हाथी के स्वामी ने मुस्कुराते हुए प्रश्नकर्ता को निम्न जवाब दिया- यह हाथी बचपन से मेरे पास रहता है और जब यह छोटा था, तब भी मैं इसे ऐसे ही पतली सी रस्सी से बांधता था। तब इसने कई बार पूरा जोर लगाकर स्वयं को छुड़ाने की कोशिश की थी लेकिन तब यह हाथी बच्चा ही था और ज्यादा ताकतवर भी नहीं था। इसलिये यह हर बार विफल रहा, समय के साथ यह बड़ा और बलशाली हो गया लेकिन बचपन के निष्फल प्रयास से इसके मन में यह बात गहराई सह घर कर चुकी है कि यह इस रस्सी को नहीं तोड़ पायेगा। इसलिये इसने अब रस्सी को तोडऩे का प्रयास करना ही छोड़ दिया है। मैं मानता हूं कि यदि यह चाहे तो इस रस्सी को एक मामूली से झटके से तोड़ सकता है लेकिन अपने पूर्वकालिक अनुभव के कारण यह आज भी अपने आप को कमजोर ही मानता है।