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13-05-2026

अप्रैल में गोल्ड ईटीएफ में निवेश 34% बढ़ा

  •  सोमवार को जारी एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एएमएफआई) के आंकड़ों के अनुसार, भारत में म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में अप्रैल के दौरान निवेशकों की भागीदारी मजबूत बनी रही। इस दौरान कुल इंडस्ट्री इनफ्लो बढक़र 3.22 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया। वहीं, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और वैश्विक अनिश्चितता के माहौल में गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) में भी जोरदार निवेश देखने को मिला। आंकड़ों के अनुसार, एक्टिवली मैनेज्ड इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में अप्रैल के दौरान 38,440.20 करोड़ रुपए का शुद्ध निवेश आया। इक्विटी कैटेगरी में फ्लेक्सी-कैप फंड सबसे आगे रहे, जहां अप्रैल में 10,147.85 करोड़ रुपए का निवेश हुआ। इसके अलावा, स्मॉल-कैप फंड्स में 6,885.90 करोड़ रुपए और मिड-कैप फंड्स में 6,551.40 करोड़ रुपए का निवेश दर्ज किया गया। वहीं, लार्ज-कैप फंड्स में भी 2,524.61 करोड़ रुपए का निवेश आया। एएमएफआई के मुताबिक, अप्रैल में गोल्ड ईटीएफ में 3,040.3 करोड़ रुपए का शुद्ध निवेश हुआ, जो महीने-दर-महीने आधार पर 34 प्रतिशत अधिक है। 30 अप्रैल तक गोल्ड ईटीएफ का कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) बढक़र 1.78 लाख करोड़ रुपए पहुंच गया। दुनिया भर में भी निवेशकों ने अप्रैल के दौरान गोल्ड ईटीएफ में दोबारा निवेश बढ़ाया। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के अनुसार, अप्रैल में वैश्विक गोल्ड ईटीएफ में 6.6 अरब डॉलर का निवेश आया। इसमें यूरोप के फंड्स सबसे आगे रहे और सभी क्षेत्रों में सकारात्मक निवेश दर्ज किया गया। डेट म्यूचुअल फंड्स में अप्रैल के दौरान 2.47 लाख करोड़ रुपए का निवेश आया, जिसमें ओवरनाइट और लिक्विड फंड्स में सबसे ज्यादा निवेश देखा गया। ओवरनाइट फंड्स में 31,420.45 करोड़ रुपए और लिक्विड फंड्स में 1.65 लाख करोड़ रुपए का निवेश हुआ। इससे पहले अप्रैल में घरेलू म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री ने वित्त वर्ष 2025-26 का समापन 73.73 लाख करोड़ रुपए के एसेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) के साथ किया था। शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद पूरे साल में इंडस्ट्री के एयूएम में 12.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और करीब 8 लाख करोड़ रुपए की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

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अप्रैल में गोल्ड ईटीएफ में निवेश 34% बढ़ा

 सोमवार को जारी एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एएमएफआई) के आंकड़ों के अनुसार, भारत में म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में अप्रैल के दौरान निवेशकों की भागीदारी मजबूत बनी रही। इस दौरान कुल इंडस्ट्री इनफ्लो बढक़र 3.22 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया। वहीं, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और वैश्विक अनिश्चितता के माहौल में गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) में भी जोरदार निवेश देखने को मिला। आंकड़ों के अनुसार, एक्टिवली मैनेज्ड इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में अप्रैल के दौरान 38,440.20 करोड़ रुपए का शुद्ध निवेश आया। इक्विटी कैटेगरी में फ्लेक्सी-कैप फंड सबसे आगे रहे, जहां अप्रैल में 10,147.85 करोड़ रुपए का निवेश हुआ। इसके अलावा, स्मॉल-कैप फंड्स में 6,885.90 करोड़ रुपए और मिड-कैप फंड्स में 6,551.40 करोड़ रुपए का निवेश दर्ज किया गया। वहीं, लार्ज-कैप फंड्स में भी 2,524.61 करोड़ रुपए का निवेश आया। एएमएफआई के मुताबिक, अप्रैल में गोल्ड ईटीएफ में 3,040.3 करोड़ रुपए का शुद्ध निवेश हुआ, जो महीने-दर-महीने आधार पर 34 प्रतिशत अधिक है। 30 अप्रैल तक गोल्ड ईटीएफ का कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) बढक़र 1.78 लाख करोड़ रुपए पहुंच गया। दुनिया भर में भी निवेशकों ने अप्रैल के दौरान गोल्ड ईटीएफ में दोबारा निवेश बढ़ाया। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के अनुसार, अप्रैल में वैश्विक गोल्ड ईटीएफ में 6.6 अरब डॉलर का निवेश आया। इसमें यूरोप के फंड्स सबसे आगे रहे और सभी क्षेत्रों में सकारात्मक निवेश दर्ज किया गया। डेट म्यूचुअल फंड्स में अप्रैल के दौरान 2.47 लाख करोड़ रुपए का निवेश आया, जिसमें ओवरनाइट और लिक्विड फंड्स में सबसे ज्यादा निवेश देखा गया। ओवरनाइट फंड्स में 31,420.45 करोड़ रुपए और लिक्विड फंड्स में 1.65 लाख करोड़ रुपए का निवेश हुआ। इससे पहले अप्रैल में घरेलू म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री ने वित्त वर्ष 2025-26 का समापन 73.73 लाख करोड़ रुपए के एसेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) के साथ किया था। शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद पूरे साल में इंडस्ट्री के एयूएम में 12.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और करीब 8 लाख करोड़ रुपए की बढ़ोतरी दर्ज की गई।


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