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24-04-2026

एफडीआई वाली कंपनियों की नेट सेल्स ग्रोथ 2024-25 में घटकर रही 8.7%

  •  विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) वाली कंपनियों की शुद्ध बिक्री वृद्धि वर्ष 2024-25 में घटकर 8.7 प्रतिशत रह गई, जो इससे पिछले वर्ष 9.4 प्रतिशत थी। इन कंपनियों की वित्तीय स्थिति पर भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के आंकड़ों से यह जानकारी मिली। केंद्रीय बैंक ने भारत में गैर-सरकारी गैर-वित्तीय (एनजीएनएफ) प्रत्यक्ष विदेशी निवेश वाली कंपनियों के वित्तीय प्रदर्शन से संबंधित आंकड़े जारी किए। ये आंकड़े 3,100 कंपनियों के ऑडिट किए गए वार्षिक खातों पर आधारित हैं, जिन्होंने भारतीय लेखा मानक प्रारूप में अपनी रिपोर्ट दी थी। आरबीआई ने कहा, उद्योग के आधार पर देखें तो सेवा क्षेत्र की शुद्ध बिक्री वृद्धि पिछले वर्ष के 12.2 प्रतिशत से मामूली बढक़र 12.7 प्रतिशत हो गई, जबकि विनिर्माण क्षेत्र के लिए यह पिछले वर्ष के 6.8 प्रतिशत से घटकर 5.1 प्रतिशत रह गई। इन आंकड़ों में शामिल कंपनियों में आधी से अधिक कंपनियों में सिंगापुर, अमेरिका और मॉरीशस से प्रत्यक्ष निवेश था। भारत में प्रत्यक्ष निवेश के अन्य प्रमुख स्रोतों में जापान, नीदरलैंड और ब्रिटेन शामिल थे। इसमें कहा गया है कि आंकड़ों में शामिल अधिकांश कंपनियां विनिर्माण और सेवा क्षेत्र की थीं। सेवा क्षेत्र के भीतर एक-तिहाई से अधिक कंपनियां सूचना और संचार उद्योगों से संबंधित हैं। बिक्री में मामूली वृद्धि और बढ़ते खर्चों के बीच परिचालन लाभ की वृद्धि 2024-25 में घटकर 10.7 प्रतिशत रह गई, जो इससे पिछले वर्ष 22.1 प्रतिशत थी। पब्लिक लिमिटेड एफडीआई कंपनियों की तुलना में प्राइवेट लिमिटेड एफडीआई कंपनियों ने अधिक लाभ वृद्धि दिखाई।

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एफडीआई वाली कंपनियों की नेट सेल्स ग्रोथ 2024-25 में घटकर रही 8.7%

 विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) वाली कंपनियों की शुद्ध बिक्री वृद्धि वर्ष 2024-25 में घटकर 8.7 प्रतिशत रह गई, जो इससे पिछले वर्ष 9.4 प्रतिशत थी। इन कंपनियों की वित्तीय स्थिति पर भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के आंकड़ों से यह जानकारी मिली। केंद्रीय बैंक ने भारत में गैर-सरकारी गैर-वित्तीय (एनजीएनएफ) प्रत्यक्ष विदेशी निवेश वाली कंपनियों के वित्तीय प्रदर्शन से संबंधित आंकड़े जारी किए। ये आंकड़े 3,100 कंपनियों के ऑडिट किए गए वार्षिक खातों पर आधारित हैं, जिन्होंने भारतीय लेखा मानक प्रारूप में अपनी रिपोर्ट दी थी। आरबीआई ने कहा, उद्योग के आधार पर देखें तो सेवा क्षेत्र की शुद्ध बिक्री वृद्धि पिछले वर्ष के 12.2 प्रतिशत से मामूली बढक़र 12.7 प्रतिशत हो गई, जबकि विनिर्माण क्षेत्र के लिए यह पिछले वर्ष के 6.8 प्रतिशत से घटकर 5.1 प्रतिशत रह गई। इन आंकड़ों में शामिल कंपनियों में आधी से अधिक कंपनियों में सिंगापुर, अमेरिका और मॉरीशस से प्रत्यक्ष निवेश था। भारत में प्रत्यक्ष निवेश के अन्य प्रमुख स्रोतों में जापान, नीदरलैंड और ब्रिटेन शामिल थे। इसमें कहा गया है कि आंकड़ों में शामिल अधिकांश कंपनियां विनिर्माण और सेवा क्षेत्र की थीं। सेवा क्षेत्र के भीतर एक-तिहाई से अधिक कंपनियां सूचना और संचार उद्योगों से संबंधित हैं। बिक्री में मामूली वृद्धि और बढ़ते खर्चों के बीच परिचालन लाभ की वृद्धि 2024-25 में घटकर 10.7 प्रतिशत रह गई, जो इससे पिछले वर्ष 22.1 प्रतिशत थी। पब्लिक लिमिटेड एफडीआई कंपनियों की तुलना में प्राइवेट लिमिटेड एफडीआई कंपनियों ने अधिक लाभ वृद्धि दिखाई।


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