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25-08-2025

काली मिर्च, जीरा, लाल मिर्च, इमली, अमचूर, मखाना, बादाम गिरी एवं सौंठ में तेजी

  •  गत सप्ताह काली मिर्च जीरा लाल मिर्च अमचूर इमली मखाना बादाम गिरी एवं सौठ में तेजी लिए बाजार बंद हुए, जबकि बिकवाली के प्रेशर में हल्दी धनिया किशमिश में मंदा बना रहा। अन्य किराना मेवे में स्थिरता रही। आलोच्य सप्ताह कर्नाटक की मंडियों में काली मिर्च की आपूर्ति घट जाने तथा स्टॉकिस्टों की लिवाली से वहां 15/20 रुपए प्रति किलो की तेजी आ गई। उत्तर भारत की मंडियों में पड़ते के अभाव में आपूर्ति घट गई, जिससे यहां इसके भाव 20 रुपए बढक़र एवरेज क्वालिटी के 740/750 रुपए प्रति किलो हो गए। यहां साढ़े बारह नंबर की काली मिर्च 800 रुपए तक बोली गई। इसके अलावा लाल मिर्ची का गुंटूर लाइन के कोल्ड स्टोरों में स्टॉक कम होने तथा इस बार हल्के माल बिहार बंगाल झारखंड असम एवं बंगाल के लिए 60 प्रतिशत निकल जाने से हल्के मालों की कमी बनने लगी है, जिससे बढिय़ा माल की कदर बढ़ गई है। इसके प्रभाव से यहां भी दंडीदार तेजा 130/170 से बढक़र 150/180 रुपए प्रति किलो हो गई। जो माल 145 रुपए बिका था, उसके भाव 165 रुपए व्यापार हो गया। इधर फुल कट के भाव भी ऊपर में 215/220 रुपए बोलने लगे। इसके अलावा अमचूर मध्य प्रदेश आंध्र प्रदेश छत्तीसगढ़ में लगातार बरसात होने से इस बार बढिय़ा क्वालिटी का माल नहीं आया है, हल्के माल भी कम होने से 10 रुपए बढक़र एवरेज क्वालिटी के 90/125 रुपए प्रति किलो हो गए। बढिय़ा व्हाइट माल की कमी है, जिससे उसके भाव 160 रुपए भी बोल रहे हैं। छिंदवाड़ा डंडोयचा लाइन के माल 190/200 रुपए तक बोलने लगे हैं। इधर इमली भी उत्पादन कम होने तथा खपत वाले उद्योगों की मांग से ½ रुपए और बढक़र जगदलपुर 57/58 रुपए एवं रांची 54/55 रुपए प्रति किलो हो गई। चपाती में भी तेजी दर्ज की गई। सौंठ दो-तीन वर्षों से उत्पादन अधिक होने एवं पुराना स्टॉक बचने से पूरी तरह मंदे के दलदल में फंस गई थी, जो नीचे वाले भाव पर पिसाई वालों की मांग निकलते ही 10 रुपए बढक़र 245/250 रुपए प्रति किलो हो गई। बढिय़ा माल सिलेक्टेड 275 रुपए तक बोला गया। इधर मखाना भी बिहार की मंडियों में खपत के अनुरूप आपूर्ति नहीं होने से वहां 70/80 रुपए प्रति किलो बढक़र हरदा में 930/940 रुपए, घगेराबारी पूर्णिया दरभंगा में 840/875 रुपए के बीच बिक गया। इसके प्रभाव से यहां भी 50 रुपए बढक़र एवरेज क्वालिटी का 1050/1100 रुपए तथा बढिय़ा लावा 1450 रुपए तक बोला गया। दूसरी ओर हल्दी सटोरियों की बिकवाली से 2 रुपए और घटकर ईरोड ऐज ईटीज गा 131/132 रुपए प्रति किलो रह गई। धनिया भी ग्राहकी के अभाव में एक-दो रुपए घटकर बादामी 85/87 रुपए एवं ईगल 89-90 रुपए पर आ गया। मेवा बाजार में किशमिश इस चालू वर्ष में आई रिकॉर्ड तेजी के बाद ऊंचे वाले भाव में मुनाफा वसूली बिकवाली आने से 500 रुपए घटकर 17000/19000 रुपए प्रति 40 किलो इंडियन हरी रह गई। अन्य क्वालिटी में भी इसी अनुपात में गिरावट दर्ज की गई, जबकि विगत 3 महीना से बादाम गिरी के कंटेनरों की बाढ़ आने से पूरी तरह मंदे का दलदल बन गया था। अब नीचे वाले भाव में लोकल वह चालनी मांग निकलने से 30 रुपए बढक़र बादाम गिरी कैलिफोर्निया के भाव 710/715 रुपए प्रति किलो हो गए। गुरुबंदी व इंडिपेंडेंस माल में भी इसी अनुपात में बढ़त लिए बाजार बंद हुए। साबुत में भी मजबूती दर्ज की गई। अखरोट पहले से ही शॉर्टेज में चल रहा है, जिससे इसमें भी बाजार तेज बोले गए। अन्य किरण में मिला-जुला रुख रहा।

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काली मिर्च, जीरा, लाल मिर्च, इमली, अमचूर, मखाना, बादाम गिरी एवं सौंठ में तेजी

 गत सप्ताह काली मिर्च जीरा लाल मिर्च अमचूर इमली मखाना बादाम गिरी एवं सौठ में तेजी लिए बाजार बंद हुए, जबकि बिकवाली के प्रेशर में हल्दी धनिया किशमिश में मंदा बना रहा। अन्य किराना मेवे में स्थिरता रही। आलोच्य सप्ताह कर्नाटक की मंडियों में काली मिर्च की आपूर्ति घट जाने तथा स्टॉकिस्टों की लिवाली से वहां 15/20 रुपए प्रति किलो की तेजी आ गई। उत्तर भारत की मंडियों में पड़ते के अभाव में आपूर्ति घट गई, जिससे यहां इसके भाव 20 रुपए बढक़र एवरेज क्वालिटी के 740/750 रुपए प्रति किलो हो गए। यहां साढ़े बारह नंबर की काली मिर्च 800 रुपए तक बोली गई। इसके अलावा लाल मिर्ची का गुंटूर लाइन के कोल्ड स्टोरों में स्टॉक कम होने तथा इस बार हल्के माल बिहार बंगाल झारखंड असम एवं बंगाल के लिए 60 प्रतिशत निकल जाने से हल्के मालों की कमी बनने लगी है, जिससे बढिय़ा माल की कदर बढ़ गई है। इसके प्रभाव से यहां भी दंडीदार तेजा 130/170 से बढक़र 150/180 रुपए प्रति किलो हो गई। जो माल 145 रुपए बिका था, उसके भाव 165 रुपए व्यापार हो गया। इधर फुल कट के भाव भी ऊपर में 215/220 रुपए बोलने लगे। इसके अलावा अमचूर मध्य प्रदेश आंध्र प्रदेश छत्तीसगढ़ में लगातार बरसात होने से इस बार बढिय़ा क्वालिटी का माल नहीं आया है, हल्के माल भी कम होने से 10 रुपए बढक़र एवरेज क्वालिटी के 90/125 रुपए प्रति किलो हो गए। बढिय़ा व्हाइट माल की कमी है, जिससे उसके भाव 160 रुपए भी बोल रहे हैं। छिंदवाड़ा डंडोयचा लाइन के माल 190/200 रुपए तक बोलने लगे हैं। इधर इमली भी उत्पादन कम होने तथा खपत वाले उद्योगों की मांग से ½ रुपए और बढक़र जगदलपुर 57/58 रुपए एवं रांची 54/55 रुपए प्रति किलो हो गई। चपाती में भी तेजी दर्ज की गई। सौंठ दो-तीन वर्षों से उत्पादन अधिक होने एवं पुराना स्टॉक बचने से पूरी तरह मंदे के दलदल में फंस गई थी, जो नीचे वाले भाव पर पिसाई वालों की मांग निकलते ही 10 रुपए बढक़र 245/250 रुपए प्रति किलो हो गई। बढिय़ा माल सिलेक्टेड 275 रुपए तक बोला गया। इधर मखाना भी बिहार की मंडियों में खपत के अनुरूप आपूर्ति नहीं होने से वहां 70/80 रुपए प्रति किलो बढक़र हरदा में 930/940 रुपए, घगेराबारी पूर्णिया दरभंगा में 840/875 रुपए के बीच बिक गया। इसके प्रभाव से यहां भी 50 रुपए बढक़र एवरेज क्वालिटी का 1050/1100 रुपए तथा बढिय़ा लावा 1450 रुपए तक बोला गया। दूसरी ओर हल्दी सटोरियों की बिकवाली से 2 रुपए और घटकर ईरोड ऐज ईटीज गा 131/132 रुपए प्रति किलो रह गई। धनिया भी ग्राहकी के अभाव में एक-दो रुपए घटकर बादामी 85/87 रुपए एवं ईगल 89-90 रुपए पर आ गया। मेवा बाजार में किशमिश इस चालू वर्ष में आई रिकॉर्ड तेजी के बाद ऊंचे वाले भाव में मुनाफा वसूली बिकवाली आने से 500 रुपए घटकर 17000/19000 रुपए प्रति 40 किलो इंडियन हरी रह गई। अन्य क्वालिटी में भी इसी अनुपात में गिरावट दर्ज की गई, जबकि विगत 3 महीना से बादाम गिरी के कंटेनरों की बाढ़ आने से पूरी तरह मंदे का दलदल बन गया था। अब नीचे वाले भाव में लोकल वह चालनी मांग निकलने से 30 रुपए बढक़र बादाम गिरी कैलिफोर्निया के भाव 710/715 रुपए प्रति किलो हो गए। गुरुबंदी व इंडिपेंडेंस माल में भी इसी अनुपात में बढ़त लिए बाजार बंद हुए। साबुत में भी मजबूती दर्ज की गई। अखरोट पहले से ही शॉर्टेज में चल रहा है, जिससे इसमें भी बाजार तेज बोले गए। अन्य किरण में मिला-जुला रुख रहा।


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