आजकल की जिंदगी काफी तेज हो गई है। सुबह से शाम तक काम, तनाव और जिम्मेदारियों में लोग इतने उलझे रहते हैं कि अपने शरीर की ओर ध्यान ही नहीं दे पाते। थकावट हो या हल्का दर्द, लोग अक्सर इसे नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन यही छोटी-छोटी बातें आगे चलकर बड़ी बीमारी बन सकती हैं। शरीर जब दर्द करता है, तो वह हमें कुछ बताने की कोशिश करता है। यह कोई आम दर्द नहीं होता, बल्कि एक संकेत होता है कि शरीर के अंदर कुछ कमी है या कोई परेशानी शुरू हो रही है। इसलिए जरूरी है कि हम इन संकेतों को समय पर पहचानें और सही इलाज करें। जब आप सीढिय़ां चढ़ते हैं और पैरों में दर्द, थकावट या कमजोरी महसूस होती है, तो यह सिर्फ कमजोरी नहीं होती। एक्सपर्ट कहते हैं कि यह विटामिन डी की कमी का संकेत हो सकता है। यह विटामिन हमारी हड्डियों और मांसपेशियों के लिए बहुत जरूरी है। इसकी कमी से हड्डियां कमजोर होने लगती हैं और मांसपेशियों में ताकत कम हो जाती है। इसका आसान इलाज है रोज कुछ देर धूप में बैठें और दूध, अंडा, और मशरूम जैसी चीजें खाएं। जब आप सीढिय़ां उतरते हैं तो घुटनों में चुभन या तेज दर्द जैसा महसूस होता है, तो यह इस बात का इशारा हो सकता है कि आपके जोड़ों की कार्टिलेज घिसने लगी है। जब यह परत कम होने लगती है, तो हड्डियां आपस में टकराती हैं और दर्द होता है। यह आगे जाकर गठिया जैसी बीमारी बन सकती है। इससे बचने के लिए आयुर्वेद में उपाय बताया गया है। इस पर मेथी दाने का पेस्ट घुटनों पर लगाने से आराम मिल सकता है, साथ ही रोज हल्का व्यायाम भी जरूरी है। कुछ लोगों को थोड़ी देर खड़े रहने पर ही जोड़ों में दर्द या अकडऩ महसूस होती है। यह मामूली थकावट नहीं, बल्कि इंफ्लेमेशन का लक्षण हो सकता है। यह ऑस्टियोआर्थराइटिस या आर्थराइटिस की शुरुआत हो सकती है। आयुर्वेद में इस समस्या से बचने के लिए हल्दी और काली मिर्च वाला दूध पीना फायदेमंद होता है क्योंकि हल्दी में सूजन कम करने की ताकत होती है। लंबे समय तक बैठने के बाद उठने पर जोड़ों में तेज दर्द होता है। कई लोग इसे बढ़ती उम्र की बात मानकर छोड़ देते हैं, लेकिन यह गठिया का लक्षण हो सकता है। अगर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो दिक्कत बढ़ सकती है। ऐसे में जरूरी है कि आप रोजाना कुछ देर चलें, हल्की एक्सरसाइज करें, और शरीर को एक्टिव रखें।