और होंडा सीबी350, जावा क्लासिक और येजदी रोडस्टर जैसे कंपीटिटर के अटैक से बेअसर बना हुआ है। 350सीसी की बुलट रॉयल एनफील्ड ब्रांड को रूरल और सेमी अर्बन मार्केट्स में मजबूत बनाए हुए है। कुछ हद तक जावा के सिवाय इसका कोई कंपीटिशन नहीं है। बुलट लीगेसी पहचान के दम पर टिकी हुई है वहीं मीटियोर 350, आरई के 350सीसी क्रूजर के नीश सेगमेंट में हाई परफॉर्मर साबित हो रही है। इंटरसेप्टर, कॉन्टिनेंटल जीटी, और हिमालयन 450 मिलकर प्रीमियम  पोर्टफोलियो मजबूत कर रहे हैं। मैक्वॉयरी के अनुसार लैटिन अमेरिका और आसियान में रॉयल एनफील्ड का एक्सपोर्ट सुधर रहा है और यूके और ईयू फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का भी इसे फायदा मिलेगा। जहां ट्रायम्फ, होंडा, बेनेली और हीरो हार्ले जैसे कंपीटिटर की सेल्स 1,000-6,000 यूनिट्स पर टिकी हुई है जबकि रॉयल एनफील्ड महीने में औसत 92 हजार यूनिट्स बेचती है। जेफरीज के अनुसार गूगल ट्रेंड्स से भी पता चलता है कि रिटेल इंटरेस्ट के मामले में रॉयल एनफील्डा अपने कंपीटिटर की तुलना में बहुत आगे है।

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रॉयल एनफील्ड ने मजबूत की किलेबंदी

 रॉयल एनफील्ड ग्लोबल 2-व्हीलर स्पेस में रॉयल बेंगाल टाइगर की तरह दहाडऩे लगी है। मिलियन क्लब में शामिल होकर और अब ग्रोथ का हाई गियर लगा रही है। यह कहने में कोई दोराय नहीं है कि रॉयल एनफील्ड अलग लीग में है और इसके मुकाबले में जिन भी मेनस्ट्रीम कंपनियों ने क्रूजर मॉडल लॉन्च किए वे ज्यादातर स्ट्रगल कर रहे हैं। आइशर मोटर्स ग्रुप की रॉयल एनफील्ड मिड से हाई रेंज मोटरसाइकल सैगमेंट में बहुत तेज बढ़ रही है और मार्केट रिपोर्ट्स कहती हैं कि अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के दिल के करीब वाली हार्ले डेविडसन को निगलने लगी है। साथ में लगी टेबल से पता चलता है कि वर्ष 2010 के बाद एक और जहां रॉयल एनफील्ड की सेल्स 20 गुना हो चुकी है वहीं हार्ले डेविडसन की अमूमन आधी रह गई है। सीएलएसए, जेफरीज और मैक्वॉयरी आदि दिग्गज ब्रोकरेज फम्र्स ने अपनी रिसर्च रिपोर्ट में कहा है कि रॉयल एनफील्ड  को जबरदस्त ब्रांड पुल मिल रहा है। यूथ फोकस्ड स्ट्रेटेजी और भारत में प्रीमियम प्रोडक्ट्स की ओर डिमांड शिफ्ट होने के मिले जुले असर से रॉयल एनफील्ड के लिए जबरदस्त कस्टमर कैचमेंट तैयार हो रहा है और कैपिटलाइज करने में मिल रही कामयाबी के चलते रॉयल एनफील्ड ....इन अ क्लास ऑफ इट्स ओन...में किलेबंदी कर रही है।  रॉयल एनफील्ड ने कंपीटिशन को पीछे छोड़ दिया है और अपने सभी वैरिएंट्स में डोमिनेंट पोजिशन हासिल कर ली है। जेफरीज के डेटा के अनुसार रॉयल एनफील्ड का दबदबा हंटर 350 से शुरू होता है। यह बहुत तेजी से युवाओं में ट्रेंड करने लगी है और इस मॉडल के दम पर रॉयल एनफील्ड की सेल्स में 25 वर्ष से कम आयु के बायर्स का का शेयर 30-35 से बढक़र 40 परसेंट हो गया है। बड़ी बात यह है कि एंट्री लेवल पर पोजिशन होने के बावजूद हंटर फ्लैगशिप रेंज क्लासिक की सेल्स को कैनिबलाइज नहीं कर रही है। कैनिबलाइज करना यानी एक ही कंपनी के दो प्रोडक्ट्स में कंपीटिशन शुरू हो जाना। हंटर सीरीज ने अपने लिए टीवीएस अपाचे, यामहा एमटी-15 और रिट्रो प्रतिद्वंद्वियों जैसे जावा 42 और होंडा सीबी350 जैसे कंपीटिटर तलाश लिए हैं। हंटर की वॉल्यूम ग्रोथ के बावजूद कंपनी का फ्लेगशिप मॉडल क्लासिक 350 सबसे अधिक वॉल्यूम वाला मॉडल बना हुआ है, और होंडा सीबी350, जावा क्लासिक और येजदी रोडस्टर जैसे कंपीटिटर के अटैक से बेअसर बना हुआ है। 350सीसी की बुलट रॉयल एनफील्ड ब्रांड को रूरल और सेमी अर्बन मार्केट्स में मजबूत बनाए हुए है। कुछ हद तक जावा के सिवाय इसका कोई कंपीटिशन नहीं है। बुलट लीगेसी पहचान के दम पर टिकी हुई है वहीं मीटियोर 350, आरई के 350सीसी क्रूजर के नीश सेगमेंट में हाई परफॉर्मर साबित हो रही है। इंटरसेप्टर, कॉन्टिनेंटल जीटी, और हिमालयन 450 मिलकर प्रीमियम  पोर्टफोलियो मजबूत कर रहे हैं। मैक्वॉयरी के अनुसार लैटिन अमेरिका और आसियान में रॉयल एनफील्ड का एक्सपोर्ट सुधर रहा है और यूके और ईयू फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का भी इसे फायदा मिलेगा। जहां ट्रायम्फ, होंडा, बेनेली और हीरो हार्ले जैसे कंपीटिटर की सेल्स 1,000-6,000 यूनिट्स पर टिकी हुई है जबकि रॉयल एनफील्ड महीने में औसत 92 हजार यूनिट्स बेचती है। जेफरीज के अनुसार गूगल ट्रेंड्स से भी पता चलता है कि रिटेल इंटरेस्ट के मामले में रॉयल एनफील्डा अपने कंपीटिटर की तुलना में बहुत आगे है।


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