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Daily Business Newspaper | A Knowledge Powerhouse in Hindi

06-06-2026

बिनौला तेल : अधिक मंदा नहीं

  •  आपूर्ति कमजोर होने तथा मांग बढऩे से बिनौला तेल के भाव,750 रुपए प्रति कुंतल बढ़ गए। भविष्य मेंभी इसमे गिरावट की संभावना कम है। बाजार रुक रह सकता है। बिनौला तेल की तेजी मंदी के बारे में खबरें पढऩे को मिलती रहती है इसी तारतम्य में ताजा सर्वे के अनुसार हरियाणा पंजाब की बिकवाली कमजोर होने वनस्पति घी व रिफाइंड मिलो की मांग बढऩे एक माह के दौरान बिनौला तेल के भाव 750 रुपए बढक़र 15000 रुपए प्रति कुंतल हो गए। महाराष्ट्र में भी बिक वाली कमजोर होने से बिनोला रिफाइंड के भाव इसी अनुपात में बढक़र 15750 रुपए प्रति क्विटंल  हो गए। उत्तर भारत की मंडियों में मंडियों में कपास की आवक लगभग समाप्त हो गई है। जिससे उक्त अवधि के दौरान पंजाब की मंडियों में बिनोला की कीमतें निचले स्तर से 300 रुपए बढक़र 4500/4600 रुपए प्रति क्विंटल हो गए। उक्त अवधि के दौरान विदेशी मुद्रा बाजार में डॉलर की तुलना मे रुपया लुढक़ गया। रुपए की कीमतों में आई भारी गिरावट के कारण आयात महंगा होने से होने के कारण विदेशी तेलों के कीमत में तेजी का रख रहा। वर्तमान में अमेरिका इजरायल व ईरान में संघर्ष जारी है। इन परिस्थितियों को देखते हुए को देखते हुए इसमें भविष्य में इसमें गिरावट की संभावना नहीं लग रही है। बाजार 400/500 रुपए प्रति कुंतल की तेजी मंदी के बीच में घूमता रह सकता है। 

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बिनौला तेल : अधिक मंदा नहीं

 आपूर्ति कमजोर होने तथा मांग बढऩे से बिनौला तेल के भाव,750 रुपए प्रति कुंतल बढ़ गए। भविष्य मेंभी इसमे गिरावट की संभावना कम है। बाजार रुक रह सकता है। बिनौला तेल की तेजी मंदी के बारे में खबरें पढऩे को मिलती रहती है इसी तारतम्य में ताजा सर्वे के अनुसार हरियाणा पंजाब की बिकवाली कमजोर होने वनस्पति घी व रिफाइंड मिलो की मांग बढऩे एक माह के दौरान बिनौला तेल के भाव 750 रुपए बढक़र 15000 रुपए प्रति कुंतल हो गए। महाराष्ट्र में भी बिक वाली कमजोर होने से बिनोला रिफाइंड के भाव इसी अनुपात में बढक़र 15750 रुपए प्रति क्विटंल  हो गए। उत्तर भारत की मंडियों में मंडियों में कपास की आवक लगभग समाप्त हो गई है। जिससे उक्त अवधि के दौरान पंजाब की मंडियों में बिनोला की कीमतें निचले स्तर से 300 रुपए बढक़र 4500/4600 रुपए प्रति क्विंटल हो गए। उक्त अवधि के दौरान विदेशी मुद्रा बाजार में डॉलर की तुलना मे रुपया लुढक़ गया। रुपए की कीमतों में आई भारी गिरावट के कारण आयात महंगा होने से होने के कारण विदेशी तेलों के कीमत में तेजी का रख रहा। वर्तमान में अमेरिका इजरायल व ईरान में संघर्ष जारी है। इन परिस्थितियों को देखते हुए को देखते हुए इसमें भविष्य में इसमें गिरावट की संभावना नहीं लग रही है। बाजार 400/500 रुपए प्रति कुंतल की तेजी मंदी के बीच में घूमता रह सकता है। 


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