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19-05-2026

हाइब्रिड म्यूचुअल फंड ने बीते वित्त वर्ष में 1.55 लाख करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित किया

  •  बाजार में उतार-चढ़ाव और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच निवेशकों ने संतुलित निवेश विकल्पों की ओर रुख किया है, जिसके चलते हाइब्रिड म्यूचुअल फंड योजनाओं में वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 1.55 लाख करोड़ रुपये का निवेश आया, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 29 प्रतिशत अधिक है। हाइब्रिड म्यूचुअल फंड एक साथ कई तरह की संपत्तियों में निवेश करता है। मसलन शेयर, बॉन्ड आदि में। इसका उद्देश्य जोखिम और प्रतिफल में संतुलन बनाना होता है। भारतीय म्यूचुअल फंड उद्योग के संगठन एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) के आंकड़ों के अनुसार, मार्च, 2026 तक हाइब्रिड फंड के फोलियो बढक़र 1.9 करोड़ हो गए, जबकि एक साल पहले यह संख्या 1.56 करोड़ थी। इस दौरान लगभग 34 लाख नए निवेशक खाते जुड़े। इस श्रेणी की परिसंपत्तियों का प्रबंधन (एयूएम) भी बढक़र 10.35 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो मार्च, 2025 में 8.83 लाख करोड़ रुपये था। एडलवाइस म्यूचुअल फंड की प्रबंध निदेशक (एमडी) और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) राधिका गुप्ता ने कहा, ‘‘हाइब्रिड फंड (मिश्रित निवेश योजना) ने मजबूत वृद्धि दर्ज की है क्योंकि निवेशक अस्थिर समय में संतुलित निवेश विकल्पों की तलाश कर रहे हैं।’’गुप्ता ने कहा, "एयूएम में वृद्धि यह दर्शाती है कि निवेशक विविध पोर्टफोलियो और परिसंपत्ति आवंटन आधारित निवेश को अधिक प्राथमिकता दे रहे हैं। हाइब्रिड फंड अब उन निवेशकों के लिए मुख्य विकल्प बनते जा रहे हैं जो अपेक्षाकृत कम जोखिम के साथ इक्विटी में भागीदारी चाहते हैं।

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हाइब्रिड म्यूचुअल फंड ने बीते वित्त वर्ष में 1.55 लाख करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित किया

 बाजार में उतार-चढ़ाव और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच निवेशकों ने संतुलित निवेश विकल्पों की ओर रुख किया है, जिसके चलते हाइब्रिड म्यूचुअल फंड योजनाओं में वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 1.55 लाख करोड़ रुपये का निवेश आया, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 29 प्रतिशत अधिक है। हाइब्रिड म्यूचुअल फंड एक साथ कई तरह की संपत्तियों में निवेश करता है। मसलन शेयर, बॉन्ड आदि में। इसका उद्देश्य जोखिम और प्रतिफल में संतुलन बनाना होता है। भारतीय म्यूचुअल फंड उद्योग के संगठन एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) के आंकड़ों के अनुसार, मार्च, 2026 तक हाइब्रिड फंड के फोलियो बढक़र 1.9 करोड़ हो गए, जबकि एक साल पहले यह संख्या 1.56 करोड़ थी। इस दौरान लगभग 34 लाख नए निवेशक खाते जुड़े। इस श्रेणी की परिसंपत्तियों का प्रबंधन (एयूएम) भी बढक़र 10.35 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो मार्च, 2025 में 8.83 लाख करोड़ रुपये था। एडलवाइस म्यूचुअल फंड की प्रबंध निदेशक (एमडी) और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) राधिका गुप्ता ने कहा, ‘‘हाइब्रिड फंड (मिश्रित निवेश योजना) ने मजबूत वृद्धि दर्ज की है क्योंकि निवेशक अस्थिर समय में संतुलित निवेश विकल्पों की तलाश कर रहे हैं।’’गुप्ता ने कहा, "एयूएम में वृद्धि यह दर्शाती है कि निवेशक विविध पोर्टफोलियो और परिसंपत्ति आवंटन आधारित निवेश को अधिक प्राथमिकता दे रहे हैं। हाइब्रिड फंड अब उन निवेशकों के लिए मुख्य विकल्प बनते जा रहे हैं जो अपेक्षाकृत कम जोखिम के साथ इक्विटी में भागीदारी चाहते हैं।


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